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Tips and tricks: इन दिनों तरह-तरह के कीड़े फातिंगे देखने को मिलते हैं, जो अधिकतर गैर जहरीले होते हैं. लेकिन कुछ तो इतने खतरनाक होते हैं कि केवल त्वचा पर बैठते ही अपना छाप छोड़ देते है. कुछ लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं, जो बाद में गंभीर रोगों का कारण बनता है. विस्तार से जानिए

इन दिनों जहरीले कीड़े फातिंगे के काटने के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं. ब्लिस्टर बीटल, लाल चींटियां, मकड़ियां, स्किन माइट्स और ततैया जैसे कुछ खास प्रजाति के कीड़े फातिंगे बेहद जहरीले होते हैं, जिनसे त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंच सकता हैं. हालांकि, सभी कीट पतंग जहरीले नहीं होते हैं.

इन जहरीले कीड़ों के काटने के लक्षण त्वचा पर आसानी से देखे जा सकते हैं. आमतौर पर लाल उभरे हुए दाने, चकत्ते, खुजली, सूजन और जलन महसूस होती है. कई बार ये दाने लाइन या झुंड में दिखाई देते हैं, जिससे पहचान आसानी हो सकती है.

उक्त कीड़े फातिंगे के काटने की जगह पर तेज दर्द, झुनझुनी और जलन जैसी संवेदनाएं होती हैं. कुछ मामलों में घाव भी बन सकते हैं, जो देर से भरते हैं. यही नहीं मच्छरों में भी बड़ी खतरनाक प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनके काटने से मलेरिया और डेंगू हो सकता हैं, तो सावधान रहें.

श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलिया के प्राणीशास्त्र विभाग (Zoology Department) के विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि, “कुछ कीड़ों के डंक से शरीर में गंभीर एलर्जी हो सकती है. इससे सांस लेने में दिक्कत, गले में सूजन, स्वर बैठना, चक्कर आना और यहां तक कि बेहोशी भी हो सकती है. ऐसे लक्षण दिखते ही तत्काल चिकित्सीय परामर्श ले.

उक्त कीड़ों के जहर से पूरे शरीर पर असर देखने को मिल सकता है. जैसे मरीज को बुखार, मतली, उल्टी और कमजोरी महसूस हो सकती है. कुछ कीड़े लाइम रोग, मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों के शिकार बना सकते है.

जहरीले कीड़ों का डंक शरीर के सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है. जैसे मधुमक्खी या ततैया के डंक से एलर्जिक शॉक हो सकता है. खटमल या टिक के काटने से संक्रमण और रोग फैलने की आशंका रहती है. भुअरी के रेंगने मात्र से त्वचा पर चकते पड़ जाते हैं.

ततैया या मधुमक्खी के डंक के मामले में शांत रहें, डंक को हटाएं और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं. घबराने से स्थिति बिगड़ सकती है. बिना देर और लापरवाही बरते तुंरत डॉक्टर से सलाह लेना सुरक्षित होता हैं.

अगर संभव हो, तो काटने वाले कीड़े की पहचान करें और उसे डॉक्टर को बताएं या फिर फोटो खींचकर दिखाए. यह उपचार में मदद करता है. खासतौर पर भूरे वैरागी मकड़ी, ततैया जैसे जहरीले कीड़ों के मामलों में सही पहचान से समय रहते इलाज मिल सकता है, जिससे गंभीर असर को रोका जा सकता है.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/health-these-insects-they-attack-in-the-blink-of-an-eye-and-are-poisonous-to-the-skin-local18-9689046.html

















