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Dholpur Special Alan Sabji Recipe: Winter Health Benefits of Mixed Leafy Greens

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Dholpur Special Alan Sabji Recipe: धौलपुर में सर्दियों के दौरान बथुआ, पालक और सरसों के पत्तों से आलन की विशेष सब्जी बनाई जाती है. छाछ और बाजरे के आटे के मेल से तैयार यह सब्जी स्वास्थ्यवर्धक होती है. ग्रामीण इलाकों में इसे बाजरे की रोटी के साथ बड़े चाव से खाया जाता है.

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Dholpur Special Alan Sabji Recipe: सर्दियों में जब कड़कड़ाती ठंड और कोहरा हर तरफ दस्तक देता है, तो शरीर को गर्माहट देने वाले खान-पान की अहमियत बढ़ जाती है. धौलपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इस मौसम में ‘आलन की सब्जी’ बड़े चाव से बनाई और खाई जाती है. यह सब्जी बथुआ, पालक, मूली के पत्ते और सरसों के पत्तों के मेल से तैयार की जाती है. इस सब्जी की खासियत इसमें डाला जाने वाला बाजरे का आटा और छाछ है, जो इसे न केवल स्वादिष्ट बनाता है बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी बना देता है. इसे खाने से कड़ाके की सर्दी में भी शरीर को भीतर से गर्मी महसूस होती है.

आलन बनाने की पारंपरिक विधि
इस अनोखी सब्जी को बनाने की प्रक्रिया काफी सरल और प्राकृतिक है. सबसे पहले बथुआ, पालक, मूली के पत्ते और सरसों के पत्तों को साफ पानी से धोकर बारीक काट लिया जाता है. इसके बाद इन्हें कुकर में डालकर कम से कम 15 से 20 मिनट तक अच्छे से उबाला जाता है. उबालने के बाद इन सब्जियों का अतिरिक्त पानी निचोड़ कर इन्हें एक अलग बर्तन में रख लिया जाता है. पारंपरिक चूल्हे या गैस पर उबलने के बाद इन हरी सब्जियों का पोषण तत्व बरकरार रहता है.

छाछ और बाजरे के आटे का तड़का
अगले चरण में एक कढ़ाई में ताजा छाछ ली जाती है और इसमें उबली हुई हरी सब्जियों को अच्छी तरह मिलाया जाता है. सब्जी को गाढ़ा और पौष्टिक बनाने के लिए इसमें थोड़ा सा बाजरे का आटा मिलाया जाता है, जिसे स्थानीय भाषा में ‘आलन’ लगाना कहते हैं. इसके बाद इसमें घर के पिसे हुए मसाले जैसे लाल मिर्च, धनिया, हल्दी, नमक और हींग-जीरा डाले जाते हैं. इस मिश्रण को गैस पर रखकर लगातार चमचे से तब तक चलाया जाता है जब तक इसमें उबाल न आ जाए. करीब 20 मिनट तक अच्छी तरह पकने के बाद इसमें हींग और जीरे का छौंक लगाया जाता है.

बाजरे की रोटी के साथ लाजवाब कॉम्बिनेशन
आलन की सब्जी बनकर तैयार होने के बाद इसकी खुशबू ही भूख बढ़ा देती है. धौलपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसे बाजरे की रोटी के साथ खाना बेहद पसंद करते हैं. यह सब्जी बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि इसमें फाइबर और आयरन भरपूर मात्रा में होता है. घर के शुद्ध मसालों और ताजी हरी सब्जियों से तैयार यह डिश सर्दियों के मौसम में न केवल स्वाद का आनंद देती है, बल्कि सर्दी-जुकाम जैसी छोटी बीमारियों से लड़ने की शक्ति भी प्रदान करती है.

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vicky Rathore

Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें

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बाजरे और छाछ का अनोखा संगम, आलन की सब्जी बनाती है सर्दियों में फिट….


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