Should we buy home in polluted Delhi NCR: दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण की फैक्ट्री बन चुका है. यहां कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 600 को भी पार कर गया है और खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है. यही वजह है कि इतने गंभीर हालातों में यहां रहने वालों को डॉक्टरों की ओर से साफ तौर पर कुछ महीनों के लिए दिल्ली को छोड़ देने तक की सलाह दी गई है. ये सलाह भले ही कुछ दिनों के लिए हो लेकिन दिल्ली में प्रदूषण गर्मी में भी खत्म नहीं होता है, सीपीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में पिछले दो सालों में एक भी दिन अच्छा यानि एक्यूआई 50 से कम वाला नहीं रहा है, ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतने बुरे हालातों में क्या दिल्ली-एनसीआर में बसने का सपना देखना और यहां आलीशान घर खरीदना सही है?

प्रदूषण के चलते डॉक्टरों ने दिल्ली छोड़ने की सलाह दी है.
‘दिल्ली एम्स में पूर्व एचओडी रह चुके पीएसआरआई इंस्टीट्यूट ऑफ पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन के चेयरमैन डॉ.खिलनानी ने कुछ दिन पहले ही लोगों को सलाह दी थी कि जो लोग अफॉर्ड कर सकते हैं वे कम से कम दो महीने के लिए दिल्ली छोड़ दें और अपने दूसरे घरों पर या बच्चों के पास चले जाएं. उन्होंने कहा था कि वे भले ही यहां रह रहे हैं लेकिन बाहर रह रहे अपने बच्चों को कभी भी दिल्ली वापस लौटने की सलाह नहीं देंगे.’
ऐसे में मैसेज साफ है कि जिन लोगों के पास कहीं और रहने का विकल्प है, वे दिल्ली-एनसीआर से दूर ही रहें और यहां न बसें तो बेहतर है, लेकिन प्रदूषण खत्म हो जाए तो यहां रह सकते हैं. डॉक्टर खिलनानी की इस सलाह से बहुत सारे लोग इत्तेफाक भी रखते हैं और कई इसे अपना भी चुके हैं.
विशेषज्ञ बोले- एनसीआर है पॉवर गैलरी..

दिल्ली में देश को चलाने वाले लोग रहते हैं, पहीं एनसीआर देश का केंद्र है, ऐसे में यहां घर खरीदना फायदे का सौदा है.
प्रॉपर्टी लेनदेन के फाउंडर और जाने-माने रियल एस्टेट एनालिस्ट भूपेंद्र सिंह कहते हैं, ‘दिल्ली देश की राजधानी है. प्रधानमंत्री से लेकर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तक सभी दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं. पॉवर गैलरी दिल्ली ही है. आज पूरे देश में प्रदूषण है.सिर्फ दिल्ली-एनसीआर नहीं सभी बड़े मेट्रो शहरों में एक्यूआई खराब या बहुत खराब श्रेणी में है. अगर देश के टॉप-10 शहरों की सूची बनाएं तो दिल्ली पहले नंबर पर है और जब भी प्रदूषण को खत्म करने की कवायद शुरू होगी तो सबसे पहले ये काम भी दिल्ली-एनसीआर में ही शूरू होगा. देश को चलाने वाले लोग यहीं रहते हैं तो सबसे पहले प्रदूषण मुक्त करने की पहल भी यहीं की जाएगी. इसलिए यहां से चले जाना या इसे छोड़ देना बेहतर विकल्प नहीं हो सकता.’
भूपेंद्र आगे कहते हैं, ‘दूसरा एक ट्रेंड कुछ समय से देखा जा रहा है कि कुछ लोग प्रदूषण के दौरान और गर्मी बढ़ने पर दिल्ली को छोड़कर हिल स्टेशनों जैसे देहरादून, शिमला, चंडीगढ़ या तमाम उन जगहों पर अपने दूसरे घरों में चले जाते हैं जहां कम प्रदूषण है, और प्रदूषण खत्म होने पर वापस लौटकर यहीं आ जाते हैं. या जिनके बच्चे बाहर रहते हैं तो उनके पास चले जाते हैं और फिर सही मौसम होने पर वापस आ जाते हैं. आने वाले समय में हो सकता है कि ये ट्रेंड और भी बढ़े. तो इसका फायदा निश्चित रूप से लोगों की हेल्थ को होने के साथ ही छोटे शहरों की प्रॉपर्टी और लोकल मार्केट को भी मिल रहा है लेकिन एक बात साफ है कि इससे एनसीआर पर ज्यादा फर्क पड़ने वाला नहीं है क्योंकि जिन लोगों को एनसीआर में रहने की आदत पड़ चुकी है, यहां जिनका रोजगार और काम है, यहां की लाइफस्टाइल, सोशल लाइफ और सोशल इंफ्रा में जो रच बस चुके हैं, वे बहुत दिन तक जाकर दूसरी जगह नहीं रह सकते हैं. वे यहां लौटने ही हैं. कुछ संख्या जरूर ऐसे लोगों की हो सकती है जो यहां से मूव कर गए हों, लेकिन ये संख्या काफी कम है.’
डेवलपर्स बोले- मौसमी चुनौती नहीं रोक सकती ग्रोथ

रियल एस्टेट का इंजन एनसीआर ही है. अब सोसायटीज में एयर पॉल्यूशन से निपटने के लिए भी उपाय किए जा रहे हैं.
रियल एस्टेट एक्सपर्ट विजन बिजनेस पार्क के प्रमोटर वैभव अग्रवाल का कहना है कि प्रदूषण एक मौसमी चुनौती है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर का ग्रोथ पैटर्न स्थायी है.सरकार और प्राधिकरण क्लीन-फ्यूल, कंस्ट्रक्शन मॉनिटरिंग, मेकैनिकल रोड स्वीपिंग, ई-बस नेटवर्क और ग्रीन बेल्ट डेवलपमेंट जैसे कई कदम लगातार बढ़ा रहे हैं. वहीं नई मेट्रो लाइनें, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, डेटा सेंटर हब और एक्सप्रेसवे इस रीजन को अगले दशक का सबसे बड़ा रियल एस्टेट मार्केट बना रहे हैं. जो खरीदार आज निवेश कर रहे हैं, वे क्लीनर एनवायरनमेंट और बेहतर रिटर्न दोनों का फायदा आने वाले समय में देखने वाले होंगे.
लग्जरी सोसायटीज में इनडोर एयर प्यूरीफिकेशन
होमग्राम के फाउंडर गौरव सोबती कहते हैं कि दिल्ली-एनसीआर की डिमांड प्रदूषण की चुनौतियों के बावजूद कम नहीं हो रही है. नई सोसाइटीज अब हाई-एयर-क्वालिटी स्टैंडर्ड के साथ बन रही हैं, जैसे सेंट्रलाइज्ड इनडोर एयर-प्यूरीफिकेशन, ग्रीन कॉरिडोर, इलेक्ट्रिक-व्हीकल बेस्ड कम्यूट. इससे इनडोर-लिविंग पहले से कहीं ज्यादा हेल्दी हो गया है. लंबी अवधि में देखें तो दिल्ली-एनसीआर देश का सबसे मज़बूत रोजगार-कॉरिडोर है, इसलिए यहां संपत्ति खरीदना भविष्य की वैल्यू के लिए अब भी एक समझदारी भरा फैसला है. साथ ही प्रदूषण से निपटने के लिए होने वाले प्रयासों से आने वाले 3 से 5 साल में हालात बेहतर होने की भी उम्मीद है.
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