How to grow sarson ka saag step by step: सर्दियां आते ही हर घर में सरसों के साग और मक्के की रोटी की खुशबू बस जाती है. ठंड के मौसम में गरमागरम साग और मक्खन लगी रोटी खाने का मजा ही कुछ और होता है. लेकिन आजकल मार्केट में मिलने वाली सब्जियों में केमिकल और पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल बढ़ गया है, जिससे उनकी हेल्थ वैल्यू कम हो जाती है. अगर आप चाहते हैं कि आपके परिवार को शुद्ध और नेचुरल स्वाद मिले, तो इस बार सर्दी से पहले अपने घर में ही सरसों का साग उगाना शुरू करें. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे उगाने के लिए बड़ी जगह की जरूरत नहीं होती- बस एक गमला, थोड़ी धूप और थोड़ी देखभाल, और आपका साग 30 दिन में कटाई के लिए तैयार हो जाएगा. सर्दियों का मौसम आते ही हमारे किचन में सरसों के साग की खुशबू फैलने लगती है. मक्के की रोटी और सरसों का साग, ये कॉम्बिनेशन हर किसी का फेवरेट होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप इस हेल्दी और टेस्टी साग को अपने घर में भी उगा सकते हैं? जी हां, अगर आपके पास बालकनी, छत या छोटा सा किचन गार्डन है तो वहां आप सरसों का साग बहुत आसानी से उगा सकते हैं.
1. सही बीज का चुनाव करें
सरसों के साग की शुरुआत अच्छे बीज से होती है. कोशिश करें कि आप देसी या ऑर्गेनिक बीज ही इस्तेमाल करें. ये बीज आप किसी नर्सरी या ऑनलाइन स्टोर से ले सकते हैं. अगर आप पहली बार उगा रहे हैं, तो 100 ग्राम बीज काफी रहेंगे.
2. मिट्टी तैयार करें
सरसों का साग हल्की दोमट मिट्टी में सबसे अच्छा उगता है. इसके लिए गमले या ट्रे में मिट्टी, गोबर की खाद और रेत बराबर मात्रा में मिलाएं. मिट्टी बहुत सख्त न हो, ताकि जड़ें आसानी से सांस ले सकें. मिट्टी तैयार करने के बाद उसे एक दिन धूप में छोड़ दें ताकि उसमें मौजूद कीड़े या फंगस खत्म हो जाएं.

3. बीज बोने का सही तरीका
अब तैयार मिट्टी में आधा इंच गहराई तक छोटे-छोटे गड्ढे बनाएं और उनमें सरसों के बीज डालें. ऊपर से हल्की मिट्टी डालकर पानी का स्प्रे करें. बीजों को बहुत गहराई में न डालें वरना अंकुरण में वक्त लगेगा. बीज बोने के बाद गमले को ऐसी जगह रखें जहां रोजाना 4-5 घंटे धूप आती हो.
4. पानी देने का तरीका
सरसों के साग को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती. मिट्टी हल्की गीली रहनी चाहिए, लेकिन बहुत ज्यादा पानी डालने से पौधों की जड़ें सड़ सकती हैं. आप दिन में एक बार या दो दिन में एक बार हल्का स्प्रे करें. अगर मौसम बहुत ठंडा हो तो पानी थोड़ा कम करें.
5. धूप और तापमान का ध्यान रखें
सरसों ठंडे मौसम की फसल है, लेकिन इसे रोजाना 4-5 घंटे की धूप चाहिए होती है. कोशिश करें कि गमले को ऐसी जगह रखें जहां सूरज की हल्की गर्मी मिले. बहुत ठंडी हवा या पाला पौधों को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए रात में उन्हें अंदर किसी सुरक्षित जगह पर रख सकते हैं.

6. खाद डालने का सही तरीका
सरसों के पौधों को बीच-बीच में पौष्टिकता देने के लिए हर 10-12 दिन में तरल ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर या घर की बनी खाद डालें. आप गोबर की खाद, नीम खली या कम्पोस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे पत्तियां ज्यादा हरी और हेल्दी बनती हैं.
7. कीट और रोगों से बचाव
अगर पौधों पर कीड़े दिखें तो तुरंत नीम तेल का स्प्रे करें. इसके लिए एक लीटर पानी में एक चम्मच नीम तेल और थोड़ा लिक्विड साबुन मिलाएं और स्प्रे करें. इससे पत्तियों पर कीड़े नहीं लगेंगे और पौधा फ्रेश रहेगा.

8. साग की कटाई कब करें
लगभग 25-30 दिनों में सरसों का साग तैयार हो जाता है. जब पौधों की ऊंचाई 6-8 इंच हो जाए तो बाहरी पत्तियां काट सकते हैं. अंदर की पत्तियां बढ़ती रहेंगी और दोबारा साग मिल जाएगा. मतलब एक बार बोया साग दो-तीन बार तक कटाई दे सकता है.

9. सरसों के साग के फायदे
सरसों का साग सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेस्ट है. इसमें विटामिन A, C, K और आयरन भरपूर होता है. ये इम्यून सिस्टम मजबूत करता है और सर्दी-जुकाम से बचाव में मदद करता है. साथ ही ये डिटॉक्सिफाइंग फूड है जो शरीर से टॉक्सिन्स निकालने का काम करता है.
अगर आप हेल्दी खाना पसंद करते हैं और किचन गार्डनिंग में रुचि रखते हैं, तो इस सर्दी सरसों का साग जरूर उगाएं. न मिट्टी का झंझट, न ज्यादा मेहनत- बस थोड़ी सी देखभाल और धूप की जरूरत है. अपने घर की बालकनी या टैरेस से उगाया गया साग न सिर्फ स्वादिष्ट होगा बल्कि 100% केमिकल-फ्री भी रहेगा. तो तैयार हो जाइए इस सर्दी घर पर ही अपने हाथों से उगाए हुए सरसों के साग का स्वाद लेने के लिए.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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