अंजू प्रजापति/रामपुर: रामपुर शहर न सिर्फ अपनी विविध संस्कृतियों और परंपराओं के लिए जाना जाता है, बल्कि यहां के खानपान में भी कुछ खास है. विशेष रूप से मिस्टन गंज मंदिर वाली गली में स्थित प्रेम गजक भंडार एक ऐसी दुकान है, जो अपने उम्दा स्वाद के लिए प्रसिद्ध है. दिलीप गोयल के अनुसार, उनकी दुकान लगभग 80 साल पुरानी है और इन्होंने कई पीढ़ियों से गजक बनाने और बेचने की परंपरा को जीवित रखा है. यहां 22 प्रकार की गजक बनाई जाती है, जिनमें तिल, मूंगफली, मेवा, गुड़, चीनी और देशी घी का उपयोग किया जाता है.
गजक को बनाने में मुख्य रूप से गुड़ और तिल का उपयोग किया जाता है, जो सर्दियों के मौसम में शरीर को गर्मी प्रदान करते हैं. इसके अलावा गजक में शामिल ताजे मेवे और देशी घी इसे और भी खास बना देते हैं. सर्दियों के मौसम में यहां की गजक का सेवन खांसी, जुकाम और ठंड से बचाव में मदद करता है और इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है.
प्रेम गजक भंडार में सबसे अधिक मांग कुटी हुई खस्ता गजक की है. जिसकी कीमत 280 रुपये से लेकर 600 रुपये तक होती है. इसके अलावा यहां की सादी गजक, केसर गजक, चन्द्र कला, पंजीरी गजक, देशी घी से बने लड्डू और मावे की रेवड़ी जैसे अन्य प्रकार की गजक भी बेहद लोकप्रिय है. गजक का स्वाद और इसकी सेहत संबंधी फायदे दोनों ही ग्राहकों को आकर्षित करते हैं. सर्दियों में तिल और गुड़ के इस मिश्रण का सेवन न केवल स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि यह शरीर के लिए एक औषधि का काम भी करता है. रामपुर के इस पुराने और मशहूर गजक भंडार में आने पर आप न सिर्फ स्वादिष्ट गजक का आनंद ले सकते हैं, बल्कि इसकी स्वास्थ्यवर्धक गुणों का भी पूरा फायदा उठा सकते हैं.
FIRST PUBLISHED : November 11, 2024, 10:38 IST
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