Wednesday, March 4, 2026
21 C
Surat
[tds_menu_login inline="yes" guest_tdicon="td-icon-profile" logout_tdicon="td-icon-log-out" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNiIsIm1hcmdpbi1ib3R0b20iOiIwIiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyNSIsImRpc3BsYXkiOiIifSwicG9ydHJhaXQiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiMiIsIm1hcmdpbi1sZWZ0IjoiMTYiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsImxhbmRzY2FwZSI6eyJtYXJnaW4tcmlnaHQiOiI1IiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyMCIsImRpc3BsYXkiOiIifSwibGFuZHNjYXBlX21heF93aWR0aCI6MTE0MCwibGFuZHNjYXBlX21pbl93aWR0aCI6MTAxOX0=" icon_color="#ffffff" icon_color_h="var(--dark-border)" toggle_txt_color="#ffffff" toggle_txt_color_h="var(--dark-border)" f_toggle_font_family="global-font-2_global" f_toggle_font_transform="uppercase" f_toggle_font_weight="500" f_toggle_font_size="13" f_toggle_font_line_height="1.2" f_toggle_font_spacing="0.2" ia_space="0" menu_offset_top="eyJhbGwiOiIxNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTIiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMyJ9" menu_shadow_shadow_size="16" menu_shadow_shadow_color="rgba(10,0,0,0.16)" f_uh_font_family="global-font-1_global" f_links_font_family="global-font-1_global" f_uf_font_family="global-font-1_global" f_gh_font_family="global-font-1_global" f_btn1_font_family="global-font-1_global" f_btn2_font_family="global-font-1_global" menu_uh_color="var(--base-color-1)" menu_uh_border_color="var(--dark-border)" menu_ul_link_color="var(--base-color-1)" menu_ul_link_color_h="var(--accent-color-1)" menu_ul_sep_color="#ffffff" menu_uf_txt_color="var(--base-color-1)" menu_uf_txt_color_h="var(--accent-color-1)" menu_uf_border_color="var(--dark-border)" show_version="" icon_size="eyJhbGwiOjIwLCJwb3J0cmFpdCI6IjE4In0=" menu_gh_color="var(--base-color-1)" menu_gh_border_color="var(--dark-border)" menu_gc_btn1_color="#ffffff" menu_gc_btn1_color_h="#ffffff" menu_gc_btn1_bg_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn1_bg_color_h="var(--accent-color-2)" menu_gc_btn2_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn2_color_h="var(--accent-color-2)" f_btn2_font_size="13" f_btn1_font_size="13" toggle_hide="yes" toggle_horiz_align="content-horiz-center" menu_horiz_align="content-horiz-center" f_uh_font_weight="eyJsYW5kc2NhcGUiOiI3MDAiLCJhbGwiOiI3MDAifQ==" f_gh_font_weight="700" show_menu="yes" avatar_size="eyJhbGwiOiIyMiIsImxhbmRzY2FwZSI6IjIxIiwicG9ydHJhaXQiOiIxOSJ9" page_0_title="My Articles" menu_ul_sep_space="0" page_0_url="#"]

नोनी के साग के बिना पूरा नहीं होता जितिया व्रत, स्वाद-सेहत का एटम बम, चने की दाल संग मारे छौंक, रेसिपी में है दम! – Bihar News


Last Updated:

Noni Ka Saag Recipe: जितिया व्रत पर माताएं नोनी का साग बनाकर खाती हैं. मान्यता है कि संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए यह जरूरी होता है. यह साग हेल्दी होता है और इसे बनाना बेहद आसान है. जानते हैं ईजी रेस…और पढ़ें

नोनी के साग के बिना पूरा नहीं होता जितिया व्रत, स्वाद-सेहत का एटम बम, चना...साग की तस्वीर
सीतामढ़ी. जितिया व्रत माताओं और संतान के बीच अटूट रिश्ते और ममता का प्रतीक माना जाता है. इस पर्व पर माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला उपवास करती हैं. यह व्रत मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बड़ी श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जाता है. इस वर्ष जितिया का पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा.

व्रत से एक दिन पहले नहाय-खाय की परंपरा होती है, जिसमें विशेष पकवान बनाए जाते हैं. इन्हीं में सबसे प्रमुख और पारंपरिक व्यंजन है नोनी का साग, जिसे इस मौके पर खासतौर पर बनाया और खाया जाता है.

स्वाद और पोषण का खजाना
नोनी के साग का महत्व आयुर्वेद में भी बताया गया है. इसमें भरपूर पोषण और औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो लंबे समय तक उपवास रखने वाली महिलाओं को ऊर्जा देते हैं. इसके सेवन से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है और कब्ज जैसी समस्या से राहत मिलती है. यही कारण है कि जितिया के मौके पर हर घर में नोनी साग की तैयारी जरूरी मानी जाती है.

यह साग न सिर्फ सेहतमंद होता है बल्कि इसे पचाना भी बेहद आसान होता है. माताओं का विश्वास है कि नोनी साग का सेवन करने से संतान की उम्र लंबी होती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है.

देता है उपवास में ताकत
सीतामढ़ी की रहने वाली मनोरमा देवी बताती हैं कि “जितिया व्रत में नोनी का साग खाने की परंपरा बहुत पुरानी है. यह न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि लंबे उपवास में ताकत भी देता है. हमारे यहां नहाय-खाय के दिन हर घर में इसे जरूर बनाया जाता है. चना दाल और मसालों के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. मांएं मानती हैं कि इसे खाने से संतान की उम्र लंबी होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है.” इस तरह स्थानीय महिलाओं की आस्था नोनी साग से गहराई से जुड़ी हुई है.

रेसिपी भी आसान
नोनी साग बनाना भी आसान है. इसके लिए बारीक कटा हुआ साग, भिगोयी हुई चना दाल, टमाटर, हरी मिर्च और ताजा धनिया की जरूरत होती है. पकाने के लिए सरसों का तेल, सेंधा नमक, हल्दी, काली मिर्च पाउडर, जीरा, मेथी दाना और सूखी लाल मिर्च ली जाती है. सबसे पहले सरसों के तेल में जीरा और मेथी दाना का तड़का लगाया जाता है.

फिर इसमें लाल मिर्च, भिगोयी हुई चना दाल और नोनी का साग डालकर मसालों के साथ पकाया जाता है. चाहें तो इसमें कटे टमाटर भी मिला सकते हैं. ढककर 5-10 मिनट पकाने के बाद यह साग तैयार हो जाता है. यह सादा होने के बावजूद स्वाद में लाजवाब और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

नोनी के साग के बिना पूरा नहीं होता जितिया व्रत, स्वाद-सेहत का एटम बम, चना…


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/news/lifestyle/recipe-importance-of-noni-saag-in-jitiya-vrat-linked-to-health-tradition-easy-recipe-know-how-to-make-chana-dal-chaunk-local18-ws-kl-9609140.html

Hot this week

फूले-फूले रसदार मालपुआ की रेसिपी, संजीव कुमार ने शेयर किया बनाने का आसान तरीका

होमवीडियोलाइफ़फूडफूले-फूले रसदार मालपुआ की रेसिपी, संजीव कुमार ने...

Venus Transit In Pisces on holika dahan shukra gochar lucky for six Zodiac Signs | होलिका दहन के दिन शुक्र का मीन राशि में...

होमराशिहोलिका दहन के दिन शुक्र गोचर, मेष समेत...

Topics

फूले-फूले रसदार मालपुआ की रेसिपी, संजीव कुमार ने शेयर किया बनाने का आसान तरीका

होमवीडियोलाइफ़फूडफूले-फूले रसदार मालपुआ की रेसिपी, संजीव कुमार ने...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img