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Health Tips:आज के समय में याददाश्त की कमजोरी, फोकस की कमी और मानसिक थकान आम समस्याएं हैं, जिन्हें आयुर्वेद नर्वस सिस्टम के असंतुलन से जोड़ता है. आयुर्वेद के अनुसार अखरोट एक औषधीय आहार है जो वात दोष को शांत कर मस्तिष्क और नसों को गहरा पोषण देता है. इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड, पॉलीफेनॉल और अन्य पोषक तत्व स्मृति, एकाग्रता और मानसिक स्थिरता को बढ़ाते हैं.

आज के समय में याददाश्त का कमजोर होना, फोकस की कमी, लगातार मानसिक थकान, बेचैनी और चिड़चिड़ापन बहुत आम समस्याएं बन गई हैं. आयुर्वेद के अनुसार ये समस्याएं केवल मन से जुड़ी नहीं होतीं, बल्कि यह नर्वस सिस्टम के असंतुलन का संकेत होती हैं. ऐसे में नर्वस सिस्टम की समस्या को ठीक करने में अखरोट किसी औषधि से कम नहीं है. यह नर्वस सिस्टम के असंतुलन को धीरे-धीरे ठीक कर मन और मस्तिष्क में स्थिरता लाता है.

आयुर्वेदिक डॉक्टर नरेंद्र कुमार ने बताया कि अखरोट को आमतौर पर एक साधारण सूखा मेवा माना जाता है. लेकिन आयुर्वेद की दृष्टि से यह मस्तिष्क, मन और स्मृति को स्थिर करने वाला एक औषधीय आहार है. अखरोट का आकार मस्तिष्क जैसा होता है और इसका प्रभाव भी गहराई से मस्तिष्क औऱ नर्वस सिस्टम पर पड़ता है. उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार अखरोट वात दोष को शांत करता है, नसों को मज़बूती देता है और मस्तिष्क को पोषण प्रदान करता है. यही कारण है कि यह मानसिक थकान, बेचैनी और अस्थिरता की स्थिति में विशेष रूप से यह फायदेमंद माना जाता है.

आयुर्वेद के अनुसार अखरोट वात-शामक गुणों से भरपूर होता है. जब शरीर में वात दोष बढ़ता है तो मन चंचल, बेचैन और थका हुआ महसूस करता है. अखरोट नसों और मस्तिष्क को गहरा पोषण देकर नर्वस सिस्टम को स्थिर करता है. यही वजह है कि यह अधिक मानसिक श्रम करने वालों, पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों और तनावग्रस्त लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है.
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आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार, अखरोट में मौजूद पॉलीफेनॉल मस्तिष्क की सूजन को कम करने में सहायक होते हैं. ये तत्व शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाते हैं, जिससे मानसिक थकावट और दिमागी की समस्या कम होती है. अखरोट का यह प्रभाव तुरंत नहीं, बल्कि धीरे-धीरे और गहराई से काम करता है, जिससे मस्तिष्क को लंबे समय तक लाभ मिलता है.

इसके अलावा अखरोट में पाए जाने वाले हृदय-रक्षक स्टेरॉल दिल के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक होते हैं. साथ ही इसमें टैनिन की मात्रा कम होती है, जिससे यह पाचन के लिए हल्का माना जाता है. इसका सेवन करने पर यह पेट में भारीपन, गैस और अपच की संभावना को भी कम करता है. इसके अलावा अखरोट मानसिक शक्ति बढ़ाने में सहायक होता है. यह ध्यान और एकाग्रता को सहारा देता है तथा मनोबल को स्थिर करता है.

इसकी विशेषता यह है कि यह मन को उत्तेजित नहीं करता, बल्कि संतुलित करता है. इसलिए यह ध्यान, अध्ययन और मानसिक स्पष्टता के लिए उपयोगी आहार माना जाता है. अखरोट में मौजूद DHA, ALA और ओमेगा-3 फैटी एसिड स्मृति शक्ति को पोषण देते हैं, फोकस और निर्णय क्षमता में सुधार करते हैं. यहीं कारण है कि अखरोट एक प्रभावी मस्तिष्क को पोषण देने वाला आहार माना जाता है.

आयुर्वेद के अनुसार अखरोट का सेवन सही तरीके से करना आवश्यक है. रात में 2 से 3 अखरोट साफ पानी में भिगो दें. सुबह खाली पेट उन्हें अच्छी तरह चबाकर खाएं और ऊपर से थोड़ा पानी पी लें. इस विधि से अखरोट के पोषक तत्व शरीर में बेहतर रूप से अवशोषित होते हैं. मस्तिष्क को तेज़ होना नहीं, स्थिर होना ज़रूरी है. अखरोट मन को दौड़ाता नहीं, बल्कि उसे संतुलन सिखाता है.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/health-health-benefits-of-eating-walnut-local18-ws-kl-10111124.html







