किसी के घुंघराले बाल होते हैं तो किसी के सीधे, किसी के काले बाल होते हैं तो किसी के भूरे, बालों का रंग और टेक्सचर माता-पिता से मिले जींस पर आधारित होता है. लेकिन बालों की सेहत आप पर निर्भर करती है. हर हफ्ते बालों को धोना, कंडीशनर करना या तेल लगाना काफी नहीं है. बालों को खूब देखभाल की जरूरत होती है. बाल की सेहत हमारे खान-पान पर निर्भर करती है. अगर शरीर में किसी चीज की कमी हुई तो उसका असर बालों पर दिखने लगता है. अगर बाल झड़ रहे हैं या तेजी से सफेद हो रहे हैं तो इसका मतलब है कि शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो रही है या कोई बीमारी पनपने लगी है.
बालों में रूसी
स्किन एंड हेयर एक्सपर्ट डॉ. सचिन भरिजा कहते हैं कि सर्दी में बालों में रूसी होना आम है. स्कैल्प में रूसी तभी होती है जब स्किन के ऑयल ग्लैंड्स ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं. जब ऑयल ज्यादा निकलता है तो स्कैल्प पर गंदगी चिपक जाती है और ड्रैंडफ बन जाती है. यह तभी होता है जब बॉडी में टेस्टोस्टेरोन नाम के हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है. लड़कों में ड्रैंडफ की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. वहीं जिन लड़कियों के हार्मोन असंतुलित रहते हैं, पीसीओडी हो या चिन पर बाल उगते हों तो यह बढ़ते टेस्टेस्टोन की निशानी है. इससे भी बालों में ड्रैंडफ हो सकता है. अगर ऑयली स्कैल्प है तो बालों में तेल नहीं लगाना चाहिए. अगर ड्रैंडफ पीले रंग की हो तो यह सेबोरीक डर्मेटाइटिस का संकेत हैं. यह स्किन जुड़ी बीमारी है.
बालों का अचानक झड़ना
जिन लोगों के बाल अचानक तेजी से झड़ने लगें तो इसके पीछे की वजह तनाव हो सकता है. जब बॉडी में कार्टिसोल नाम का स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाता है तो बाल झड़ने लगते हैं. वहीं अगर शरीर में आयरन की कमी है या व्यक्ति एनीमिया से जूझ रहा है तो तब भी बाल झड़ने लगते हैं. कई बार दवाओं के असर से भी ऐसा हो सकता है. प्रेग्नेंसी में हेयर फॉल होने लगे तो इसका मतलब है कि हार्मोनल बदलावों की वजह से ऐसा हो रहा है. कई बार प्रोटीन की कमी से भी ऐसा हो सकता है. इसलिए खाने में प्रोटीन को शामिल करें.
बालों में कभी एक तरह का हेयर स्टाइल नहीं बनाना चाहिए और ना ही इन्हें टाइट बांधना चाहिए (Image-Canva)
बालों का पतला होगा यानी थायराइड
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज, डाईजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के अनुसार बालों के पतले होने के पीछे की वजह थायराइड हो सकती है. जिन लोगों को हाइपोथाइरॉइड होता है, उनके शरीर में थायराइड ग्लैंड पर्याप्त मात्रा में थायराइड हार्मोन नहीं रिलीज कर पाते जिससे बाल झड़कर पतले होने लगते हैं. वहीं अगर बाल पतले होने के साथ ही वजन बढ़ने लगे, थकान महसूस हो, चेहरा फूला लगने लगे, जॉइंट्स में दर्द या मांसपेशियों में दर्द हो TSH टेस्ट जरूर कराना चाहिए. वहीं अगर किसी को एलोपिसिया एरिटा हो तो तब भी तेजी से बाल पतले होते हैं और स्कैल्प में पैच पड़ने लगते हैं. दरअसल यह ऑटो इम्यून बीमारी है जिसमें हेयर फॉलिकल पर इम्यून सिस्टम अटैक करता है.
पानी की कमी से दोमुंहे बाल
शरीर के लिए पानी अमृत है. पानी हमेशा वजन के हिसाब से पीना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति पानी कम पी रहा है तो शरीर डिहाइड्रेशन का शिकार होने लगता है. पानी की कमी से चेहरे की स्किन तो ड्राई होने ही लगती है लेकिन इसका असर बालों में दोमुंहे बाल के तौर पर दिखता है. डिहाइड्रेशन से बाल रूखे और बेजान भी होने लगते हैं. इसलिए पूरे दिन में कितना पानी पी रहे हैं, इसका ध्यान रखना चाहिए.
विटामिन बी7 की कमी से रूखे बेजान बाल
कुछ लोग बालों में भले ही स्पा करा लें या तेल लगा लें, उनके बाल रूखे और बेजान ही दिखते हैं. ऐसा बायोटिन या विटामिन बी 7 की कमी की वजह से हो सकता है. इस विटामिन की कमी को दूर करने के लिए डाइट में अंडे, दूध और केले को शामिल करें. बेजान बाल कुशिंग सिंड्रोम की वजह से भी हो सकते हैं. यह एक असामान्य स्थिति है जो शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन के लेवल बढ़ने के बाद होती है.
उम्र बढ़ने के साथ कई बार बाल झड़ने लगते हैं (Image-Canva)
सिर में खुजली सताए
कुछ लोगों को बार-बार सिर में खुजली होती है और वह अपनी स्कैल्प को खुजाने से परेशान हो जाते हैं. स्कैल्प की खुजली होने का कारण बॉडी में जिंक की कमी हो सकती है. जिंक बालों के लिए बहुत जरूर पोषक तत्व है. इसकी कमी को दूर करने के लिए तरबूज के बीज, ओट्स, पंपकिन सीड्स, अंडे, चने, दाल, राजमा, दूध, योगर्ट, मशरूम, मटर, बाउन राइज जैसी चीजें खानी चाहिए.
ऐसे रखें इनकी सेहत का ध्यान
खुद को तनाव से दूर रखें क्योंकि स्ट्रेस का सीधा असर बालों पर होता है. बाल झड़ने से रुके और लंबे-घने हो इसके लिए आयरन, जिंक, प्रोटीन, बायोटिन, विटामिन सी और विटामिन एक से भरपूर डाइट लें. जितना हो सके सीड्स, नट्स, फल और सब्जियों को डाइट का हिस्सा बनाएं. बालों पर हेयर ट्रीटमेंट करवाने से बचें क्योंकि अधिकतर हेयर प्रोडक्ट्स में केमिकल होते हैं जो बालों को नुकसान पहुंचाते हैं. बालों को टाइट करके पोनीटेल या बन ना बनाएं, इससे हेयर फॉलिकल्स हमेशा के लिए डैमेज हो सकते हैं. वहीं हेयरस्टाइल हमेशा बदलते रहें. कभी बीच की मांग तो कभी साइड की मांग निकाले, इससे स्कैल्प पर पैच नहीं बनेंगे. दिन में 2 बार बालों पर कंघी करें लेकिन कंघी को हर 3 दिन में साफ कर लें. इससे बाल हेल्दी रहेंगे.
FIRST PUBLISHED : January 9, 2025, 19:33 IST
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