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जोड़ों के दर्द वाले ध्यान दें! पेन किलर और टैबलेट का न करें इस्तेमाल, इस पत्ते से दूर हो सकती है गठिया दर्द


हल्द्वानी: भारत में औषधीय प्रणाली से उपचार पौराणिक कालों से होती आ रही है. इसमें वैद्य के द्वारा कई तरह की पत्तियों से जड़ी बूटियां बनाई जाती हैं. इस तरह से उपचार किया जाता था, लेकिन यह प्रणाली धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है. आज भी हमारे आसपास कई ऐसे पौधे हैं, जिससे आप अपना उपचार स्वयं कर सकते हैं. इसमें से ही एक पौधा अरंडी का है. इसके बीज से निकलने वाले तेल से कई फायदे हैं, जो आपको रोग मुक्त कर सकते हैं.

हल्द्वानी निवासी वरिष्ठ आयुर्वेदिक डॉ. विनय खुल्लर ने बताया कि इसके बीज से लेकर पत्ती तक सब उपयोगी होते हैं. आयुर्वेद के अनुसार अगर आरंडी के पत्ते को दर्द वाले स्थान पर बांध दिया जाए, तो वह दर्द को दूर करने में मदद करता है. साथ ही इसकी पत्तियों से गांठिया का दर्द भी ठीक किया जा सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार अरंडी के पत्ते का लेप लगाकर दर्द वाले स्थान पर रात भर पट्टी से बांधकर रखें तो उनको दर्द से काफी राहत मिलेगी.

250 तरह की बनाई जाती हैं चीजें
बता दें कि अरंडी के पौधे से तेल-साबुन, ईंधन, पेंट और दवाएं बनती हैं. इस पौधे को ग्रामीण क्षेत्रों में लोग रेड़ी भी कहते हैं. अरंडी से डाई, डिटर्जेंट, पॉलिश, पेंट, लुब्रिकेंट से लेकर पॉलिश तक 250 से ज्यादा तरह की चीजें बनाई जाती हैं. आयुर्वेद में अरंडी यानी कैस्टर के पत्ते, बीज, फूल और जड़ हर हिस्से का इस्तेमाल दवाओं के तौर पर होता रहा है.

दूर करता है जोड़ों का दर्द
सूजन और मांसपेशियों के दर्द में अरंडी के पत्तों का पेस्ट काफी राहत प्रदान करता है. इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं. इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाने से तत्काल राहत मिलती है. इसके अलावा
पेट के रोग और दस्त में भी अरंडी के पत्तों का काढ़ा दस्त और पेट से संबंधित अन्य समस्याओं में उपयोगी होता है. यह पाचन तंत्र को सुधारता है और आंतों की कार्यक्षमता को बढ़ाता है. इसके सेवन से पेट के दर्द और अपच में भी राहत मिलती है.

चोट लगने पर लगाएं अरंडी के पत्ते
कई बार हमें चोट लगती है. वह चोट दिखाई नहीं देती, लेकिन दर्द का अहसास होता है. इसे गुम चोट कहा जाता है. गुम चोट के दर्द को कम करने के लिए भी अरंडी के पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए आप तेल गर्म करें, इसमें अरंडी के पत्ते डालें और दर्द वाली जगह पर लगाएं. इससे आपके दर्द में आराम मिलेगा, चोट की लालिमा भी कम होगी.

ब्रेस्ट की गांठ को कम करत है आरंडी
जब ब्रेस्ट में गांठ बन जाती है, तो कई बार उसमें दर्द और सूजन होने लगती है. ऐसे में आप उसे कम करने के लिए भी आरंडी का इस्तेमाल कर सकते है. आरंडी के पत्तों को गर्म कर दर्द वाली जगह और सूजन वाली जगह में लगा सकते हैं. इससे आपको काफी राहत मिलेगी.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Bharat.one किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-ayurvedic-treatment-of-arthritis-with-castor-leaves-in-haldwani-pain-will-go-away-8608103.html

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