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इस साबुन को तैयार करने के लिए रीठा का सत्व, आंवला का सत्व, शिकाकाई का सत्व, जटामांसी का सत्व, भृंगराज का सत्व और मुल्तानी मिट्टी का उपयोग किया जाता था. इसकी गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए नींबू, नीम और हल्दी भी मिलाए जाते थे.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/health-this-is-how-soap-was-prepared-in-earlier-times-it-took-2-months-to-make-it-local18-9047185.html

















