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सीतामढ़ी की खुशबू चौधरी के बताए तरीके से बना हरी मिर्च का अचार स्वाद, खुशबू और पाचन शक्ति बढ़ाता है, सही मसाले और तेल से हर थाली का स्वाद दोगुना करता है.
सीतामढ़ी. भारतीय रसोई में अचार सदियों से स्वाद और परंपरा का अहम हिस्सा रहा है. आम और नींबू का अचार तो हर घर में आसानी से मिल जाता है, लेकिन हरी मिर्च का अचार अपने तीखेपन, खट्टेपन और देसी तड़के के कारण खास स्थान रखता है. सीतामढ़ी की गृहणी खुशबू चौधरी बताती हैं कि अच्छा अचार बनाने की शुरुआत सही मिर्च के चुनाव से होती है. ताज़ी, मोटी और चमकदार हरी मिर्च अचार को न सिर्फ स्वादिष्ट बनाती है, बल्कि इसे लंबे समय तक खराब होने से भी बचाती है. मिर्च धोने के बाद पूरी तरह सुखाना बेहद जरूरी है, क्योंकि हल्की-सी भी नमी अचार के खराब होने का कारण बन सकती है.
खुशबू चौधरी बताती हैं कि हरी मिर्च के अचार का असली जादू उसके मसाले में छिपा होता है. राई, मेथी और सौंफ को हल्का भूनकर दरदरा पीस लेने से इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. इसी में हल्दी, नमक और अमचूर मिलाकर मसाला तैयार किया जाता है. कई बार हल्की खटास के लिए नींबू का रस भी मिलाया जाता है. मिर्चों को हल्का-सा चीरकर बीज निकाल देने से मसाला अंदर तक भर जाता है और हर मिर्च एक जैसा स्वाद देती है. खुशबू का मानना है कि अचार बनाते समय धैर्य और सफाई सबसे बड़ा हथियार है- थोड़ी-सी भी लापरवाही स्वाद बिगाड़ सकती है.
खुशबू ही अचार को अलग पहचान देती है
मसाला भरने के बाद मिर्चों को कांच की साफ और पूरी तरह सूखी बोतल में रखना चाहिए. खुशबू चौधरी कहती हैं कि कांच की बोतल अचार के स्वाद को सुरक्षित रखती है और नमी को भी अंदर नहीं आने देती. मिर्चों को हल्का दबाकर जमाया जाए तो मसाला अच्छी तरह सेट होता है. इसके बाद आता है सरसों के तेल का दौर- अचार की जान! तेल को गर्म करके ठंडा करने से उसका कड़वापन निकल जाता है. इतनी मात्रा में तेल डालना चाहिए कि मिर्चें पूरी तरह डूब जाएं, ताकि वह सुरक्षित रहें और जल्दी खराब न हों. खुशबू का कहना है कि अच्छे तेल की खुशबू ही अचार को अलग पहचान देती है.
दोगुना कर देता है खाने का स्वाद
अचार को 7 से 10 दिनों तक धूप में रखने से इसका रंग, खुशबू और स्वाद पूरी तरह निखरकर सामने आता है. खुशबू चौधरी रोजाना बोतल को हल्के हाथों से हिलाने की सलाह देती हैं, ताकि तेल और मसाला बराबर फैल सके. समय पूरा होने पर यह देसी हरी मिर्च का अचार खाने का स्वाद दोगुना कर देता है- चाहे रोटी हो या पराठा, चावल हो या दाल. इसके साथ ही यह पाचन शक्ति बढ़ाने में भी मदद करता है. हालांकि, इसका तीखापन अधिक होने के कारण इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. कुल मिलाकर, खुशबू चौधरी के बताए तरीके से बना यह अचार हर भारतीय थाली का स्वाद बढ़ाने वाला लाजवाब साथी साबित होता है.

with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें
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