
Gud Ki Patti: सर्दियों के मौसम में कन्नौज में गुड़ की एक ऐसी पट्टी बनती है, जिसको मक्खन टिक्की और लपेटा के नाम से जाना जाता है. इसकी खासियत यह रहती है कि यह शुद्ध देसी गुड़ में बनाई जाती है. इसको खाने से लोगों का हाजमा अच्छा रहता है. खाना खाने के बाद इसका सेवन अधिकतर लोग करते हैं, जिससे खाना पच जाता है. इस वक्त मिठाई के तौर पर मेहमानों को भी यह पट्टी पानी के साथ दी जाती है. मिठाई की अपेक्षा यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती है और लंबे समय तक इस पट्टी को स्टोर किया जा सकता है. इसमें शुद्ध गुडृ और मूंगफली के दानों का प्रयोग किया जाता है.
गुड़ की मक्खन टिक्की कैसे बनती है?
नवंबर शुरू होते ही कन्नौज में इस विशेष गुडृ वाली पट्टी का प्रचलन बहुत तेजी से आगे बढ़ने लगता है. इस पट्टी को बनाने के लिए मशीन की अपेक्षा हाथों का ज्यादा प्रयोग होता है. इसको बनाने के लिए पहले देसी गुड़ को तेज आंच में चाशनी का रूप दिया जाता है. उसमें कुछ शक्कर की मात्रा भी मिलाई जाती है. जिसके बाद उसको एक बड़े से बर्तन में ठंडा किया जाता है, फिर ठंडा होने पर चाशनी के ऊपर अलग-अलग क्वालिटी के छोटे बड़े व मध्यम आकार के मूंगफली के दानों को मिलाकर इसको एक किया जाता है. जिसके बाद इसको फैलाकर इसके ऊपर बेलन से रोल किया जाता है. बेलन पर घी का प्रयोग होता है ताकि यह चासनी बेलन पर चिपक ना जाए. वहीं इस विशेष पट्टी को बनाने के लिए कन्नौज के इत्र केवड़ा और इलायची का भी प्रयोग इसमें किया जाता है, ताकि यह सुगंधित भी हो जाए.
क्या रहता रेट, कहां होती ज्यादा मांग
इस पट्टी के रेट की बात की जाए तो ₹80 से शुरू होकर 120 और ₹160 किलो तक पट्टी मिलती है. वहीं इसकी डिमांड कन्नौज सहित आसपास के कई जिलों में ज्यादा रहती है. कानपुर, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, इटावा के लोग इस गुडृ वाली पट्टी को बहुत पसंद करते हैं.
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क्या बोले विक्रेता…
पट्टी के व्यापारी सक्षम वैश्य बताते हैं कि उनकी है दुकान 100 साल से ज्यादा पुरानी है. सर्दियों का मौसम शुरू होते ही उनके यहां गुडृ वाली पट्टी कई तरीके की बनाई जाती है. जिसमें मक्खन टिक्की पट्टी विशेष रहती है. यह पट्टी मात्र चार महीने ही साल में बनती है, यह पट्टी मिठाई के स्थान पर भी बहुत से लोग प्रयोग करते हैं, ऐसे में यह शरीर में जाकर गर्माहट का भी एहसास देता है. साथ ही पाचन तंत्र के लिए भी गुणकारी फायदेमंद होता है. ऐसे में लोग उसको खाना खाने के बाद ज्यादा प्रयोग करते हैं. वहीं, इसका रेट भी बहुत किफायती रहता है. जो भी यहां पर इत्र की खरीदारी करने आता है. वह सर्दियों के मौसम में यहां की गुडृ वाली पट्टी का स्वाद जरूर चखता है.
FIRST PUBLISHED : December 3, 2024, 12:59 IST
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