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इस देसी स्टाइल में बनाएं हरी मिर्च का अचार, सालों तक नहीं होगा खराब, बढ़ जाएगा हर खाने का स्वाद! – Uttar Pradesh News

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Green Chili Pickle: भारतीय रसोई में अचार बड़ा महत्त्व है. यह भोजन को खास बना देने वाली पारंपरिक डिश है. आम और नींबू का अचार भले ही हर घर में आसानी से मिल जाता हो, लेकिन हरी मिर्च का अचार अपने तीखेपन और खट्टेपन के अनोखे मेल के लिए बहुत मशहूर है. जाने हरी मिर्च के अचार बनाने के आसान टिप्स…

ताज़ी हरी मिर्च का सही चुनाव

एक अच्छा अचार वही है जिसकी शुरुआत सही सामग्री से हो. हरी मिर्च चुनते समय ध्यान रखें कि वे ताज़ी, चमकदार और थोड़ी मोटी हों. इन्हें धोकर अच्छी तरह सुखा लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि नमी रहने पर अचार जल्दी खराब हो सकता है. सामग्री में राई, सौंफ, मेथी, हल्दी, नमक और सरसों का तेल मुख्य रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं.

मसालों की स्वादिष्ट तैयारी

अचार का स्वाद काफी हद तक उसके मसालों पर निर्भर करता है. राई, सौंफ और मेथी को हल्का भूनने से उनकी खुशबू कई गुना बढ़ जाती है. इन्हें दरदरा पीसकर हल्दी, नमक और अमचूर पाउडर मिलाया जाता है. कुछ लोग इसमें नींबू का रस भी जोड़ते हैं, जिससे अचार में हल्की खटास आ जाती है और स्वाद और भी निखरता है.

हरी मिर्च को तैयार करने की प्रक्रिया

हरी मिर्च को लंबाई में हल्का-सा काटकर बीज निकाल लेना बेहतर माना जाता है. इससे मसाला अच्छे से अंदर भर पाता है और हर बाइट में स्वाद समान रहता है. सभी मिर्चों में तैयार मसाला सावधानी से भरा जाता है, ताकि मसाला बाहर न गिरे और अचार की खुशबू अंदर तक जाए.

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कांच की बोतल में सुरक्षित स्टोर करना

मसाला भरी हरी मिर्चों को एक साफ और बिल्कुल सूखी कांच की बोतल में रखना चाहिए. कांच की बोतल स्वाद को लंबे समय तक सुरक्षित रखती है और अचार की नमी नियंत्रित रहती है. मिर्चों को हल्के-से दबाकर बोतल में व्यवस्थित तरीके से डालें ताकि मसाले अच्छी तरह सेट हो जाएं.

सरसों का तेल, अचार की जान

बलिया जिले के चितबड़ागांव निवासी बुजुर्ग मंजू देवी ने कहा कि, सरसों का तेल न केवल अचार को लंबा जीवन देता है, बल्कि इसके स्वाद में देसी खुशबू भी जोड़ता है. तेल को अच्छी तरह गर्म करके ठंडा करना जरूरी है, जिससे उसका कड़वापन कम हो जाता है. तेल इतना होना चाहिए कि मिर्च पूरी तरह डूब जाएं. तेल का यह कवच अचार को खराब होने से बचाता है.

धूप में पकता है असली स्वाद

अचार को 7–10 दिनों तक धूप में रखने से मसाला और मिर्च पूरी तरह एक-दूसरे में घुल जाते हैं. हर दिन बोतल को हल्का-सा हिलाना अच्छा रहता है. इस दौरान अचार की खुशबू और रंग दोनों ही बेहद आकर्षक हो जाते हैं, और कुछ ही दिनों में अचार खाने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाता है.

स्वाद के साथ सेहत भी दोगुनी

हरी मिर्च का अचार न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है, बल्कि पाचन शक्ति को भी सुधारता है. मसालों में मौजूद गुण शरीर को गर्माहट देते हैं और भूख बढ़ाने में मदद करते हैं. हालांकि, यह अचार तीखा होता है, इसलिए जिसे मसाले से परेशानी हो, वह इसे सीमित मात्रा में खाए. कुल मिलाकर, हरी मिर्च का अचार हर भारतीय थाली का लाजवाब साथी है.

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इस देसी स्टाइल में बनाएं हरी मिर्च का अचार, सालों तक नहीं होगा खराब


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