
रायपुर. छत्तीसगढ़, जिसे ‘भारत का हर्बल स्टेट’ कहा जाता है, अपनी जैव विविधता और औषधीय पौधों के लिए प्रसिद्ध है. यहां के स्थानीय वैद्य, पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का उपयोग कर, गंभीर बीमारियों का इलाज कर रहे हैं. इनमें बवासीर जैसी आम लेकिन कष्टदायक बीमारी का इलाज भी शामिल है.
वैद्यराज दशरथ नेताम ने Local18 के माध्यम से बताया कि पारंपरिक तरीके से छत्तीसगढ़ के जड़ी बूटियों से बवासीर का इलाज किया जाता है. बवासीर की वजह से कई अन्य प्रकार की बीमारियों होने की संभावना बढ़ जाती है. बवासीर का सही समय पर इलाज नहीं करने से भगंदर बन जाता है. बवासीर का इलाज जड़ी बूटियों से किया जाता है. कंद मूल, देशी घी के साथ या पाउडर के रूप में औषधि दी जाती है. वैद्यराज का दावा है कि यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों को एक हफ्ते में ही रिजल्ट मिलने लगता है.
इस तरीके से बनाई जाती है ये दवाई
वैद्यराज नेताम आगे बताते हैं कि उनके पास कांकेर की एक महिला बवासीर का इलाज कराने आई थी , यहां इलाज कराने के पहले से अस्पताल में 6 लाख खर्च कर चुकी थी, लेकिन राहत नहीं मिल रही थी. मरीज के पिताजी और चाचा दोनों डॉक्टर होने के बाद भी बवासीर का इलाज नहीं करवा पा रहे थे. वैद्यराज दशरथ नेताम के बारे में सुना था लिहाजा मरीज और पूरा परिवार कांकेर से वैद्यराज से मिलने नगरी कोटेश्वर धाम में आए. जहां उनका इलाज आयुर्वेदिक पद्धति से किया गया. आज बवासीर पूरी तरह से ठीक है, कोई परेशानी नहीं है. बवासीर का इलाज करने वैद्यराज दशरथ नेताम द्वारा केवकंद का उपयोग किया जाता है. केवकंद का पाउडर बनाकर शुद्ध घी मिलाकर औषधि बनाई जाती है. इसके अलावा एक झंडू बाम जेल बनाकर दिया जाता है. मस्सा के लिए कोचेला पेड़ के छाल का इस्तेमाल किया जाता है. बवासीर मरीजों को तेल, मिर्च, मसाला नहीं खाना चाहिए. शराब का भी सेवन नहीं करना चाहिए. इन परहेजों को करना बेहद जरूरी है.
FIRST PUBLISHED : January 9, 2025, 12:07 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Bharat.one किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-treatment-of-piles-with-the-help-of-vaidya-and-herbs-chhattisgarh-vaidyaraj-did-a-successful-treatment-local18-8948877.html

















