कुकीज को चाय के साथ खाने का मजा ही अलग है. कुकीज का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. बाजार चॉकलेट, ड्राईफ्रूट, बेरीज समेत कई तरह की कुकीज मिलती हैं. कुछ लोग बिस्किट और कुकीज को अलग-अलग समझते हैं लेकिन ऐसा नहीं है. कुकीज भले ही पश्चिम देशों में बनाई गई लेकिन आज हर भारतीय की मेहमान नवाजी इसके बिना अधूरी है. अब मिठाई, केक और चॉकलेट के साथ ही इसे भी दिवाली और क्रिसमस पर अपने चाहने वालों को भेंट में दिया जाता है. आज 4 दिसंबर है और इस दिन को National Cookie Day के तौर पर सेलिब्रेट किया जाता है.
कुकीज क्या होती हैं
अमेरिकन इंग्लिश में बेक्ड स्नैक्स को कुकीज कहा जाता है. यह मैदा, चीनी, अंडे से बनती हैं. इसे ब्रिटिश इंग्लिश में बिस्किट कहा जाता है. अमेरिका और कनाडा में कुकीज को क्विक ब्रेड या बार भी कहा जाता है. बेकरी में फ्रेश कुकीज की डिमांड हमेशा से रही है. स्कॉटलैंड में कुकीज शब्द सपाट बन (ब्रेड) के लिए भी इस्तेमाल होता है. यह शब्द 1701 से प्रचलन में है. कुकीज को एक शीट साइज में बेक किया जाता है और जब वह ठोस हो जाती हैं तो उसके छोटे-छोटे टुकड़े काटे जाते हैं.
बेकिंग शुरू होते ही बनी कुकीज
बेकिंग का इतिहास हजारों साल पुराना है. पहली बार बेकिंग प्राचीन मिस्र में शुरू हुई थी. करीब 4620 साल पहले गर्म पत्थरों या गर्म राख की मदद से ब्रेड को बेक किया जाता था. मेसोपोटामिया की सभ्यता में मिट्टी के ओवन बनने शुरू हुए। प्राचीन यूनान में पहली बार ओवन बनाया गया जिसमें ब्रेड के साथ ही पेस्ट्री भी बनती थीं. कुकीज को मीठी ब्रेड ही माना गया है. कुकीज तभी से बनने लगी थीं जब से बेकिंग शुरू हुई. कुछ इतिहासकार मानते हैं कि कुकीज पहली बार पर्सिया यानी ईरान में बनीं. इसी देश से यह स्पेन पहुंची और धीरे-धीरे पूरे यूरोप में मशहूर हो गईं. 14वीं सदी तक यह गरीबों से लेकर अमीर लोगों के बीच खाई जाने लगी थीं.
मुगलों ने पहली बार आटे और चीनी को मिलाकर इसे तंदूर में सेंका और देसी कुकीज बनाईं (Image-Canva)
डच व्यापारियों ने भारत में पहुंचाई कुकीज
दुनिया में कुकीज को पॉपुलर करने के पीछे डच नागरिकों का हाथ है. उन्होंने ही अमेरिका और भारत के लोगों को इसका स्वाद चखाया. डच भाषा में कुकीज को Koekje कहते हैं. जब डच व्यापारी भारत पहुंचे तो वह भारत में ही बस गए. उनसे भारतीयों ने भी कुकीज बनाना सीख लिया.
मेहमानों के लिए बनाई गई खास कुकीज
हमारे देश में मेहमानों को देवताओं के बराबर माना गया है इसलिए कहा भी गया है अतिथि देवो भव:. लेकिन मेहमानों की कुकीज से खातिरदारी केवल भारत में ही नहीं बल्कि इंग्लैंड भी होती थी. 16वीं सदी में इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ प्रथम ने अपने खास मेहमानों से मिलते-जुलते कुकीज बेक कराए. इन्हें जिंजरब्रेड मैन कहा जाता है. इन कुकीज का आकार इंसानों के शरीर जैसा था. वहीं, चाय और कुकीज का मिलन औद्योगिक क्रांति के बाद हुआ. मजदूरों को जब शाम के समय टी ब्रेक मिलता था, तो वह चाय के साथ कुकीज को ही खाना पसंद करते थे क्योंकि यह हल्का स्नैक होता है और सस्ता भी मिलता है.
कुकीज से बनती थी बीयर
ब्रिटिश फूड राइटर लिजी कोलिंगहैम की किताब ‘द बिस्किट: द हिस्ट्री ऑफ ए वेरी ब्रिटिश इंडल्जेंस’ ने कुकीज के बारे में कई दिलचस्प बातें लिखी हैं. किताब के मुताबिक प्राचीन सुमेरियन सभ्यता में लोग जौ से बनी कुकीज को स्टोर रखते थे और पुराना होने के बाद इससे बीयर बनाते थे. इसमें खजूर का रस भी डाला जाता था. एक इटैलियन कुकिंग हैंडबुक में बताया गया कि सौंफ और अंजीर से बनी कुकीज को डिनर के बाद खाया जाता था जिससे ब्लोटिंग का ना हो. इन कुकीज को सांस की बदबू से राहत पाने के लिए भी खाया जाता था.
भारत में सबसे ज्यादा पारले जी बिस्किट बिकता है (Image-Canva)
ज्यादा कुकीज खाना ठीक नहीं
कुकीज में मैदा, चीनी और मक्खन का खूब इस्तेमाल होता है. दुनियाभर में हुए कई सर्वे में सामने आ चुका है कि जंक फूड के अलावा कुकीज से भी तेजी से लोगों का वजन बढ़ता है. कुकीज में चीनी की मात्रा ज्यादा होती है जिससे इंसुलिन बढ़ सकता है और व्यक्ति डायबिटीज का शिकार हो सकता है. बाजार में बिक रही ज्यादातर कुकीज प्रोसेस्ड हैं जो मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती हैं. कुकीज डिहाइड्रेशन को भी बढ़ाती हैं. इन्हें खाने से पाचन की क्रिया कमजोर होने लगती हैं. चाय के साथ बिस्किट खाने और खतरनाक है क्योंकि चाय में भी चीनी है और बिस्किट में भी.
घर पर ऐसे बनाएं हेल्दी कुकीज
शेफ मनीष अरोड़ा के अनुसार गेहूं, बाजरा या जौ के आटे को देसी घी में मिलाकर गूंथे और छोटी-छोटी लोई को गोल आकार दें. एक बड़े आकार के तवे को कोयले पर या गैस पर धीमी आंच पर सेंके. 15 मिनट होने के बाद इस पर आटे की लोई को रखें और उसे पकने तक सेंकते रहे. जब वह क्रिस्पी यानी कड़क हो जाए तो उसे तवे से हटा लें. हेल्दी कुकीज तैयार हैं. इसी तरह लोई पर तिल, नारियल का पाउडर या ड्राईफ्रूट डालकर अलग-अलग तरह की कुकीज बनाई जा सकती हैं. वहीं, अगर कुकीज को ओवन में बेक करना है तो पहले ओवन को प्रीहीट करें. फिर इसमें आटे की लोई को 350°F के तापमान पर बेक करें.
FIRST PUBLISHED : December 4, 2024, 12:42 IST
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