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बॉलीवुड एक्टर प्रेम चोपड़ा को एओर्टिक स्टेनोसिस की बीमारी

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Prem Chopra Silent Heart Condition: बॉलीवुड एक्टर प्रेम चोपड़ा 90 की उम्र में दिल की जानलेवा कंडीशन एओर्टिक स्टेनोसिस है. जिसके कारण ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन करना पड़ा, जिसके बाद एक्टर अब पूरी तरह से ठीक हैं.

क्या होती है एओर्टिक स्टेनोसिस की बीमारी? प्रेम चोपड़ा हुए शिकार

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता प्रेम चोपड़ा को 90 साल की उम्र में दिल की गंभीर बीमारी एओर्टिक स्टेनोसिस (Aortic Stenosis) हुई. हाल ही में एक्टर को ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (TAVI) प्रोसीजर से गुजरना पड़ा. एक्टर की सेहत को लेकर जानकारी उनके दामाद और अभिनेता शरमन जोशी ने इंस्टाग्राम पर शेयर की है. ये बीमारी क्या है और कितनी खतरनाक होती है, यहां हम आपको डिटेल में बता रहे हैं.

क्या है एओर्टिक स्टेनोसिस?

एओर्टिक स्टेनोसिस में दिल का एओर्टिक वाल्व सिकुड़ने लगता है और पूरी तरह नहीं खुल पाता. इससे दिल से शरीर के बाकी हिस्सों तक जाने वाला खून रुकने लगता है.इससे दिल की मांसपेशी कमजोर हो सकती है और समय पर इलाज न मिले तो हार्ट फेल्योर का खतरा बढ़ जाता है. उम्र बढ़ने के साथ दिल के वाल्व पर कैल्शियम जमने लगता है, जिससे वह कड़ा और सख्त हो जाता है.

कितना गंभीर हो सकता है यह रोग?

जब मरीज में सांस फूलना, सीने में दर्द या बेहोशी जैसे लक्षण दिखने लगते हैं, तो तुरंत इलाज की जरूरत होती है वरना मौत का खतरा बढ़ जाता है. शोध से पता चलता है कि लक्षण आने के बाद यदि समय पर वाल्व बदलने की सर्जरी न हो, तो मौत होने के चांस बढ़ जाते हैं. इसलिए समय पर पहचान और जांच बहुत जरूरी है.

क्या यह बीमारी बिना लक्षण के भी होती है?

कई लोगों में यह बीमारी शुरुआती दौर में बिना लक्षण के रहती है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, मध्यम स्तर के एओर्टिक स्टेनोसिस वाले कई मरीजों में कोई लक्षण नहीं दिखता, जिससे डायग्नोसिस देर से हो पाता है. इस दौरान दिल अपनी क्षमता बढ़ाकर खून पंप करता रहता है, जिससे उसकी दीवार मोटी होने लगती है.

कैसे की जाती है जांच?

इस बीमारी की पहचान के लिए ट्रांसथोरैसिक इकोकार्डियोग्राफी (TTE) की जाती है. यह जांच वाल्व का आकार, खून की गति और दबाव जैसी अहम जानकारियां देती है. इसके अलावा ECG, एक्स-रे और अन्य इमेजिंग तकनीकें भी दिल की स्थिति समझने में मदद करती हैं.

क्या है TAVI और क्यों चुना गया यह विकल्प?

उम्रदराज मरीजों के लिए TAVI एक बेहद सुरक्षित और कम दर्द वाला विकल्प माना जाता है. पहले एओर्टिक स्टेनोसिस का इलाज ओपन-हार्ट सर्जरी से होता था, जो अधिक जोखिमभरी और लंबी रिकवरी वाली प्रक्रिया है.जबकि TAVI में पैर की नस के रास्ते एक नया वाल्व दिल तक पहुंचाया जाता है जो कि आसान प्रक्रिया है और मरीज इससे जल्दी रिकवर होकर घर लौट सकता है.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर Bharat.one Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

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क्या होती है एओर्टिक स्टेनोसिस की बीमारी? प्रेम चोपड़ा हुए शिकार

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Bharat.one किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-prem-chopra-diagnosed-with-aortic-stenosis-at-age-of-90-know-key-details-about-this-condition-ws-l-9945896.html

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