
ऋषिकेश: यूरिक एसिड का बढ़ना आजकल एक आम समस्या बन गई है, जो कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है. आमतौर पर यूरिक एसिड खून में घुल जाता है और पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाता है. लेकिन कई बार शरीर बहुत अधिक यूरिक एसिड बनाता है या किडनी इसे पर्याप्त मात्रा में बाहर नहीं निकाल पाती है. इसके कारण जोड़ों में दर्द, सूजन और गठिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं. यूरिक एसिड जोड़ो में जाकर इकठ्ठा हो जाता है और छोटी-छोटी पथरी का रूप ले लेता है जिससे गाउट और किडनी में पथरी होने का रिस्क बढ़ जाता हालांकि, आयुर्वेद में ऐसी कई जड़ी-बूटियां हैं, जो यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं. इनमें से गिलोय एक प्रभावी औषधि है.
Bharat.one के साथ बातचीत के दौरान उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित कायाकल्प हर्बल क्लिनिक के डॉ राजकुमार (डी. यू. एम) ने बताया कि गिलोय को ‘अमृता’ भी कहा जाता है, जो आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है. यह एक प्राकृतिक प्रतिरक्षा बढ़ाने वाली औषधि है और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है. यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में गिलोय का उपयोग बेहद प्रभावी है. यह रक्त को शुद्ध करता है और सूजन को कम करने में मदद करता है. साथ ही, यह जोड़ों के दर्द को भी दूर करता है.
गिलोय का सेवन कैसे करें?
गिलोय का काढ़ा: गिलोय की ताजी टहनी या बाजार में मिलने वाले गिलोय पाउडर का उपयोग करके काढ़ा बनाया जा सकता है. इसके लिए 1 गिलास पानी में 1-2 चम्मच गिलोय पाउडर डालकर उबालें. जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छानकर गुनगुना सेवन करें. यह काढ़ा दिन में 1-2 बार पीने से यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में मदद करता है.
गिलोय जूस: गिलोय का जूस बाजार में आसानी से उपलब्ध है. इसे रोज सुबह खाली पेट 20-30 मिलीलीटर पीने से लाभ होता है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करता है.
गिलोय की गोलियां : यदि काढ़ा या जूस बनाना संभव न हो, तो गिलोय की गोलियां भी ली जा सकती हैं. इन्हें आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से ही लें.
इन रोगों के इलाज में कारगर
गिलोय के नियमित सेवन से न केवल यूरिक एसिड को नियंत्रित करता है बल्कि शरीर को डिटॉक्स भी करता है. यह गठिया, डायबिटीज, और अन्य सूजन संबंधी बीमारियों में भी सहायक है. हालांकि, किसी भी आयुर्वेदिक औषधि को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें. अपने आहार और जीवनशैली में सुधार लाकर यूरिक एसिड को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है.
FIRST PUBLISHED : December 7, 2024, 15:32 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Bharat.one किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
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