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Health Tips: छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खांसी की सिरप और सर्दी-जुकाम की दवाओं पर प्रतिबंध लगाया. आज हम आपको च्चों को खांसी के लिए कुछ टिप्स के बारे में बताएंगे.
Health Tips. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी के तुरंत बाद, छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी की सिरप या सर्दी-जुकाम की दवाएं देने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है. यह गंभीर निर्णय शिशुओं को इन दवाओं से होने वाले संभावित गंभीर दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है.
सबातचीत में नाड़ी वैद्य आयुर्वेदाचार्य ने जोर देते हुए बताया कि इन परिस्थितियों में आयुर्वेद को प्राथमिक और सुरक्षित उपचार के तौर पर लोगों को अपनाना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऋषि-मुनियों द्वारा हजारों वर्षों पहले लिखी गई आयुर्वेद एक संपूर्ण चिकित्सा पद्धति है, जिसमें गंभीर से गंभीर बीमारियों का भी बिना किसी साइड इफेक्ट के प्रभावी इलाज बताया गया है.
आयुर्वेदाचार्य ने आगे बताया कि छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम और खांसी मुख्य रूप से मौसम के बदलाव, ठंडी हवा या नमी के कारण होती है, जो कि एक सामान्य प्रक्रिया है. उन्होंने आश्वस्त किया कि चिंता करने की बजाय, हमारे घर में ही कई ऐसी औषधीय चीजें मौजूद होती हैं, जिनके उपयोग से बच्चों को तुरंत खांसी, सर्दी और जुकाम में आराम दिलाया जा सकता है.ये नुस्खे प्राकृतिक होने के साथ-साथ पूरी तरह सुरक्षित भी हैं.
प्रभावी घरेलू उपाय
लौंग, अदरक, काली मिर्च और गुड़ का काढ़ा: आयुर्वेदाचार्य ने बताया कि छोटे बच्चों को खांसी में आराम देने के लिए लौंग, अदरक, काली मिर्च और गुड़ से बना काढ़ा अत्यंत प्रभावी होता है. इसे बनाने के लिए, इन सभी सामग्री को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी में उबाल लें. जब यह ठंडा हो जाए, तो इसे छानकर बच्चे को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पिलाएं.यह मिश्रण गले की खराश को शांत करता है और खांसी को कम करने में तुरंत राहत देता है.
मुलेठी (ज्येष्ठमधु): इसके साथ ही, बच्चों को मुलेठी चूसने के लिए देना भी बहुत फायदेमंद होता है.मुलेठी न केवल गले की सूजन और खराश को कम करती है, बल्कि खांसी में भी आराम दिलाती है.इसकी प्राकृतिक मिठास के कारण बच्चे इसे आसानी से चूस लेते हैं, जिससे उन्हें राहत मिलती है.
बादाम, काली मिर्च और मिश्री का चूर्ण: आयुर्वेदाचार्य ने एक और अचूक घरेलू नुस्खा साझा किया.उन्होंने बताया कि 100 ग्राम बादाम, 20 ग्राम काली मिर्च और 50 ग्राम मिश्री को मिलाकर बारीक पाउडर बना ले. इस चूर्ण को एक एयरटाइट डिब्बे में सुरक्षित रखें. जब बच्चे को सर्दी, खांसी या जुकाम हो, तो एक चम्मच यह पाउडर गुनगुने दूध या पानी के साथ दें.यह मिश्रण न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि श्वसन मार्ग को साफ करने और बलगम को पतला करने में भी मदद करता है, जिससे बच्चे को जल्द राहत मिलती है.

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a…और पढ़ें
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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Bharat.one किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
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