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Special Pahadi Kheer Recipe: अगर आप पहाड़ों में घूमने आएं और यहां की पारंपरिक ‘लाल चावल की खीर’ नहीं खाई, तो समझिये आपने असली स्वाद चखा ही नहीं. यह केवल एक मीठा व्यंजन नहीं, बल्कि पहाड़ी सेहत और संस्कृति का अनमोल हिस्सा है. पीतल के बर्तन में धीमी आंच पर पकने वाली यह खीर जब अपना रंग बदलती है, तो इसकी खुशबू पूरे घर में महक उठती है. जानिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए फायदेमंद माने जाने वाली इस खीर को बनाने की खास विधि और सही तरीका.
Special Pahadi Kheer Recipe: पहाड़ों की रसोई में बनने वाली लाल चावल की खीर सिर्फ एक स्वीट डिश नहीं है, बल्कि यह सेहत, स्वाद और परंपरा का मेल है. यह खीर आम सफेद चावल की खीर से बिल्कुल अलग होती है, क्योंकि इसे खास पहाड़ी लाल चावल से बनाया जाता है. पहाड़ों में आज भी इसे पीतल के ‘तोले या तौली’ (एक तरह का बड़ा बर्तन) में बनाया जाता है, जिससे इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. गांवों में बुजुर्गों का मानना है कि लाल चावल शरीर को जबरदस्त ताकत देते हैं, इसलिए यह खीर बच्चों, बुजुर्गों और यहां तक कि बीमार व्यक्ति के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जाती है. पूजा-पाठ हो, त्योहार हो या कोई खास मेहमान घर आया हो, लाल चावल की खीर बनाना बहुत शुभ माना जाता है.
दूध के साथ पककर बदल जाता है रंग
जब लाल चावल दूध में पकते हैं, तो धीरे-धीरे अपनी खुशबू और रंग छोड़ने लगते हैं. शुरुआत में ये चावल गहरे लाल रंग के होते हैं, लेकिन जैसे-जैसे ये दूध में पककर गलते हैं, इनका रंग हल्का सफेद या गुलाबी होने लगता है. यही बदलाव इस खीर को एक अनोखा रंग और सोंधा स्वाद देता है. यह खीर न तो बहुत ज्यादा मीठी होती है और न ही पेट पर भारी पड़ती है, इसे खाने के बाद शरीर में हल्कापन और ताजगी महसूस होती है.
पहाड़ी खीर बनाने की आसान विधि
पहाड़ी खीर बनाने का तरीका बहुत ही सरल है, आइए जानते हैं इसे बनाने की पूरी विधि.
खीर बनाने की तैयारी: सबसे पहले करीब आधा कप पहाड़ी लाल चावल लें. उन्हें साफ पानी से अच्छे से धो लें और फिर आधे घंटे के लिए भिगोकर छोड़ दें. भिगोने से चावल जल्दी गलते हैं और खीर मुलायम बनती है.
पकने की प्रक्रिया: अब एक मोटे तले वाला पीतल का बर्तन (तोला) लें. इसमें भीगे हुए चावल डालें और ऊपर से करीब 1 लीटर दूध मिला दें. अब इसे धीमी आंच पर धीरे-धीरे पकने दें. खीर को बीच-बीच में चलाते रहें ताकि चावल बर्तन के तले पर न चिपकें. अगर पकते समय दूध ज्यादा गाढ़ा हो जाए, तो इसमें थोड़ा सा दूध और मिला सकते हैं.
खीर में मक्खन और गुड़ का तड़का
जब चावल अच्छी तरह गल जाएं और दूध गाढ़ा होकर मलाईदार दिखने लगे, तब इसमें असली पहाड़ी स्वाद डालने का समय आता है. इसमें एक बड़ा चम्मच ताजा पहाड़ी मक्खन डालें. मिठास के लिए आप इसमें 3 से 4 चम्मच गुड़ या अपने स्वाद के अनुसार चीनी डाल सकते हैं. स्वाद को और बढ़ाने के लिए इसमें आधा चम्मच इलायची पाउडर, एक चम्मच कटे हुए बादाम और एक चम्मच बारीक कटे अखरोट भी मिलाए जा सकते हैं.
बस, अब आपकी गरमा-गरम पहाड़ी लाल चावल की खीर तैयार है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही Bharat.one (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं Bharat.one (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/recipe-pahadi-red-rice-kheer-recipe-traditional-hills-dessert-health-benefits-local18-10135739.html







