Last Updated:
ओस से भीगी घास पर नंगे पैर चलना आंखों की रोशनी, तनाव, दिल, इम्यूनिटी, नींद और पाचन में सुधार लाता है. सर्दियों में यह नेचुरोपैथी और रिफ्लेक्सोलॉजी का प्राकृतिक रूप है.
सर्दियों की सुबह ओस से भीगी हरी घास पर नंगे पैर चलना एक बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली आदत है, जिसे आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानते हैं. आइए जानें इसके फायदे और कारण.
ओस वाली घास पर चलने के फायदे
1. आंखों की रोशनी में सुधार
पैरों के तलवों में ऐसे प्रेशर पॉइंट्स होते हैं जो आंखों की नसों से जुड़े होते हैं. जब आप घास पर चलते हैं, तो इन बिंदुओं पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे नेत्रज्योति बेहतर होती है.
2. तनाव और चिंता कम होती है
हरी घास पर चलना एक तरह की ग्राउंडिंग थेरेपी है. यह शरीर को धरती से जोड़ता है और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक बैलेंस को ठीक करता है. इससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन में राहत मिलती है.
3. ब्लड सर्कुलेशन और दिल की सेहत
घास पर नंगे पैर चलने से पैरों के प्रेशर पॉइंट्स एक्टिव होते हैं, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर होता है. यह दिल की धड़कन को नियंत्रित करता है और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है.
4. इम्यूनिटी और सूजन में कमी
पृथ्वी से मिलने वाले इलेक्ट्रॉन्स शरीर में मौजूद हानिकारक फ्री रेडिकल्स को बेअसर करते हैं. इससे सूजन कम होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.
5. नींद की गुणवत्ता में सुधार
घास पर चलने से शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन रिलीज होता है, जो नींद को नियंत्रित करता है. नियमित रूप से ऐसा करने से अनिद्रा जैसी समस्याओं में राहत मिलती है.
6. पाचन और वजन नियंत्रण
नंगे पैर चलने से नर्वस सिस्टम एक्टिव होता है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है. यह कब्ज और गैस जैसी समस्याओं में मदद करता है.
क्यों खास है सर्दियों की ओस वाली घास?
- ओस की बूंदों से भीगी घास पैरों को ठंडक देती है, जिससे नसों को आराम मिलता है.
- सूर्योदय के बाद ऐसा करने से विटामिन D भी मिलता है.
- यह रिफ्लेक्सोलॉजी और नेचुरोपैथी का प्राकृतिक रूप है.
सावधानियां
- अगर आपको सर्दी-जुकाम या कोई गंभीर बीमारी है, तो मोजे पहनकर चलें.
- डायबिटीज, हार्ट डिजीज या हाई BP वाले लोग डॉक्टर की सलाह लें.
- घास साफ और सुरक्षित होनी चाहिए.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-what-are-the-benefits-of-walking-on-dewy-grass-in-the-winter-morning-knowing-this-youll-do-it-every-day-ws-ln-9866873.html






