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सिंघाड़ा, जिसे पानी फल भी कहा जाता है, सर्दियों का एक अनोखा तोहफा है. इसे आमतौर पर फल के रूप में खाया जाता है, लेकिन इसकी सब्ज़ी में छिपा असली स्वाद और गर्माहट बहुत कम लोग जानते हैं. हल्का कुरकुरा और नरम सिंघाड़ा मसालों और काजू-पेस्ट के साथ पकने पर लाजवाब ग्रेवी बनाता है, जिसे रोटी, पूरी या चावल के साथ खाकर मज़ा दोगुना हो जाता है.

सिंघाड़ा, जिसे आमतौर पर पानी फल भी कहा जाता है, सर्दियों का एक खास और अनोखा तोहफ़ा है. लोग इसे फल के रूप में खाना ज़्यादा पसंद करते हैं, लेकिन सिंघाड़े का असली स्वाद तो इसकी सब्ज़ी में है — यह बात बहुत कम लोग जानते हैं. इसकी सब्ज़ी का अपना अलग ही मज़ा है, ऐसा स्वाद जो सर्दियों में गर्माहट भर देता है.

यह हल्का कुरकुरा होता है और इसका स्वाद बेहद नरम होता है, इसलिए जब सिंघाड़ा मसालों के साथ पकता है, तो एक लाजवाब ग्रेवी तैयार होती है, जिसे रोटी, पूरी या चावल — किसी भी चीज़ के साथ खाया जाए तो मज़ा दुगुना हो जाता है और अंदर से आत्मा संतुष्ट हो जाती है. आमतौर पर बहुत कम लोग जानते हैं कि सिंघाड़े की सब्ज़ी कैसे बनाई जाती है.

ग्रामीण सीमा देवी ने सिंघाड़े की लाजवाब और स्वादिष्ट सब्ज़ी बनाने की विधि साझा की है. सबसे पहले ताज़े सिंघाड़ों को छील लिया जाता है, फिर उन्हें लगभग 5 मिनट तक पानी में उबाला जाता है ताकि वे अंदर से मुलायम और पकने लायक हो जाएं. इसके बाद इन्हें हल्का-सा फ्राई करके अलग निकाल लिया जाता है. फ्राई करने से इनकी ख़ुशबू बढ़ जाती है और सब्ज़ी में डालने पर स्वाद और भी निखरता है.
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इसके बाद कढ़ाई में तेल गर्म करके सबसे पहले जीरा और हींग तड़कााई जाती है. साथ ही बड़ी इलायची, दो छोटी इलायचियां और एक तेजपत्ता डाला जाता है. यही तड़का सब्ज़ी की ख़ुशबू को खास बनाता है, इसके बाद कटे हुए प्याज़ डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनते हैं. अब इसमें लहसुन का पेस्ट, हल्दी, धनिया, कश्मीरी लाल मिर्च, नमक और थोड़ा-सा जीरा पाउडर डालकर मसाले को अच्छी तरह भून लिया जाता है. मसाला जब तेल छोड़ने लगता है, तभी उसका असली रंग और स्वाद निकलता है.

इसके बाद तैयार मसाले में फ्राई किए हुए सिंघाड़े डाल दिए जाते हैं, फिर एक टमाटर और चार से पांच काजू का स्मूद पेस्ट बनाकर कढ़ाई में डाल दिया जाता है. यह पेस्ट सब्ज़ी को न सिर्फ ग्रेवी देता है, बल्कि उसमें हल्की मिठास और मलाई जैसी बनावट भी जोड़ता है, जो किसी पनीर की सब्ज़ी से कम नहीं है. जितनी गाढ़ी या पतली ग्रेवी चाहिए, उतना पानी डाल दिया जाता है. कुछ देर पकाने के बाद हरे धनिये के पत्ते डाल दिए जाते हैं, इस तरह सिंघाड़े की सब्ज़ी तैयार हो जाती है.

सिंघाड़े की सब्ज़ी न केवल स्वाद के लिए बनाई जाती है, बल्कि यह पौष्टिकता से भी भरपूर होती है. सिंघाड़े में विटामिन बी6, पोटैशियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, इसलिए डॉक्टर हमेशा सर्दियों में सिंघाड़ा खाने की सलाह देते हैं. यह शरीर को ऊर्जा देता है और पाचन को दुरुस्त बनाए रखता है, इसकी सब्ज़ी सर्दियों की ठिठुरन में भी दिल को गर्माहट देती है.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/recipe-recipe-of-singhade-ki-sabji-local18-ws-kl-9889014.html

















