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पहले ऐसे होता था स्किन ट्रीटमेंट, अर्जुन के पेड़ का तना और छाल आज भी कमाल – Madhya Pradesh News


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Arjun Chaal ke Fayde: अर्जुन का पेड़ सिर्फ त्वचा ही नहीं बल्कि पेट की समस्याओं में भी फायदेमंद है. अपच और एसिडिटी जैसी दिक्कतों में इसके चूरन का सेवन लाभकारी होता है. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, अगर अर्जुन की छाल का चूरन थोड़ी मात्रा में चाय में डालकर पीया जाए, तो इससे पेट को आराम मिलता है.

सतना. प्रकृति ने हमें ऐसी कई जड़ी-बूटियां और पेड़-पौधे दिए हैं, जिनका इस्तेमाल सदियों से आयुर्वेद में होता आया है. इन्हीं में से एक है अर्जुन का पेड़, जिसे सेहत का खजाना कहा जाता है. इसकी छाल, पत्तियां, बीज और तना सभी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. खासकर इसके तने से बना लेप त्वचा रोगों और पेट की बीमारियों में बेहद कारगर माना जाता है.

त्वचा रोगों में कारगर इलाज
बघेलखंड क्षेत्र के लोग अर्जुन के तने का प्रयोग लंबे समय से स्किन ट्रीटमेंट में करते आ रहे हैं. सामाजिक वानिकी विभाग रीवा के विष्णु तिवारी ने Bharat.one को बताया कि अर्जुन का पेड़ हजारों वर्षों से आयुर्वेद का अभिन्न हिस्सा रहा है. खुजली, दाद और एक्जिमा जैसे रोगों में अर्जुन के तने से बने लेप का प्रयोग प्रभावी साबित होता है. इसकी छाल को पीसकर चूर्ण बनाया जाता है और प्रभावित हिस्से पर लगाने से कुछ ही दिनों में खुजली और त्वचा संबंधी दिक्कतें दूर हो जाती हैं.
अपच और एसिडिटी से भी दिलाए राहत
उन्होंने बताया कि सिर्फ त्वचा ही नहीं बल्कि अर्जुन का पेड़ पेट की समस्याओं में भी लाभकारी है. अपच और एसिडिटी जैसी परेशानियों में इसके चूर्ण का सेवन फायदेमंद होता है. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अर्जुन की छाल का चूर्ण हल्की मात्रा में चाय में डालकर पीया जाए, तो यह पेट को आराम देता है और लंबे समय तक पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है.

आधुनिक दौर में भी कम नहीं हुआ महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक दवाइयों के दौर में भी अर्जुन जैसे पेड़ों का महत्व कम नहीं हुआ है. इसका इस्तेमाल न केवल त्वचा रोगों को ठीक करने के लिए किया जा सकता है बल्कि पेट संबंधी बीमारियों से राहत पाने में भी यह प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है. यही वजह है कि आज भी बघेलखंड समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अर्जुन के पेड़ को औषधीय पेड़ के रूप में पहचानते और अपनाते हैं.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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पहले ऐसे होता था स्किन ट्रीटमेंट, अर्जुन के पेड़ का तना और छाल आज भी कमाल

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Bharat.one किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-arjun-tree-bark-and-trunk-benefits-local18-9635963.html

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