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दालमोट को झारखंड, बिहार और आसपास के इलाकों में यह नाश्ता चाय के साथ बड़े चाव से खाया जाता है. सर्दियों के मौसम में इसकी मांग और भी बढ़ जाती है. चना दाल वाली दालमोट बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती और हर उम्र के लोगों को पसंद आता है.

घरों में बनने वाला पारंपरिक और लोकप्रिय नाश्ता में चना दाल से बनी दालमोट स्वाद और सादगी का बेहतरीन उदाहरण है. बाजार में मिलने वाली दालमोट की तुलना में घर पर तैयार की गई चना दाल वाली दालमोट अधिक शुद्ध, सुरक्षित और पौष्टिक मानी जाती है.

इस दालमोट को झारखंड, बिहार और आसपास के इलाकों में यह नाश्ता चाय के साथ बड़े चाव से खाया जाता है. सर्दियों के मौसम में इसकी मांग और भी बढ़ जाती है. चना दाल वाली दालमोट बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती और हर उम्र के लोगों को पसंद आता है.

रेसिपी साझा करते हुए हजारीबाग की रवीना कच्छप बताती है कि दालमोट बनाना बेहद आसान काम है . इसकी प्रक्रिया की शुरुआत चना दाल को साफ करके को 5 से 6 घंटे के लिए पानी में भिगो दिया जाता है. भिगोने के बाद दाल को छानकर किसी साफ कपड़े या थाली में फैलाकर रखा जाता है, ताकि उसमें मौजूद अतिरिक्त नमी पूरी तरह निकल जाए.
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उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद कढ़ाही में तेल गरम किया जाता है. तेल को मध्यम आंच पर रखना जरूरी होता है, ताकि दाल समान रूप से पक सके. गरम तेल में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में चना दाल डालकर तलना शुरू किया जाता है. दाल को लगातार चलाते रहना चाहिए, ताकि वह एक-दूसरे से चिपके नहीं और सभी दाने समान रूप से सुनहरे रंग के हो जाएं.

रवीना आगे बताती है कि जब चना दाल अच्छी तरह कुरकुरी और सुनहरी हो जाता है तो उसे कढ़ाही से निकालकर किसी बड़े बर्तन में रख लिया जाता है. इसके बाद मसालों की तैयारी की जाती है. एक कटोरे में नमक, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, अमचूर और एक चुटकी हींग मिलाकर मसाले का मिश्रण तैयार किया जाता है.

तली हुई चना दाल जब हल्की गर्म रह जाता है, तभी उस पर मसालों का मिश्रण छिड़का जाता है. गर्म दाल पर मसाले डालने से उनका स्वाद अंदर तक समा जाता है. इसके बाद दाल को अच्छी तरह मिलाया जाता है, ताकि हर दाने पर मसाले बराबर लग जाएं और स्वाद एकसार बना रहे.

चना दाल वाली दालमोट को पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही स्टोर किया जाता है. ठंडी होने पर इसे एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखा जाए, तो यह 15 से 20 दिनों तक खराब नहीं होती. यही कारण है कि ग्रामीण इलाकों में आज भी महिलाएं इसे एक साथ बड़ी मात्रा में बनाकर रखती हैं.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/recipe-winter-make-tasty-and-delicious-dalmot-at-home-it-will-prepared-in-an-easy-way-local18-9966091.html







