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Tulsi Oil for Migraine Relief: तुलसी का तेल आज भी सिरदर्द और माइग्रेन के लिए प्रभावी आयुर्वेदिक इलाज माना जाता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व सूजन कम कर दर्द में तुरंत राहत देते हैं. विशेषज्ञ इसे सुरक्षित और कारगर घरेलू नुस्खा बताते हैं, जिसका उपयोग तनाव कम करने और दिमाग को शांत रखने में भी किया जाता है.

आज की जीवनशैली में सिरदर्द, माइग्रेन और थकावट से होने वाला दर्द बहुत आम हो गया है. दवाइयों का इस्तेमाल बार-बार करना शरीर पर हानिकारक असर डालता है, ऐसे में घरेलू नुस्खों का उपयोग करना सबसे सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है. इन्हीं में से एक है तुलसी का तेल, जिसे आयुर्वेद में सदियों से सिरदर्द दूर करने का रामबाण माना गया है. यह तेल तनाव कम करने और तत्काल राहत देने के लिए जाना जाता है.

तुलसी को आयुर्वेद में “मस्तिष्क-वर्धिनी” यानी मस्तिष्क को मज़बूत और शांत करने वाली जड़ी-बूटी माना गया है. इसका तेल नसों को खोलता है, तनाव को कम करता है और सिर में जमा हुआ दबाव तुरंत घटाता है. यह माइग्रेन के तीव्र दर्द में, पुराने सिरदर्द में, और थकावट, तनाव व काम के बोझ से होने वाले दर्द में तुरंत राहत देता है. इसके नियमित उपयोग से लगातार होने वाले दर्द की समस्या को जड़ से ख़त्म करने में मदद मिलती है.

यह उपाय बहुत ही सरल है और सबसे अच्छी बात, बिल्कुल नेचुरल है. सबसे पहले रात को सोने से पहले आराम से लेट जाएँ. फिर तुलसी के तेल को हल्का सा गुनगुना कर लें. अब दोनों नाक में एक-दो बूँद तुलसी तेल डालें. 1 से 2 मिनट तक गहरी साँस लें और रिलैक्स हो जाएँ. इस प्रक्रिया से पहली ही बार में सिर हल्का और दर्द कम होता हुआ महसूस होगा. यह नुस्खा सिरदर्द से तुरंत और प्राकृतिक राहत प्रदान करता है.
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तुलसी के तेल की ख़ुशबू, उसकी गर्म तासीर और प्राकृतिक गुण तीनों मिलकर नसों को शांत करते हैं और ब्लड सर्कुलेशन सुधारते हैं. इसी के साथ यह माइग्रेन ट्रिगर्स को कम करता है और दिमाग की थकान को दूर करता है. इसलिए, कुछ दिनों तक नियमित इस उपाय को करने से पुराना सिरदर्द भी जड़ से ख़त्म होने लगता है, जिससे यह दर्द निवारक दवाइयों पर निर्भरता को कम करने का एक प्रभावी प्राकृतिक उपाय बन जाता है.

यह नुस्खा 10 से 15 दिन में असर दिखाना शुरू कर देता है, और यह पूरी तरह नैचुरल है. तुलसी का तेल सिरदर्द और माइग्रेन से छुटकारा दिलाने वाला अत्यंत प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय है. जिसे दवाइयाँ महीनों में नहीं करतीं, वह राहत तुलसी के तेल की 2 बूँदें कुछ ही दिनों में दे देती हैं. यह तरीका आसान, सुरक्षित और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के है, जो इसे दीर्घकालिक दर्द निवारण के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाता है.

तुलसी का तेल घर पर बनाना काफी आसान है और यह कई तरह से फ़ायदेमंद भी होता है. सबसे पहले तुलसी की ताज़ी पत्तियों को अच्छी तरह धोकर सुखा लिया जाता है, ताकि उनमें नमी न रहे. इसके बाद पत्तियों को हल्का-सा कूटकर नारियल या तिल के तेल में मिलाया जाता है. इस मिश्रण को धीमी आँच पर लगभग 10 से 15 मिनट तक पकाया जाता है, जिससे तुलसी के गुण तेल में अच्छी तरह घुल जाते हैं. पकने के बाद तेल को ठंडा करके छलनी से छान लिया जाता है. तैयार तुलसी का यह सुगंधित तेल त्वचा, बालों और हल्की सर्दी-जुकाम में घरेलू उपयोग के लिए रखा जाता है.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/health-home-remedies-tulsi-ka-tel-will-relieve-your-headaches-migraine-sirdard-local18-9905252.html






