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आयुर्वेदिक दवाओं में सोना-चांदी और तांबा क्यों होता है इस्तेमाल? 90% लोग नहीं जानते वजह, जानकर चौंक जाएंगे

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Metals Use in Ayurveda: आयुर्वेद में सोना, चांदी, तांबा और लोहे की भस्म का इस्तेमाल किया जाता है. इन भस्मों को आयुर्वेदिक दवाओं में मिलाया जाता है. हालांकि ये भस्म सही मात्रा में मिली हों, तभी फायदा होगा. ऐसे म…और पढ़ें

आयुर्वेदिक दवाओं में सोना-चांदी और तांबा क्यों होता है इस्तेमाल? जानें वजह

आयुर्वेद में धातुओं की भस्म का इस्तेमाल किया जाता है.

हाइलाइट्स

  • आयुर्वेद में सोना, चांदी, तांबा और लोहे का उपयोग होता है.
  • धातुएं शरीर की ऊर्जा संतुलित करने में मदद करती हैं.
  • आयुर्वेदिक दवाओं में धातुओं का सही मात्रा में उपयोग जरूरी है.

Ayurveda Medicines: आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों और फूल पत्तियों का इस्तेमाल बीमारियों के इलाज में खूब किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयुर्वेदिक दवाओं में सोना, चांदी, तांबा और लोहा भी मिलाया जाता है. सुनकर हैरान हो रहे होंगे, लेकिन यह बात बिल्कुल सही है. इन धातुओं का उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं में बीमारियों से राहत दिलाने के लिए किया जाता है. चरक और सुश्रुत संहिता में इसका जिक्र मिलता है. इन धातुओं की भस्म से तैयार तत्व आयुर्वेदिक दवाओं को ज्यादा असरदार बनाते हैं और शरीर में संतुलन बनाते हैं. इन धातुओं का उपयोग प्राचीन काल से ही भारतीय चिकित्सा पद्धतियों में किया जा रहा है और अब वैज्ञानिक शोध ने इसके फायदों पर मुहर लगाई है.

रिसर्च में बताया गया है कि इन धातुओं को आयुर्वेद में रसायन के रूप में उपयोग किया जाता है, जो शरीर की ऊर्जा को संतुलित करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और सामान्य स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करते हैं. आयुर्वेद में इन धातुओं का उपयोग विशेष रूप से सामग्री का संशोधन प्राकृतिक तत्वों के प्रसंस्करण के माध्यम से किया जाता है, ताकि ये शरीर के लिए प्रभावी और सुरक्षित हो सकें. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन जर्नल में छपी रिसर्च के मुताबिक अपने मूल रूप में सोने को सदियों से खुजली वाली हथेलियों से राहत दिलाने के लिए एक एंटी-प्रुरिटिक एजेंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है. 1980 में रॉबर्ट कोच ने देखा कि सोना इन विट्रो में माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस को रोकता है . इससे गठिया और ल्यूपस एरिथेमेटोसस पर भी परीक्षण हुए हैं.

सोने का उपयोग मानसिक शांति और बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है. यह शरीर के भीतर रक्त संचार को बेहतर बनाने और वृद्धावस्था के प्रभावों को कम करने में मदद करता है. चांदी का उपयोग शरीर को ठंडक प्रदान करने, बुखार और त्वचा संबंधी समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जाता है. यह शरीर के भीतर विषाक्त पदार्थों को निकालने में भी सहायक है. तांबा आयुर्वेद में विशेष रूप से पाचन क्रिया को सुधारने, विषाक्त पदार्थों को निकालने और शरीर की रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होता है. लोहे का उपयोग खून की कमी दूर करने के लिए किया जाता है. यह शरीर में लाल रक्त कणों को बढ़ाने और ऊर्जा स्तर को बढ़ाने में मदद करता है.

शोध में पाया गया है कि इन धातुओं का उपयोग अत्यधिक सावधानी से किया जाना चाहिए, क्योंकि इनका अधिक सेवन शरीर में विषाक्तता का कारण बन सकता है. इसलिए आयुर्वेद में इन धातुओं का उपयोग विशेष रूप से पारंपरिक प्रक्रियाओं के तहत किया जाता है, ताकि उनकी प्रभावशीलता बढ़ाई जा सके और किसी भी प्रकार की हानिकारक प्रतिक्रिया से बचा जा सके. इन धातुओं का सही तरीके से आयुर्वेदिक उपचार में उपयोग करने से शरीर में संतुलन स्थापित होता है, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है. लेकिन इनके उपयोग से पहले आयुर्वेदाचार्य या डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

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आयुर्वेदिक दवाओं में सोना-चांदी और तांबा क्यों होता है इस्तेमाल? जानें वजह


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-why-gold-silver-copper-iron-used-in-ayurvedic-medicines-know-reason-of-using-metals-in-ayurveda-9101153.html

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