Home Food लीवर से लेकर पेट तक फायदेमंद, रांची का पारंपरिक फुटकल अचार

लीवर से लेकर पेट तक फायदेमंद, रांची का पारंपरिक फुटकल अचार

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Putkal Saag Achaar: रांची और उसके आसपास के इलाकों में खाने के शौकीनों के बीच फुटकल साग का अचार खास पहचान रखता है. जंगलों और खेतों में उगने वाले इस लोकल साग से बना फुटकल अचार न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर माना जाता है. लीवर और पेट से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माने जाने वाले इस अचार को बनाने में कई दिन की मेहनत और शुद्ध मसालों का इस्तेमाल किया जाता है, यही वजह है कि इसका स्वाद और कीमत दोनों खास होती है. रिपोर्ट- शिखा श्रेया

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रांची की तरफ खासतौर पर एक लोकल साग खाया जाता है, जिसे फुटकल साग भी कहते हैं. इस साग का अचार बनता है, जिसे फुटकल अचार के नाम से जानते हैं. खास तौर पर यह अचार रांची के आसपास के गांव-देहात में खूब खाया जाता है और थोड़ा महंगा होता है. फुटकल को औषधि के रूप में देखा जाता है, खासतौर पर उन लोगों के लिए जिन्हें लीवर की समस्या होती है. साथ ही यह गैस, अपच और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं में भी रामबाण माना जाता है.

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इस अचार को बेचते हुए आदित्य बताते हैं कि अचार बनाने में बहुत मेहनत लगती है. दरअसल, यह जो साग होता है, इसमें नमी काफी अधिक होती है. इसे सबसे पहले धूप में दो-तीन दिन सुखाया जाता है. फिर जब यह सूख जाता है, तब इसका अचार बनाया जाता है. कई तरह के मसाले जैसे अजवाइन, मेथी, सौंफ को हल्का फ्राई करके पीसा जाता है.

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अच्छे से पीसने के बाद सरसों का तेल लिया जाता है, जिसमें लाल मिर्च, धनिया पाउडर और कई तरह के कुटे मसाले डाले जाते हैं. अमचूर पाउडर भी डालकर इसे साग के साथ मिलाया जाता है. दरअसल, साग को फ्राई नहीं किया जाता है. इसे सिर्फ धूप में सुखाया जाता है, बस उतना ही इसके लिए जरूरी है, उससे ज्यादा नहीं. इसी तरीके से फुटकल का अचार बनकर तैयार होता है.

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आदित्य ने आगे बताया कि यह साग आपको हर जगह देखने को नहीं मिलेगा. हम लोग इसे खूंटी के जंगलों से तोड़कर लाते हैं. यही कारण है कि इसका दाम थोड़ा बढ़ जाता है. वहीं कुछ घरेलू महिलाएं भी होती हैं, जो खासतौर पर इसे अपने आंगन या खेत में उगाती हैं, तो उनसे इसे खरीदा जाता है. इसे धूप में सुखाने और फिर अचार बनाने में कम से कम 3 से 4 दिन का वक्त लगता है. यही कारण है कि इसका दाम थोड़ा ज्यादा होता है.

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दूसरा कारण यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाला हर प्रोडक्ट शत प्रतिशत शुद्ध होता है. सरसों का तेल भी घर का शुद्ध कच्ची घानी का होता है, जो खेत की सरसों से निकाला जाता है. यही कारण है कि शुद्धता की वजह से भी इसका दाम थोड़ा अधिक होता है. लेकिन अगर आप एक बार इसका स्वाद चख लें, तो बाकी सारे अचार भूल जाएंगे. इसका फ्लेवर बिल्कुल गोलगप्पे की तरह खट्टा, मीठा और चटपटा लगता है.

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लीवर से लेकर पेट तक फायदेमंद, रांची का पारंपरिक फुटकल अचार


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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/recipe-ranchi-footkal-saag-achar-traditional-recipe-local18-10110594.html

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