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Baby Care Tips: वैसे तो ठंड के मौसम में हर एक को बड़ा संभलकर रहना पड़ता है, लेकिन खासतौर पर जो नवजात शिशु होते हैं. उन्हें विशेष ध्यान देने की जरूरत पड़ती है. क्योंकि, थोड़ी सी भी लापरवाही छोटे बच्चों में निमोनिया जैसी बीमारी को न्यौता दे सकती है. सर्दियों में दादी-नानी के कई ऐसे नुस्खें है, जो बड़ी-बड़ी बीमारियों के लिए राहत का काम करता है. इसके इस्तेमाल से सर्दी और जुकाम से राहत मिल सकती है. (रिपोर्ट: आशीष पांडे/शिवपुरी)

सर्दी के मौसम में सबसे अधिक परेशानी बच्चों को होती है. इम्यूनिटी कमजोर होने और लापरवाही की वजह से बच्चे सर्दी और जुकाम जैसी बीमारियों का शिकार हो जाते हैं. सर्दियों के मौसम में फ्लू और निमोनिया का खतरा भी काफी अधिक हो जाता है. सर्दी के मौसम में सर्दी और जुकाम जैसी परेशानियों से बचाने के लिए शरीर को गरम रखें. अक्सर देखा जाता है कि बच्चों को ठंड लगने की वजह से वह बुखार और खांसी-जुकाम जैसी बीमारियों का शिकार हो जाते हैं.

सर्दियों में छोटे बच्चों की सेहत को लेकर माता-पिता की चिंता बढ़ जाती है. ठंडी हवाएं, गिरता तापमान और मौसम में बदलाव बच्चों को जल्दी बीमार कर सकते है. शिवपुरी की कुंती नानी ने अपने वर्षों के अनुभव से बच्चों की देखभाल के देसी नुस्खे साझा किए है जो आज भी उतने ही प्रभावी हैं. कुंती नानी कहती है कि थोड़ी सावधानी और घरेलू उपायों से बच्चों को सर्दियों में स्वस्थ और सुरक्षित रखा जा सकता है.

ठंड के समय बच्चों की नियमित देखभाल और शरीर को गर्म रखना बेहद जरूरी है. देसी तरीके से मालिश करने से बच्चों के शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और ठंड से बचाव भी होता है. वह बताती है कि सर्दियों में बच्चों को रोजाना गुनगुने तेल से मालिश करनी चाहिए. विशेष रूप से अजवाइन और लहसुन डालकर पकाए गए तेल से मालिश करना लाभकारी होता है. इससे सर्दी-जुकाम और बदन दर्द की समस्या कम होती है.
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सर्दियों में बच्चों को ठंडे पानी से नहीं नहलाना चाहिए. हमेशा गुनगुने पानी का उपयोग करें और नहलाने के बाद तुरंत सूखे और गर्म कपड़े पहनाएं. नहाने के समय भी ध्यान रखें कि बच्चे को ज्यादा देर तक ठंडे माहौल में न रखें.

कुंती नानी बताती है कि बच्चों को सुबह और शाम ठंड से बचाना बेहद जरूरी है. ठंडी हवाओं में बाहर ले जाते समय बच्चों को पूरी तरह से ढंककर रखें. सिर, कान, हाथ और पैर को गर्म कपड़ों से ढकना चाहिए, क्योंकि इन्हीं हिस्सों से ठंड सबसे पहले लगती है. कान, हथेलियां और पैरों को अच्छी तरह कपड़ों या मोजों से ढककर रखने से बच्चों को सर्दी-खांसी से बचाया जा सकता है.

डायपर और सफाई को लेकर कुंती नानी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. वह कहती है कि बच्चों को ज्यादा समय तक गीले कपड़े या डायपर में नहीं रखना चाहिए. अगर डायपर का उपयोग किया जा रहा है तो यह ध्यान रखें कि बच्चा ज्यादा देर तक मल-मूत्र में न रहे. लंबे समय तक ऐसा रहने से त्वचा में रैशेज, इन्फेक्शन और अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है.

बच्चों की जरूरतों पर समय-समय पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. रोने, बेचैनी या शरीर में ठंड लगने के संकेतों को नजरअंदाज न करें. सर्दियों में बच्चों को हल्का लेकिन गर्म भोजन देना भी फायदेमंद होता है, ताकि शरीर को अंदर से ऊर्जा मिलती रहे. भले ही आज के आधुनिक दौर में कई तरह के उत्पाद बाजार में उपलब्ध हो. लेकिन कुंती नानी का मानना है कि देसी नुस्खे आज भी सबसे सुरक्षित और असरदार है. सही देखभाल, साफ-सफाई और घरेलू उपाय अपनाकर सर्दियों में बच्चों को स्वस्थ रखा जा सकता है.
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