धनबाद. शहर की गलियों में घूमते-घूमते लोगों की भूख मिटाने का काम पिछले दो दशक से एक व्यक्ति कर रहा है. इनका नाम है संतोष रावत. सुबह 9 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक साइकिल-ठेले पर रखा उनका चटपटा आलू कट स्कूलों, दफ्तरों और बाजारों के लोगों को अपनी ओर खींचता है. स्वाद ऐसा कि बच्चे हों या नौजवान, महिलाएं हों या बुजुर्ग, हर कोई इनके मसालेदार आलू कट का दीवाना है.
20 साल पहले शुरू हुआ था सफर, 2 रुपये थी कीमत
संतोष बताते हैं कि यह सफर करीब 20 साल पहले सिर्फ ₹2 की कीमत पर आलू कट बेचने से शुरू हुआ था. समय के साथ महंगाई बढ़ी, सामान महंगा हुआ, इसलिए दरों में भी बदलाव आया. आज उनके ठेले पर ₹10, ₹20 और ₹30 की दर से आलू कट मिलता है. अपने स्वाद की वजह से यह फास्ट फूड धनबादवासियों के बीच पहचान बना चुका है.
घर पर बनता है मसाला, हर दिन 20 किलो आलू की खपत
हर दिन सुबह-सुबह उनका खाना बनाने का काम शुरू हो जाता है. वे हर दिन लगभग 20 किलो आलू, 5 किलो टमाटर, 1 किलो दही, 2 किलो इमली, पूरी-फुल्की, जीरा, हरी मिर्च और अन्य घर के मसालों का उपयोग करते हैं. लगभग 500 ग्राम लाल मिर्च और अचार मसाला मिलाकर वे एक खास चटपटा मिश्रण तैयार करते हैं, जो आलू कट के स्वाद को और भी अलग बना देता है.
असली जादू मसालों में
उन्होंने बताया कि उनका सीक्रेट मसाला ही असली जादू है. लाल मिर्च और अचार मसाला को धीमी आंच पर घंटों भूनकर तैयार किया जाता है, जिसे बाद में आलू में मिलाया जाता है. दही और इमली की खटास के साथ मसाले का तीखापन ऐसा मेल बैठाता है कि खाने वाले एक बार स्वाद लेने के बाद बार-बार लौट कर आते हैं.
लोग हो चुके स्वाद के दीवाने
धनबाद में ऐसे कई चाट और फास्ट फूड स्टॉल तो हैं, लेकिन संतोष रावत की खासियत है उनका सालों का अनुभव और स्वाद को लेकर समर्पण. वे कहते हैं कि मेरे हाथों बना हुआ आलू कट खाने के बाद ग्राहक खुद कह देते हैं जय केदार. यह उनकी पहचान बन चुका है. राह चलते लोग जब उनका ठेला देखते हैं तो “जय केदार आलू कट” का नारा खुद-ब-खुद जुबान पर आ जाता है.
छोटा व्यवसाय, बड़ी पहचान
संतोष बताते हैं कि ग्राहक ही उनकी सबसे बड़ी कमाई हैं. चाहे धूप हो या बारिश, वे रोजाना लोगों तक यह स्वाद पहुंचाने निकल पड़ते हैं. धनबाद की पहचान बने इस चटपटे आलू कट ने न सिर्फ संतोष रावत को रोजी-रोटी दी है, बल्कि उनके स्वाद ने हजारों लोगों के चेहरे पर मुस्कान भी दी है. उनकी मेहनत और लगन यह साबित करती है कि छोटा व्यवसाय भी बड़े दिल से किया जाए तो उसकी मिठास हर किसी तक पहुंचती है.
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https://hindi.news18.com/news/jharkhand/dhanbad-aloo-cut-famous-snack-served-on-thela-by-santosh-rawat-20-years-journey-local18-ws-l-9927060.html







