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ये चमत्कारी जड़ी-बूटी! झटपट गला देगी बड़े से बड़ा पथरी, हार्ट और पाइल्स की अचूक दवा


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Use Of Patharchatta : आयुर्वेद में ‘चमत्कारी पौधे’ के रूप में प्रसिद्ध पत्थरचट्टा न सिर्फ गुर्दे की पथरी को गलाने में असरदार है, बल्कि हृदय, त्वचा, पाचन और पाइल्स जैसी बीमारियों में भी रामबाण औषधि मानी जाती है. आसानी से घर के गमले में उगने वाला यह पौधा स्वास्थ्य के लिए एक संपूर्ण प्राकृतिक वरदान है.

अलीगढ़ : प्रकृति ने हमें ऐसे अनेक औषधीय पौधे दिए हैं जो बिना किसी साइड इफेक्ट के कई बीमारियों का इलाज करते हैं. इन्हीं में से एक है पत्थरचट्टा, जिसे आयुर्वेद में ‘चमत्कारी पौधा’ कहा गया है. यह पौधा गुर्दे की पथरी को गलाने के साथ-साथ हृदय, त्वचा, मूत्र संबंधी और पाचन से जुड़ी बीमारियों में भी बेहद लाभकारी माना जाता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे घर के छोटे से गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है, जिससे यह हर घर की घरेलू जड़ी-बूटी बन सकता है.

आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार बताते हैं कि पत्थरचट्टा वास्तव में एक रामबाण औषधि है. यह पौधा कम देखभाल में भी अच्छी तरह पनप जाता है और लगभग हर राज्य में पाया जाता है. विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में इसकी अधिकता देखी जाती है. आमतौर पर इसकी ऊंचाई एक से दो फुट तक होती है और इसके पत्तों में मौजूद औषधीय तत्व शरीर की कई आंतरिक समस्याओं को दूर करने में सहायक होते हैं.

पाइल्स और हार्ट की अचूक दवा
डॉ. राजेश कुमार के अनुसार, पत्थरचट्टा पौधा मुख्य रूप से गुर्दे की पथरी को गलाने में अत्यंत प्रभावी माना जाता है. यह एक ब्रह्म औषधि के रूप में मूत्र संबंधी विकारों में भी बेहद लाभकारी है. इसके नियमित सेवन से मूत्र मार्ग साफ रहता है और पथरी बनने की संभावना कम हो जाती है. यही नहीं, यह पौधा हृदय रोगियों के लिए भी उपयोगी है क्योंकि यह हृदय की मांसपेशियों को मज़बूती प्रदान करता है और रक्त संचार को बेहतर बनाता है. पत्थरचट्टा त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे घाव, सूजन या चोट में भी प्रभावी है. इसके पत्तों को कुचलकर रस निकालकर लगाने से सूजन घटती है और घाव जल्दी भरता है. इसके अलावा, यह पाइल्स (बवासीर) जैसी समस्याओं में भी राहत देता है. अलग-अलग क्षेत्रों में इसे पत्थरचट्टा या अमरपत्ता नामों से जाना जाता है.

ऐसे करें इस्तेमाल
इस पौधे का उपयोग कई रूपों में किया जा सकता है. रस के रूप में 10 से 15 मिलीलीटर सुबह-शाम खाली पेट या हल्के भोजन के बाद, चूर्ण के रूप में 1 से 3 ग्राम पानी के साथ दिन में दो बार और काढ़ा के रूप में 20 से 30 मिलीलीटर सुबह और शाम सेवन किया जा सकता है. साथ ही, यदि त्वचा पर घाव या सूजन हो तो इसके रस को लगाकर पट्टी बांधना लाभदायक होता है. डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि पत्थरचट्टा केवल एक औषधीय पौधा नहीं बल्कि एक प्राकृतिक स्वास्थ्य वरदान है, जिसे हर घर में लगाना बेहद लाभकारी माना गया है.

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mritunjay baghel

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु… और पढ़ें

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ये चमत्कारी जड़ी-बूटी! झटपट गला देगी बड़े से बड़ा पथरी, हार्ट, पाइल्स की अचूक दवा


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-patharchatta-perfect-remedy-for-kidney-stone-heart-diseases-know-its-benefits-correct-way-of-use-local18-9832733.html

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