Last Updated:
Rajasthan Traditional Gojha Recipe: गोझा प्राचीन पारंपरिक मिठाई है, जो त्योहारों, शादी-ब्याह और खास अवसरों पर बनाई जाती है. इसकी लेयर्ड बनावट और मीठी खुशबूदार चाशनी इसे अन्य मिठाइयों से अलग बनाती है. इसे बनाने में थोड़ी मेहनत जरूर लगती है, लेकिन स्वाद और खुशबू लाजवाब होती है. गोझा सौंफ, इलायची और केसर से तैयार होती है और धीमी आंच पर तलकर चाशनी में डुबोने से इसका स्वाद बढ़ जाता है. स्वास्थ्य के लिए भी यह लाभकारी है, क्योंकि सौंफ पाचन सुधारती है और देसी घी शरीर को गर्मी व ऊर्जा देता है.

प्राचीन काल से पारंपरिक मिठाइयों का अलग महत्व रहा है. ये केवल स्वाद ही नहीं देतीं, बल्कि त्योहारों, यादों और पारिवारिक मेल-मिलाप से भी जुड़ी होती हैं. गोझा ऐसी ही एक पारंपरिक मिठाई है, जो साधारण दिखने के बावजूद स्वाद में बेहद शाही होती है. इसकी खासियत इसकी लेयर्ड बनावट और मीठी, खुशबूदार चाशनी है, जो इसे अन्य मिठाइयों से अलग बनाती है. त्योहारों और खास अवसरों पर गोझा लोगों के दिल में हमेशा खास जगह बनाती है.

गोझा त्योहारों, शादी-ब्याह और खास अवसरों पर बनाई जाती है. सौंफ, इलायची और केसर की खुशबू इसे और भी खास बनाती है. इसे धीमी आंच पर सुनहरे रंग में तला जाता है और फिर मीठी चाशनी में डुबोया जाता है, जिससे इसका स्वाद दिल को भा जाता है. इस मिठाई को बनाने में मेहनत जरूर लगती है, लेकिन इसका परिणाम बहुत संतोषजनक होता है. गोझा न केवल खाने में लाजवाब है, बल्कि देखने और खुशबू में भी लोगों को आकर्षित करती है.

ग्रामीण गीता देवी ने बताया कि गोझा बनाना बेहद आसान है. इसमें थोड़ी मेहनत लगती है, लेकिन इसका स्वाद लाजवाब होता है. इसे बनाने के लिए मैदा 2.5 कप, नमक 1/4 चम्मच, बेकिंग सोडा दो चुटकी, सौंफ 1 चम्मच और देसी घी 1/4 कप की जरूरत होती है. चाशनी के लिए चीनी 1.5 कप, पानी 1.5 कप, हरी इलायची पाउडर 1/4 चम्मच और केसर आवश्यकतानुसार लिया जाता है. सही सामग्री और तरीके से बनाई गई गोझा स्वाद और खुशबू में बेहतरीन होती है.
Add Bharat.one as
Preferred Source on Google

सबसे पहले एक बड़े बर्तन में मैदा, नमक, बेकिंग सोडा, सौंफ और घी मिलाएं. इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम लेकिन सख्त आटा गूंथ लें. गूंथे हुए आटे को ढककर 20-30 मिनट के लिए रख दें ताकि यह अच्छे से सेट हो जाए. इस बीच एक पैन में चीनी, पानी, इलायची पाउडर और केसर डालकर मध्यम आंच पर चाशनी तैयार करें. चाशनी न बहुत गाढ़ी हो और न बहुत पतली, बल्कि एक तार जैसी स्थिरता वाली रखें ताकि गोझा बनाने में सही परिणाम मिले.

अब गूंथे हुए आटे को बेलकर चार बराबर हिस्सों में काट लें. सभी लेयर्स को एक के ऊपर एक रखकर हल्का सा दबाएँ और फिर रोल बनाकर दोबारा बेल लें. इसे मनचाहे आकार में काट लें. कढ़ाही में घी या तेल गरम करें और धीमी आंच पर गोझे को सुनहरे रंग तक तलें. तले हुए गोझे को सीधे तैयार चाशनी में डालें और 1-2 घंटे तक भीगने दें, ताकि चाशनी अंदर तक अच्छी तरह समा जाए और गोझा स्वाद और खुशबू में लाजवाब बन जाए.

गोझा न केवल स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है. इसमें इस्तेमाल सौंफ पाचन सुधारती है और इलायची गैस व अपच में मदद करती है. देसी घी ऊर्जा देता है और शरीर को गर्मी पहुंचाता है, जो खासकर सर्दियों में लाभकारी है. संतुलित मात्रा में गोझा का सेवन स्वाद के साथ-साथ ऊर्जा और ताजगी भी प्रदान करता है. यह मिठाई सिर्फ खाने में नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी मानी जाती है और त्योहारों व खास अवसरों पर खास आनंद देती है.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/recipe-traditional-gojha-rajasthani-sweet-layered-dessert-recipe-for-festivals-and-special-occasions-local18-10026796.html

















