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चांगेरी का वैज्ञानिक नाम Oxalis corniculata है. यह पौधा आसानी से पाया जा सकता है और इसकी पत्तियां स्वाद में खट्टी होती हैं. आयुर्वेद में चांगेरी का उपयोग पाचन समस्याओं, दस्त और बवासीर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है. इसके पत्तों का रस मिश्री के साथ सेवन करने से ल्यूकोरिया के कारण होने वाले दर्द और हड्डियों की कमजोरी में राहत मिलती है.

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगलों और तराई इलाके में चांगेरी का पौधा पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है. इस पौधे में कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं और इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है. पेट दर्द, बदहजमी और अन्य पाचन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए चांगेरी का सेवन बहुत लाभकारी माना जाता है.

चांगेरी का वैज्ञानिक नाम Oxalis corniculata है. यह पौधा आसानी से मिल जाता है और इसकी पत्तियां स्वाद में खट्टी होती हैं. आयुर्वेद में चांगेरी का उपयोग पाचन समस्याओं, दस्त और बवासीर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है. इसके पत्तों का रस मिश्री के साथ सेवन करने से ल्यूकोरिया के कारण होने वाले दर्द और हड्डियों की कमजोरी में राहत मिलती है.

मसूड़ों के दर्द और मुंह की दुर्गंध के लिए चांगेरी के पत्ते बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. चांगेरी के पत्तों का रस निकालकर कुल्ला करने से मसूड़ों के दर्द में राहत मिलती है. वहीं, सुबह खाली पेट दो पत्ते खाने से मुंह की दुर्गंध से छुटकारा पाया जा सकता है. यह तरीका बहुत ही प्रभावी और प्राकृतिक माना जाता है.
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अक्सर लोगों को भूख न लगने की समस्या रहती है, जिससे वे परेशान रहते हैं. अगर आपको भूख कम लगती है, तो इसका मतलब हो सकता है कि आपकी पाचन शक्ति कमजोर है. ऐसे में आप चांगेरी के 8-10 पत्तों का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं. इससे भोजन पचाने की प्रक्रिया बेहतर होगी और भूख भी बढ़ेगी.

अगर आप पेट दर्द और जलन की समस्या से अक्सर परेशान रहते हैं, तो चांगेरी के पत्तों का सेवन लाभकारी हो सकता है. चांगेरी के पत्तों का काढ़ा बनाकर सुबह और शाम नियमित रूप से पीने से पेट दर्द में राहत मिलती है और जलन की समस्या से भी छुटकारा मिलता है.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/health-changeri-oxalis-corniculata-health-benefits-digestion-bones-pain-kamjuri-kaise-dur-kare-local18-9994445.html







