How to grow peas at home: आजकल किचन गार्डनिंग का ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ रहा है. लोग बालकनी, छत या छोटे से कोने में भी अपनी पसंद की सब्जियां उगाने लगे हैं. खास बात ये है कि इसके लिए आपको बड़ी जमीन की जरूरत नहीं पड़ती, बस सही तरीके की नॉलेज और थोड़ी सी मेहनत चाहिए. इन्हीं सब्जियों में एक है मटर, जिसे घर पर गमले में उगाना काफी आसान होता है. मटर सर्दियों में खूब इस्तेमाल होती है और हर डिश में इसका फ्लेवर कमाल का लगता है. बाजार में मिलने वाली मटर महंगी भी हो जाती है और कभी कभी ताजी भी नहीं मिलती. इसलिए कई लोग अब घर पर ही पॉट में हरी मटर उगाने का ट्रेंड फॉलो कर रहे हैं. अगर आप भी सोच रहे हैं कि गमले में मटर कैसे उगाएं, तो यह गाइड आपके लिए परफेक्ट है क्योंकि इसमें स्टेप बाय स्टेप तरीका बताया गया है, जिससे आप आसानी से ताजी, मीठी और ऑर्गेनिक मटर घर पर ही पा सकेंगे.
घर पर उगाई गई मटर का सबसे बड़ा फायदा ये है कि वह पूरी तरह केमिकल फ्री होती है. इसके अलावा, मटर का पौधा ज्यादा जगह नहीं लेता, जल्दी उगता है और ज्यादा समय भी नहीं मांगता. बस आपको सही किस्म के बीज, सही मौसम, बढ़िया मिट्टी और थोड़ा सा सपोर्ट सिस्टम चाहिए ताकि पौधों को चढ़ने में दिक्कत ना हो. अब चलिए जानते हैं गमले में मटर उगाने का आसान तरीका.
सही सीजन कब है
मटर ठंड का मौसम पसंद करती है. इसे लगाने का बेस्ट टाइम अक्टूबर से जनवरी माना जाता है. इस समय तापमान 10 से 25 डिग्री के बीच रहता है, जो मटर के अंकुरण और ग्रोथ के लिए परफेक्ट होता है. अगर आप बहुत गर्म या बहुत नमी वाले मौसम में मटर लगाते हैं, तो बीज जल्दी खराब हो जाते हैं और पौधे ठीक से नहीं बन पाते.

कौन सा गमला सही रहेगा
मटर के लिए बहुत बड़ा पॉट जरूरी नहीं है, लेकिन कम से कम 10 से 12 इंच गहरा गमला जरूर होना चाहिए. गहराई इसलिए जरूरी है ताकि जड़ें फैल सकें और पौधे को सही मजबूती मिले. पॉट प्लास्टिक, मिट्टी या फाइबर किसी भी मैटेरियल का हो सकता है, बस उसके नीचे पानी निकलने का सही सिस्टम होना चाहिए.
मिट्टी कैसे तैयार करें
मटर हल्की, भुरभुरी और पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में जल्दी बढ़ती है. अगर मिट्टी बहुत भारी या पानी रोकने वाली है, तो पौधे जल्दी सड़ने लगते हैं. इसलिए मिट्टी तैयार करने के लिए यह मिक्स बना लें.
50% गार्डन मिट्टी
30% कंपोस्ट
20% रेत या कोकोपीट
यह मिक्स पौधे को पोषण भी देगा और मिट्टी को हल्का भी बनाए रखेगा. चाहें तो मिट्टी में थोड़ा सा नीम खली पाउडर भी मिला सकते हैं ताकि मिट्टी में कीट न लगें.

बीज कैसे लगाएं
मटर के बीज सीधे गमले में ही लगाए जाते हैं. बीज को लगाने से पहले हल्का सा पानी में भिगो दें, इससे अंकुर जल्दी निकलते हैं. अब मिट्टी में 1 से 1.5 इंच की गहराई पर बीज डालें और ऊपर से मिट्टी से ढक दें. हर बीज के बीच 2 से 3 इंच की दूरी रखना जरूरी है ताकि पौधे फैल सकें. बीज लगाने के बाद हल्का पानी छिड़कें. ध्यान रहे कि बीज को ज्यादा गीला न करें वरना वह गल सकता है.
पानी कब और कितना दें
मटर को ज्यादा पानी पसंद नहीं होता. मिट्टी हल्की नमी वाली रहे तो अंकुरन जल्दी होता है. शुरुआती सप्ताह में 2 दिन में एक बार पानी देना काफी है. जैसे जैसे पौधा बड़ा होता है, आप जरूरत के हिसाब से पानी बढ़ा सकते हैं. लेकिन मिट्टी में पानी भरना बिल्कुल नहीं चाहिए.

सपोर्ट देना जरूरी है
मटर एक बेल वाली सब्जी है, इसलिए उसे चढ़ने के लिए सपोर्ट चाहिए होता है. आप लकड़ी की पतली छड़ें, पुरानी सरकंडे की स्टिक्स या नेट लगा सकते हैं. जैसे ही पौधा 5 से 6 इंच बड़ा हो जाए, उसे हल्का सपोर्ट दे दें ताकि वह गिरने न पाए.
धूप कितनी जरूरी है
मटर को दिन में कम से कम 4 से 5 घंटे हल्की धूप चाहिए होती है. बहुत तेज धूप भी नुकसान कर सकती है, खासकर गर्मियों में. इसलिए पॉट को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की धूप मिल जाए और दोपहर की तेज धूप से बचाव हो.
खाद कब और कैसे दें
पौधा 15 से 20 दिन का हो जाए तो इसे हल्की कंपोस्ट की जरूरत होती है. महीने में एक बार वर्मी कंपोस्ट या घर की बनी खाद डाल सकते हैं. इससे पौधा तेजी से बढ़ता है और ज्यादा मटर देता है.

मटर कब तोड़ें
लगभग 60 से 70 दिन बाद पौधे में फली लगना शुरू हो जाती है. जब फली हरी, मोटी और हल्की कुरकुरी लगे, तभी उसे तोड़ें. ज्यादा देर करने पर फलियां सख्त हो जाती हैं और ताजगी कम हो जाती है. ताजा तोड़ी मटर का स्वाद सबसे अलग और मीठा होता है.
कीट और बीमारी से बचाव
मटर पर कभी कभी एफिड्स यानी छोटे काले कीड़े लग जाते हैं. इससे बचने के लिए नीम तेल का स्प्रे कर सकते हैं. कीड़ों को हटाने का सबसे आसान तरीका है कि हफ्ते में एक बार नीम तेल को पानी में मिलाकर छिड़क दें.
फायदे
गमले में मटर उगाने के कई फायदे हैं.
ऑर्गेनिक और ताजी सब्जी मिलती है
ज्यादा जगह की जरूरत नहीं
कम खर्च में बढ़िया गार्डनिंग
बालकनी भी हरी भरी दिखती है
घर की मटर का स्वाद ज्यादा मीठा होता है
अगर आप भी अपने घर में हरा भरा किचन गार्डन बनाना चाहते हैं, तो मटर से शुरुआत करना बेस्ट ऑप्शन है. इसे उगाना आसान है, मेहनत कम लगती है और रिजल्ट जबरदस्त मिलता है. अब चाहे आपकी बालकनी छोटी हो या छत बड़ी, गमले में लगी मटर आसानी से आपके घर को सर्दियों में ताजी, मीठी और हेल्दी हरियाली दे देगी.
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