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ठंड के साथ तेज हवाओं की दस्तक… इन 5 गंभीर बीमारियों का बढ़ सकता जोखिम, इन तरीकों से करें बचाव, वरना…


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Cold Wave Diseases: नवंबर का महीना अब समाप्ति की ओर है. शुरुआत में सर्दी न के बराबर थी, लेकिन जैसे-जैसे यह माह खत्म हो रहा है ठंड बढ़ती जा रही है. सर्द हवाओं ने भी दस्तक दे दी है. ये हवाएं कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ा रही हैं. आइए जानते हैं आखिर किन बीमारियों का बढ़ सकता जोखिम-

ठंड के साथ हवाओं की दस्तक... इन 5 बीमारियों का बढ़ सकता जोखिम, ऐसे करें बचावसर्द हवाओं से इन गंभीर बीमारियों का जोखिम. (AI)

Cold Wave Diseases: नवंबर का महीना अब समाप्ति की ओर है. शुरुआत में सर्दी न के बराबर थी, लेकिन जैसे-जैसे यह माह खत्म हो रहा है ठंड बढ़ती जा रही है. सर्द हवाओं ने भी दस्तक दे दी है. सुबह और रात में चल रहीं सर्द हवाओं ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है. इससे सुबह और शाम कड़ाके की ठंड लोगों को एहसास करा रही है. हालांकि, दोपहर बाद धूप तो निकलती है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं है. मौसम के बदलाव और सर्द हवाओं का असर हमारी सेहत पर भी पड़ रहा है. कई बीमारियां हमें अपना शिकार बना सकती हैं. ऐसे में जरूरी है कि खुद का ठीक से ख्याल रखें. अब सवाल है कि आखिर सर्द हवाओं का सेहत पर क्या असर? ठंडी हवाओं से किन बीमारियों का जोखिम? इस बारे में Bharat.one को बता रहे हैं राजकीय मेडिकल कॉलेज कन्नौज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिलीप सिंह-

सर्द हवाओं से इन बीमारियों का जोखिम

हड्डी और मांसपेशियों का दर्द: ठंडी हवाओं और बादल रहने से धूप बहुत कम निकलती है. ऐसा होने से शरीर में विटामिन-डी की कमी भी हो सकती है. इसमें नमी और कम तापमान भी जोड़ लें, तो आपको हड्डियों, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द की परेशानी हो सकती है. इसलिए इन हवाओं से बचने के लिए शरीर को गर्म कपड़ों से ठीक से ढकें. इसके अलावा, विटामिन-डी से भरपूर खाना खाएं और एक्सरसाइज़ करें.

खांसी और सर्दी: सर्दियों के मौसम में अचानक बदलाव आने से सर्दी-खांसी होना सामान्य बात है. लंबे समय तक गर्मी के बाद बेशक आपको सर्द हवाएं अच्छी लगें, लेकिन इससे गले, कानों और सीने में दर्द हो सकता है. इसलिए खांसी और ज़ुकाम से बचने के लिए खुद को गर्म रखें. इसके लिए गर्म कपड़े और गरम चीजों का सेवन फायदेमंद होगा.

ब्रोंकाइटिस-सांस की परेशानी: इस मौसम की मार से ब्रोंकाइटिस से लेकर फेफड़ों में संक्रमण तक हो सकता है. बता दें कि, एक बार जब आपके शरीर में ठंडक आ जाती है, तो यह श्वसन पथ को प्रभावित करती है. यह बुख़ार का कारण भी बन सकती है. इससे निपटने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप गर्म रहें और अपने श्वसन पथ को साफ रखने के लिए गर्म पानी और गर्म सूप का सेवन करें.

स्किन प्रॉब्लम्स: ठंड में सर्द हवाएं चलने से तापमान में कमी आ जाती है. इसका सीधा असर हमारी त्वचा पर भी पड़ता है. फटे होंठ और त्वचा से कई लोग जूझते हैं. अगर इसका समय पर इला न किया जाए, तो इसमें दर्द और खून बेहने लगता है. इसलिए स्किन को अच्छी तरह मॉइश्चराइज़ करें और खूब पानी पिएं.

बीपी की समस्या: ठंडी हवाओं के साथ तापमान काफी गिरावट देखी जाती है. ऐसा होने से वायुमंडलीय दबाव कम हो जाएगा. यह अक्सर हाइपरटेंशन, या उच्च रक्तचाप की वजह बन सकता है. ऐसा होने से सिर दर्द से लेकर स्ट्रोक का ख़तरा बढ़ सकता है. इससे बचाव के लिए आप लहसुन, केला, सिटरस फलों और शहद का सेवन करना चाहिए.

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Lalit Kumar

ललित कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 साल से अधिक का अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी. इस दौरान वे मेडिकल, एजुकेशन और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को कवर किया करते थे. पत्रकारिता क…और पढ़ें

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ठंड के साथ हवाओं की दस्तक… इन 5 बीमारियों का बढ़ सकता जोखिम, ऐसे करें बचाव


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