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आंवला कैंडी रेसिपी: आंवला कैंडी को हेल्दी और स्वादिष्ट स्नैक माना जाता है. विटामिन सी से भरपूर यह कैंडी इम्यूनिटी बढ़ाने, पाचन सुधारने और सर्दियों में जुकाम-खांसी से बचाने में मदद करती है. इसे बनाने की प्रक्रिया आसान है. आंवले को भाप में उबालकर टुकड़े या पेस्ट तैयार किया जाता है, फिर चीनी या मिश्री के साथ पकाकर धूप में सुखाया जाता है. यह महीनों तक खराब नहीं होती और बच्चों के लिए फास्ट फूड का बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प है. इसके खट्टे-मीठे स्वाद और हल्की ताजगी की वजह से बच्चे इसे बड़े चाव से खाते हैं.
नागौर. आंवले को विटामिन सी का खजाना कहा जाता है. उसका हर रूप फायदेमंद माना गया है. इन्हीं रूपों में से एक आंवला कैंडी. एक ऐसा स्वादिष्ट हेल्दी स्नैक जिस बच्चे हो या बड़े हर कोई खा सकता है. आंवला कैंडी ना सिर्फ पेट और पाचन के लिए अच्छी होती, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है. इसे बनाने की प्रक्रिया बिल्कुल आसान है और उसके स्वाद में खटास, मिठास और हल्की सी ताजगी का अनोखा मिश्रण होता है. आंवला कैंडी स्वादिष्ट स्टोर सेहतमंद स्नैक है. जिसे आंवले को भाप में उबालकर उसका पेस्ट या टुकड़े बनाकर चीनी या मिश्री के साथ पकाया जाता है.
इसके बाद इसे धूप में सुखाया जाता है ताकि यह पूरी तरह क्रिस्प और स्टोर करने योग्य बन जाए. यह महीनों तक खराब नहीं होती और रोज खाने के लिए बेहतरीन घरेलू विकल्प है. यह बच्चों के लिए सबसे ज्यादा अच्छी मानी जाती है, क्योंकि बढ़ते हुए फास्ट फूड और कुरकुरे, चिप्स इनसे बचने के लिए सर्दियों में आंवला कैंडी को ज्यादा उपयोग किया जाता है और यह अपने खट्टे मीठे स्वाद के वजह से बच्चों में इसे खाने का बड़ा चाव रहता है.
आंवला कैंडी बनाने की विधि
सबसे पहले आंवले को साफ और नरम करना है. इसके लिए आंवले को अच्छी तरह धो लेना है, फिर इसके बीज निकाल लेने हैं. बीज निकालने के बाद से भाप में करीब 10 मिनट उबाल लेना है ताकि आंवला नरम हो जाए. भाप में उबालने से खट्टापन भी थोड़ा काम हो जाता है और आसानी से बच जाता है. इसके बाद उबले हुए आंवले को या तो टुकड़ो में इस्तेमाल करें या उसका हल्का पेस्ट बना लें. अब आंवले को कड़ाही में डालकर इसमें चीनी या मिश्री मिला लें और धीमी आंच पर पकने दें. जब तक की चीनी पूरी तरह पिघल कर आंवले में अच्छी तरह मिल ना जाए.
इस प्रक्रिया में आंवले के टुकड़े चमकदार और थोड़े पारदर्शी दिखने लगते हैं. यह असली संकेत होता है कि कैंडी बनकर तैयार हो रही है. इसके बाद अब आंवले को एक साफ थाली में डालकर धूप में दो-तीन दिन सुखाएं. धूप में नमी निकल जाती है और कैंडी लंबे समय तक बिल्कुल सही रहती है. इसी वजह से महीने तक स्टोर करके खाया जा सकता है. सूखने के बाद आंवले पर हल्की चीनी की कोटिंग कर सकते हैं. इसे कैंडी देखने में और भी आकर्षक लगती है बच्चों को बहुत पसंद आती है.
आंवला कैंडी के फायदे

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से Bharat.one हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से Bharat.one हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट… और पढ़ें
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/recipe-amla-candy-recipe-healthy-winter-snack-for-kids-immunity-booster-natural-superfood-local18-9889617.html

















