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How to use kasuri methi: कस्तूरी मेथी एक ऐसा इंग्रीडिएंट है जो थोड़ी सी मात्रा में भी खाने का स्वाद पूरी तरह बदल देता है. इसे सही समय पर और सही तरीके से डालना बहुत जरूरी है. नॉन वेज, वेज, दाल, ब्रेड और स्नैक्स सभी में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. घर पर बनी कस्तूरी मेथी ज्यादा खुशबूदार होती है और सही स्टोरेज से लंबे समय तक चलती है.

How to use kasuri methi: भारतीय रसोई मसालों और हर्ब्स की खुशबू से पहचानी जाती है. इन्हीं में से एक है कस्तूरी मेथी, जो दिखने में भले ही साधारण लगे, लेकिन स्वाद के मामले में किसी जादू से कम नहीं है. अक्सर घरों में कस्तूरी मेथी को बस दाल या सब्जी के ऊपर डालकर छोड़ दिया जाता है, जबकि इसका सही इस्तेमाल किसी भी साधारण डिश को रेस्टोरेंट जैसा टच दे सकता है. कई बार ऐसा होता है कि रोज रोज एक जैसा खाना खाकर मन ऊब जाता है, लेकिन उसी रेसिपी में अगर आखिर में थोड़ी सी कस्तूरी मेथी मिला दी जाए, तो स्वाद पूरी तरह बदल जाता है. यही वजह है कि अनुभवी रसोइए इसे कम मात्रा में लेकिन सही वक्त पर डालने पर जोर देते हैं. इसके साथ साथ कस्तूरी मेथी पाचन के लिए भी अच्छी मानी जाती है, इसलिए स्वाद और सेहत दोनों का फायदा एक साथ मिलता है.

कस्तूरी मेथी क्या होती है: कस्तूरी मेथी असल में मेथी की सूखी हुई पत्तियां होती हैं. इन्हें सुखाने के बाद हल्का मसलकर इस्तेमाल किया जाता है. इसका स्वाद हल्का कड़वा लेकिन खुशबू बहुत तेज और अलग होती है, जो किसी भी डिश की गहराई बढ़ा देती है. यही वजह है कि इसे मसाले की तरह नहीं बल्कि फ्लेवर बूस्टर की तरह इस्तेमाल किया जाता है.

घर पर कस्तूरी मेथी बनाना भी आसान है. ताजी मेथी को अच्छे से धोकर धूप में या हल्की आंच पर सुखा लें. जब पत्तियां पूरी तरह सूख जाएं, तो हाथों से मसलकर एयरटाइट डिब्बे में भर लें. इस तरह घर की बनी कस्तूरी मेथी ज्यादा खुशबूदार होती है.
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कस्तूरी मेथी को सही तरीके से स्टोर कैसे करें: कस्तूरी मेथी की खुशबू बनाए रखने के लिए स्टोरेज बहुत जरूरी है. इसे हमेशा एयरटाइट कांच या स्टील के डिब्बे में रखें. नमी और सीधी धूप से दूर रखें, वरना इसकी खुशबू उड़ जाती है. अगर आप लंबे समय तक इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो थोड़ी मात्रा फ्रिज में भी रख सकते हैं. प्लास्टिक की थैली में रखने से बचें क्योंकि उसमें नमी जमा हो जाती है.

ताजी मेथी और कस्तूरी मेथी में क्या फर्क है: ताजी मेथी और कस्तूरी मेथी दोनों का इस्तेमाल अलग अलग तरह से किया जाता है. ताजी मेथी सब्जी या पराठे में मात्रा में डाली जाती है, जबकि कस्तूरी मेथी सिर्फ एक चुटकी में ही अपना असर दिखा देती है. ताजी मेथी जहां हल्का कड़वा स्वाद देती है, वहीं कस्तूरी मेथी फ्लेवर को गाढ़ा और खुशबूदार बनाती है. इसलिए दोनों को एक दूसरे का विकल्प नहीं बल्कि अलग अलग रोल वाला इंग्रीडिएंट मानना चाहिए.

नॉन वेज डिश में कस्तूरी मेथी का इस्तेमाल: पंजाबी नॉन वेज ग्रेवी की पहचान ही कस्तूरी मेथी से होती है. बटर चिकन, चिकन टिक्का मसाला या मलाईदार कोरमा में आखिर में डाली गई कस्तूरी मेथी ग्रेवी को संतुलन देती है. इसे डालने से पहले हथेलियों के बीच मसलना जरूरी होता है ताकि इसकी खुशबू अच्छे से निकले. मैरिनेशन में थोड़ी सी कस्तूरी मेथी मिलाने से भी मीट का स्वाद उभरकर आता है.

शाकाहारी सब्जियों और करी में कैसे डालें: रोज की सब्जियां कई बार बोरिंग लगने लगती हैं, लेकिन कस्तूरी मेथी इसमें जान डाल देती है. पनीर भुर्जी बनाते वक्त प्याज टमाटर भूनते समय थोड़ी सी कस्तूरी मेथी डालने से स्वाद बदल जाता है. मटर पनीर, आलू की सब्जी या मिक्स वेज में भी आखिर में इसे डालने से सब्जी ज्यादा खुशबूदार बनती है. ध्यान रखें कि ज्यादा मात्रा न डालें, वरना स्वाद कड़वा हो सकता है.

दाल के तड़के में कस्तूरी मेथी का कमाल: दाल भारतीय खाने की रीढ़ है, लेकिन रोज एक जैसी दाल पीकर मन भर सकता है. ऐसे में तड़के के वक्त घी या तेल में कस्तूरी मेथी डालना एक शानदार ट्रिक है. अरहर दाल, चना दाल, राजमा या छोले में इसका तड़का स्वाद को बिल्कुल नया बना देता है. जीरा, लहसुन और सूखी लाल मिर्च के साथ कस्तूरी मेथी बहुत अच्छी लगती है.

भारतीय ब्रेड और स्नैक्स में कस्तूरी मेथी: पराठे या रोटी के आटे में थोड़ी सी कस्तूरी मेथी मिला दी जाए, तो ब्रेड का स्वाद बदल जाता है. नान और कुलचे में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. स्नैक्स की बात करें तो प्याज पकौड़े, समोसे या कचौड़ी की फिलिंग में कस्तूरी मेथी डालने से खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं. चाय के साथ परोसे जाने वाले स्नैक्स में यह खास असर दिखाती है.

फ्यूजन और मॉडर्न रेसिपी में इस्तेमाल: अब कस्तूरी मेथी सिर्फ देसी खाने तक सीमित नहीं है. पास्ता की व्हाइट सॉस में एक चुटकी कस्तूरी मेथी डालने से अलग सा देसी ट्विस्ट आ जाता है. दही आधारित डिप्स, ग्रिल्ड सब्जियों या ब्रेड डो में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. यह इंग्रीडिएंट देसी और विदेशी दोनों तरह की रेसिपी में आसानी से घुल जाता है.

सेहत के फायदे भी कम नहीं: कस्तूरी मेथी सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, सेहत के लिए भी फायदेमंद है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो इम्युनिटी को सपोर्ट करते हैं. यह पाचन में मदद करती है और पेट को हल्का रखती है. इसमें आयरन और कैल्शियम जैसे मिनरल भी पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी हैं.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/recipe-how-to-use-kasuri-methi-in-indian-cooking-to-enhance-flavour-everyday-dishes-easy-tips-guide-ws-kl-10014105.html
















