धनबाद: धनबाद जिले के गोविंदपुर क्षेत्र में हाल ही में “टीबी हारेगा देश जीतेगा” अभियान के तहत एक टीबी जागरूकता अभियान आयोजित किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को टीबी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना और समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराना था.
इस अभियान के दौरान टीबी विशेषज्ञ बीर चंद्रा ठाकुर (STLS) ने टीबी के लक्षणों और बचाव के उपायों पर जानकारी दी. टीबी, जिसे तपेदिक भी कहा जाता है, एक संक्रामक बीमारी है जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है, लेकिन शरीर के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा सकती है. इसका कारण माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्युलोसिस नामक बैक्टीरिया है.
टीबी के प्रमुख लक्षण
टीबी के शुरुआती लक्षणों में शामिल हैं:
लगातार दो हफ्तों से अधिक समय तक खांसी आना
खांसी में खून आना
वजन में अचानक कमी
रात को पसीना आना
सीने में दर्द और कमजोरी महसूस होना
अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर लोगों को टीबी के लक्षणों की पहचान करने और जांच करवाने के लिए प्रेरित किया. जिनमें लक्षण पाए गए, उनकी मुफ्त जांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराई गई और उन्हें मुफ्त में दवाइयाँ और उपचार प्रदान किया गया.
टीबी से बचाव के उपाय
अभियान के दौरान लोगों को साफ-सफाई का ध्यान रखने, खांसते और छींकते समय मुंह को ढकने, पौष्टिक आहार लेने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई. टीबी के मरीजों को दवाओं का पूरा कोर्स करने की सख्त हिदायत दी गई, क्योंकि थोड़ी भी लापरवाही जानलेवा हो सकती है.
अभियान के समापन पर स्वास्थ्य कर्मियों ने अपील की कि यदि किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण दिखाई दें, तो वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं. सही समय पर जांच और उचित उपचार से टीबी को हराया जा सकता है, और इस बीमारी से बचाव का यह सबसे प्रभावी तरीका है.
FIRST PUBLISHED : September 11, 2024, 15:08 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Bharat.one किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
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