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लगातार उदास महसूस होना, थकान या किसी काम में मन न लगना आम समस्या बनती जा रही है. इसके पीछे खुशी के हार्मोन डोपामाइन और सेरोटोनिन का स्तर कम होना एक बड़ी वजह है. इन्हें बढ़ाकर आप अपने मूड और ऊर्जा को प्राकृतिक तरीके से सुधार सकते हैं.

लगातार बिना किसी खास वजह के उदास रहना, शरीर में थकान महसूस होना या किसी काम में मन न लगना आजकल आम समस्याएं होती जा रही हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसकी एक बड़ी वजह शरीर में खुशी के हार्मोन यानी डोपामाइन और सेरोटोनिन का स्तर कम होना है. ये हार्मोन हमारे मूड, ऊर्जा और उत्साह को नियंत्रित करते हैं. जब इनका स्तर कम हो जाता है, तो व्यक्ति हमेशा थका-थका और उदास महसूस करता है, ऐसे में आप कुछ प्राकृतिक तरीकों से इस समस्या का समाधान कर सकते हैं.

आयुर्वेदिक डॉक्टर नरेंद्र कुमार ने बताया कि आयुर्वेदिक औषधि कपिकाचू के बीज, डोपामाइन और सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाता है. इसे मुचकुंद भी कहा जाता है. आयुर्वेद में सदियों से इसका उपयोग कई बीमारियों में किया जा रहा है. कपिकाचू के बीज का उपयोग आयुर्वेद में कई तरीकों से किया जाता है. इसका उपयोग दवा बनाने में भी किया जाता है.,कपिकाचू के बीज पाउडर के सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ जुड़े हैं.

कपिकाचू के बीज प्राकृतिक L-डोपा का भंडार हैं, यह न केवल डोपामाइन के स्तर को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर मूड को बेहतर बनाने में मदद करता है, बल्कि शरीर में ऊर्जा के स्तर को भी बढ़ाता है. इससे थकान कम होती है और एकाग्रता बेहतर हो सकती है. आयुर्वेदिक डॉक्टर नरेंद्र कुमार ने बताया कि यह नर्वस सिस्टम के लिए किसी टॉनिक से कम नहीं है.
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आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार, इसका उपयोग करने का तरीका बेहद सरल है. इसके लिए आधा चम्मच कपिकाचू बीज का बारीक पिसा हुआ पाउडर लें और इसे एक गिलास गर्म दूध में घोलकर सेवन करें. बेहतर परिणामों के लिए इसका नियमित सेवन सुबह के समय या नाश्ते के साथ किया जा सकता है. शुरुआत कम मात्रा से करके धीरे-धीरे इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना सही रहता है. जैसे जैसे यह शरीर को फायदा देता है वैसे वैसे इसकी मात्रा बढ़ानी चाहिए.

कपिकाचू के बीज न केवल मानसिक और शारीरिक शक्ति बढ़ाने में मदद करते हैं, बल्कि कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी देते हैं. यह बीज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक है और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं. आयुर्वेद के अनुसार यह गठिया, कंपकंपी और स्नायुओं की कमजोरी जैसी समस्याओं में राहत देता है. इसमें पाए जाने वाले प्राकृतिक रसायन हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे थकान, सुस्ती और तनाव से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं.

आयुर्वेदिक डॉक्टर नरेंद्र कुमार ने बताया कि इसके उपयोग में कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं. गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके सेवन से पहले चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए. जो लोग पहले से ही डोपामाइन या पार्किंसंस रोग से जुड़ी दवाएं ले रहे हैं, उन्हें इसके उपयोग से बचना चाहिए, क्योंकि इससे दवाओं का प्रभाव बढ़ सकता है. किसी भी तरह की एलर्जी या असहजता होने पर सेवन बंद कर देना चाहिए.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/health-health-benefits-of-kapikaju-seeds-local18-ws-kl-9929496.html







