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Dehradun News : ये रोग सर्दियों में बच्चों के लिए ठंड से ज्यादा खतरनाक है. थोड़ी सी चूक जानलेवा हो सकती है. अगर आपके बच्चे को तीन से ज्यादा बार पानी के साथ मलत्याग होता है, तो लक्षण ठीक नहीं. वक्त पर इलाज नहीं होने से बच्चे की जान जा सकती है. Bharat.one ने इस बारे में दून मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. अशोक कुमार से बात की.
देहरादून. आमतौर पर गर्मियों के दिनों में दूषित खानपान से बच्चों को डायरिया हो जाता है लेकिन सर्दियों के दिनों में भी यह समस्या बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है. सर्दियों में होने वाले डायरिया को विंटर डायरिया कहते हैं. यह गर्मियों से ज्यादा खतरनाक होता है क्योंकि इसमें डिहाइड्रेशन होने पर बच्चों को नारियल पानी या ओआरएस जैसे ठंडे में पदार्थ नहीं दिए जा सकते हैं. विंटर डायरिया एक संक्रामक रोग है जो आमतौर पर सर्दियों के मौसम में होता है और बच्चों में ज्यादा देखा जाता है. ये मुख्य रूप से वायरल संक्रमण के चलते होता है. आप अपने बच्चों में ध्यान रखें कि अगर उसको बार-बार ढीला मल यानी लूज मोशन, उल्टी और पेट में ऐंठन जैसे लक्षण नजर आते हैं तो आपको तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ के पास उसे ले जाना चाहिए क्योंकि यह विंटर डायरिया के लक्षण हो सकते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह होती है रोटावायरस जो दूषित भोजन या पानी के माध्यम से फैलते हैं. इसके बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना और सुरक्षित भोजन और पानी का सेवन करना जरूरी है.
ये सबसे बड़ी पहचान
देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के एचओडी और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार बताते हैं कि सर्दियों के सीजन में भी वायरस जनित इन्फेक्शन होने की संभावना बढ़ी रहती है. इसकी सबसे बड़ी पहचान है कि अगर बच्चे को बहुत ही ज्यादा ढीले मल यानी लूज मोशन हो रहे हैं और दिन में वह 3 से 4 बार जा रहा है तो यह विंटर डायरिया की वजह से हो सकता है. बच्चों में इस तरह के लक्षण आने पर अविलंब निकट के चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए. डॉ. अशोक कुमार बताते हैं कि अगर तीन से अधिक बार पानी के साथ मलत्याग हो रहा हो तो यह डायरिया का लक्षण है. डायरिया में रोगी के शरीर में पानी की अत्यधिक कमी हो जाती है. समय पर बच्चों का इलाज नही होने से विंटर डायरिया से पीड़ित बच्चों की मौत भी हो सकती है.
बच्चों को कैसे बचाएं
डॉ. अशोक कुमार के मुताबिक, अगर आपका बच्चा तीन से ज्यादा बार पानी के साथ मलत्याग रहा है तो यह विंटर डायरिया का लक्षण हो सकता है. इसमें मरीज के शरीर में पानी की अत्यधिक कमी हो जाती है, मतलब उसे डिहाइड्रेशन हो सकता है. इससे जूझ रहे बच्चों को गुनगुने और तरल पदार्थ वाला भोजन ही खिलाना चाहिए. मूंग दाल की खिचड़ी के अलावा, ओआरएस का घोल देते रहना चाहिए. ध्यान रहे कि पानी ज्यादा ठंडा हो और न ही ज्यादा गर्म. विंटर डायरिया में एंटीबायोटिक का उपयोग नहीं करना चाहिए. बदलते मौसम में घर से बाहर निकलते वक्त पूरे शरीर को ढककर निकालना चाहिए. गर्म कपड़े पहनाकर रखें. साफ-सफाई का खास ध्यान रखें. बाहर के खानपान से परहेज करें .
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-winter-diarrhoea-rotavirus-in-children-doon-hospital-local18-9908361.html

















