Rewa News: विंध्य क्षेत्र में बाजरे की खेती होती है, क्योंकि बाजरे में पानी की जरूरत अधिक नहीं पड़ती. ऐसे में कम पानी में ही बाजरे की खेती कर किसान अच्छा खासा मुनाफा कमाते हैं, लेकिन सिर्फ मुनाफा ही नहीं. बल्कि, बाजरे की खीर भी इतनी स्वादिष्ट बनती है कि आप चटकारे लेकर खाएंगे. इसे डायबिटीज पेशेंट भी मन भर खा सकते है, क्योंकि इसमें नेचुरल शुगर होता है यानी आप इसे बिना चीनी के भी बना सकते हैं. तो नए साल में इसे एक बार ट्राई करना तो बनता है.
बाजरे की खीर की खास बात यह है कि इसे आप थोड़े से दूध से ही बना सकते हैं, यह खाने में बहुत लाजवाब लगती है, क्योंकि यह थोड़ी चिपचिपी होती है. ऐसे में यह दूध में डालते ही बहुत गाढ़ी बन जाती है. वहीं, इसमें नेचुरल शुगर होती है. आप इसे खायेंगे तो आपको मीठापन लगेगा और आप चाहे तो उसमें थोड़ा गुड़ या चीनी डाल सकते हैं.
ऐसे बनती है बाजरे की खीर
बाजरे की खीर बनाने के लिए सबसे पहले बजरे को एक खलबली से अच्छी तरह खूट लीजिए ताकि उसका छिलका निकल जाए, फिर थोड़े पानी में फुला दीजिए तब तक आप 1 किलो दूध को गैस में चढ़ाकर अच्छे से खौलाना होगा. जब दूध अच्छे से खौल जाए उसमें फूलकर धुले हुए बाजरे को खौलते हुए दूध में डाल दीजिए और कुछ देर तक चलाते रहिए.आप देखेंगे महज 10 मिनट के अंदर दूध और बाजरा दोनों मिलकर काफी गाढ़ा हो जायेगा.
नीचे उतारने के पहले अपने स्वादअनुसार चीनी या फिर गुड पसंद है तो गुड़ डालकर मिला दीजिए और दो मिनट और पका के गैस बंद कर दीजिए, फिर 15 मिनट तक छोड़ दीजिए. इस खीर को आप फ्रिज में रखकर ठंडा भी सर्व कर सकते हैं. ध्यान रहे गैस बंद करने के पहले शक्कर के बाद और लजीज बनाना है तो उसमें ड्राई फ्रूट्स भी डाल सकते हैं. साथ ही थोड़ा केसर इलाइची पाउडर भी डाल सकते हैं.
बाजरे की खीर के कई फायदे
आयुर्वेद भी मानता है कि बाजरा एक मोटा अनाज है. इसीलिए इसके कई फायदे हैं. जैसे यह आपको अपच या फिर एसिडिटी से बचाता है. वहीं इसे थोड़ा से खाने में पेट भर जाता है. आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगेगी. जिससे आपका वजन भी कंट्रोल रहता है. वहीं, इसमें नेचुरल शुगर होता है, तो उसे डायबिटीज पेशेंट भी खा सकते हैं. इसे डेजर्ट के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. स्वाद के साथ यह सेहत का खजाना भी है.
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