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Mooli Ki Chutney Recpie: मूली आमतौर पर सलाद, सब्जी या अचार के रूप में खाई जाती है, लेकिन रोज-रोज वही स्वाद बोर कर देता है. ऐसे में मूली की चटपटी चटनी एक बेहतरीन देसी विकल्प है. यह स्वाद में लाजवाब और बनाने में बेहद आसान है. मूली, मूली के हरे पत्ते, मिर्च, लहसुन, धनिया और मसालों से तैयार देसी चटनी रोटी या पराठे के साथ खूब जंचती है.
Mooli Ki Chutney: खासकर ठंडियों में घरों की रसोई में रौनक रहती है. सुबह होते ही गैस पर सिकते पराठों की खुशबू भूख बढ़ा देती है. अमूमन नाश्ते में मूली, आलू, गोभी और पनीर के गरमागरम पराठे बनते हैं. हालांकि, पराठों का असली स्वाद तब उभरकर आता है, जब इनके साथ कोई चटपटी और देसी चटनी हो. आमतौर पर लोग धनिया-पुदीना या टमाटर की चटनी खाते हैं. लेकिन, विंध्य के घरों में अब मूली की चटनी खूब लोकप्रिय हो रही है. यह चटनी झटपट बन जाती है और इसका देसी, तीखा स्वाद हर किसी को खूब पसंद आ रहा है. लोग बिना सब्जी के चटनी से ही कई पराठे खा जाते हैं.
गृहणी प्रियंका सिंह ने Bharat.one को बताया, मूली की चटनी का स्वाद टमाटर और लहसुन के बेस से ही निखरकर आता है. इसके लिए सबसे पहले पैन में थोड़ा सा तेल गर्म किया जाता है और उसमें टमाटर व लहसुन को हल्का भून लिया जाता है. पकने के बाद टमाटर का छिलका अपने आप ढीला हो जाता है, जिसे आसानी से अलग किया जा सकता है. यह प्रक्रिया चटनी को स्मूथ टेक्सचर और रिच फ्लेवर देने के लिए बेहद जरूरी होती है. भुने टमाटर और लहसुन से चटनी में खटास के साथ हल्की गर्माहट भी आ जाती है, जो स्वाद को खास बना देती है.
पत्ते फेंकना नहीं, चटनी में डालना है…
इसके बाद मूली को अच्छी तरह धोकर छील लिया जाता है और कद्दूकस किया जाता है. खास बात यह है कि मूली के पत्तों को फेंकने की बजाय बारीक काटकर चटनी में मिलाया जाता है. प्रियंका सिंह के अनुसार, मूली के पत्ते न सिर्फ पौष्टिक होते हैं, बल्कि चटनी में देसी मिट्टी जैसी खुशबू और अलग स्वाद भी जोड़ते हैं. मूली की हल्की मिठास, टमाटर की खटास और हरी मिर्च की तीखापन मिलकर चटनी को लाजवाब बना देते हैं.
चटनी का बेहतर विकल्प
भुने टमाटर-लहसुन को बाउल में निकालकर उसमें हरी मिर्च, धनिया, पुदीना, मूली के पत्ते और नमक डालकर अच्छे से मैश किया जाता है. इसके बाद नींबू का रस मिलाया जाता है, जिससे चटनी में ताजगी और हल्की टैंगीनेस बनी रहती है. आखिर में कद्दूकस की हुई मूली मिलाने से चटनी का क्रंच और टेक्सचर और बेहतर हो जाता है. प्रियंका सिंह बताती हैं कि यह चटनी पराठों के साथ-साथ रोटी, चावल और खिचड़ी के साथ भी खूब जचती है. जो लोग रोज-रोज धनिया-पुदीना की चटनी से ऊब चुके हैं, उनके लिए मूली की चटनी एकदम परफेक्ट विकल्प है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
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