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आजकल की लड़कियां मस्कुलर लुक और इंस्टाग्राम वाली परफेक्ट बॉडी पाने के लिए एनाबॉलिक स्टेरॉयड का सहारा ले रही हैं. इंटरनेशनल रिसर्च और भारतीय डॉक्टर्स के मुताबिक, यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण महिलाओं में कई तरह की गंभीर समस्याएं हो रही हैं. सोशल मीडिया और बॉडी इमेज का दबाव युवाओं को इस खतरनाक रास्ते पर ले जा रहा है.
बुलंदशहर से आईं और नोएडा में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाली श्रावणी बिजी शेड्यूल में से भी जिम के लिए समय जरूर निाल लेती हैं. पिछले कुछ सालों से श्रावणी पर ‘इंस्टाग्राम इंफ्लूएंजर’ जैसी परफेक्ट बॉडी बनाने का क्रेज चढ़ा हुआ है. इस क्रेज के लिए वो जिम में वेट लिफ्टिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग तो कर ही रही हैं, पर इसी बीच एक दोस्त की सलाह पर उसने स्टेरॉयड को भी अपने रुटीन में शामिल कर लिया है. श्रावणी अकेली नहीं हैं. लड़के अक्सर बॉडी बिल्डिंग और परफेक्ट बॉडी के लिए स्टेरॉयड्स का इस्तेमाल करते हैं. पर अब इन स्टेरॉयड्स ने धीरे-धीरे लड़कियों के भी फिटनेस रुटीन में एंट्री मार ली है.
आजकल आप किसी भी शहर के जिम में चले जाइए, नज़ारा बदला हुआ है. लड़कियां न सिर्फ भारी वजन उठा रही हैं, बल्कि बॉडीबिल्डिंग और फिजीक कॉम्पिटिशन में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं. सोशल मीडिया पर ‘बिफोर और आफ्टर’ के ट्रांसफॉर्मेशन वीडियोज की बाढ़ आई हुई है. फिटनेस, जो कभी महिलाओं के लिए सिर्फ वजन घटाने और कार्डियो तक सीमित थी, अब मसल्स बनाने और मस्कुलर दिखने की ओर बढ़ चुकी है.
लेकिन इस बदलाव के पीछे एक कड़वा सच भी छिपा है. युवा महिलाओं में एनाबॉलिक स्टेरॉयड का बढ़ता चलन. इंटरनेशनल रिसर्च बताती है कि अब स्टेरॉयड सिर्फ पुरुष एथलीटों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि लड़कियां भी जाने-अनजाने में इन दवाओं का इस्तेमाल कर रही हैं. लेकिन ये परफेक्ट बॉडी पाने की चाह सेहत पर बेहद भारी पड़ रही है.

सिर्फ पुरुषों का मुद्दा नहीं रहा स्टेरॉयड
दशकों तक स्टेरॉयड को सिर्फ पुरुषों की समस्या माना जाता था. जिम कल्चर और डोपिंग के जितने भी मेडिकल रिसर्च हुए, वे पुरुषों के शरीर को ध्यान में रखकर किए गए. लेकिन 2024 की एक साइंटिफिक रिपोर्ट चौंकाने वाली है. दुनिया भर में महिलाओं में स्टेरॉयड का इस्तेमाल 2014 के 1.6% से बढ़कर अब 4% हो गया है. खास तौर पर उन महिलाओं में जो प्रोफेशनल एथलीट नहीं हैं, बल्कि सिर्फ फिट दिखने के लिए जिम जाती हैं.
शॉर्टकट की चाहत: आखिर क्यों बढ़ रहा है क्रेज?
तेजी से फैट कम करना, मसल्स को टोन करना और ‘इंस्टाग्राम-रेडी’ बॉडी पाना आज की जरूरत बन गई है. जयपुर के सीके बिरला हॉस्पिटल्स की सीनियर कंसल्टेंट (गाइनेकोलॉजी) डॉ. नम्रता गुप्ता ने Bharat.one को बताया, “कई महिलाएं मस्कुलर लुक जल्दी पाने के चक्कर में स्टेरॉयड की ओर मुड़ रही हैं. स्कल्प्टेड बॉडी (तराशा हुआ शरीर) पाने का दबाव उन्हें नैचुरल डाइट और एक्सरसाइज के बजाय इन खतरनाक शॉर्टकट्स की ओर धकेलता है.”
आखिर लड़कियां ले क्या रही हैं?
एनाबॉलिक स्टेरॉयड असल में टेस्टोस्टेरोन का बनावटी रूप है. यह वही हार्मोन है जो पुरुषों में मसल्स और ताकत बढ़ाता है. महिलाओं के शरीर में यह बहुत कम मात्रा में होता है. महिलाएं अक्सर Stanozolol, Nandrolone और Oxandrolone जैसी दवाएं ले रही हैं.
About the Author
दीपिका शर्मा पिछले 5 सालों से Bharat.one Hindi में काम कर रही हैं. News Editor के पद पर रहते हुए Entertainment सेक्शन को 4 सालों तक लीड करने के साथ अब Lifestyle, Astrology और Dharma की टीम को लीड कर रही हैं. पत्र…और पढ़ें
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