ठंड के मौसम में आलस घेर लेता है. रजाई से निकलकर कोई काम करने का मन नहीं करता. कुछ लोग सर्दी में वॉक या एक्सरसाइज करना ही छोड़ देते हैं. जैसे ही लाइफस्टाइल बदलता है तो इसका असर शरीर पर दिखने लगता है. ठंड के मौसम में केवल बुजुर्ग ही नहीं बल्कि जवान लोग भी शिकायत करते हैं कि उनके जोड़े जकड़ गए हैं. क्या ऐसा सर्द मौसम की वजह से होता है, आलस की वजह से होता है या फिर यह कोई बीमारी है?
ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है
सर्दी के मौसम में अधिकतर लोग शरीर को एक्टिव नहीं रखते. हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ.दीपेंद्र चौधरी कहते हैं कि जब वह एक ही जगह बैठकर हर काम करते हैं. जब बॉडी की मूवमेंट नहीं होती तो खून का प्रवाह कम हो जाता है. जोड़ों में भी खून ठीक तरीके से नहीं पहुंचता जिससे वहां ऑक्सीजन की कमी होने लगती है. इससे जोड़ों में जकड़न की शिकायत होने लगती है. जॉइंट्स हाथ लगाने पर ठंडे भी लगते हैं. वहीं, सर्दी में जब एयर प्रेशर कम होता है तो जोड़ों के टिश्यू में सूजन आने लगती है जिससे उनमें दर्द होता है.
मांसपेशियों में आता है तनाव
ठंड में अधिकतर चीजें अकड़ जाती हैं. ठीक ऐसा शरीर के साथ भी होता है. अगर व्यक्ति चलता-फिरता रहे तो शरीर में गर्मी आती है लेकिन वह चले नहीं तो शरीर अकड़ जाता है. इससे मांसपेशियां भी स्ट्रेस में आ जाती हैं और वह स्टिफ हो जाती हैं.
जोड़ों में मौजूद लुब्रिकेंट जम जाता है
जोड़ों में श्लेष द्रव्य यानी synovial fluid होता है. यह फ्लूड इनमें लुब्रिकेंट का काम करता है. चलने-फिरने से फ्लूड जोड़ों में चिकनाई बनाए रखता है. हमारे जोड़े बिल्कुल मशीन जैसा काम करते हैं. मशीन को अगर तेल मिलता रहे तो वह चलती रहती है और तेल खत्म खो जाए तो जाम पड़ जाती है. ठीक इसी तरह जब यह लुब्रिकेंट जोड़ों में रहता है जोड़ों में दर्द या जकड़न नहीं होती लेकिन सर्दी के मौसम में साइनोवियल फ्लूड गाढ़ा या जम जाता है जिससे जोड़े अकड़ जाते हैं.
विटामिन डी की कमी
अधिकतर भारतीयों में विटामिन डी की कमी है क्योंकि वह धूप में नहीं बैठते. जब शरीर में इस विटामिन की कमी हो तो हड्डियां कमजोर होने लगती हैं. जो लोग हड्डियों की मजबूती के लिए खूब कैल्शियम लेते हैं, वह इस बात से अंजान होते हैं कि विटामिन डी के बिना कैल्शियम, विटामिन सी और विटामिन ए शरीर में एब्जॉर्ब नहीं हो पाते हैं.
एक्सरसाइज करने से 40% लोगों को गठिया से छुटकारा मिल जाता है (Image-Canva)
डिप्रेशन बढ़ाता दर्द
सर्दी में ज्यादातर समय सूरज नहीं दिखता, दिन छोटे होते हैं और रातें लंबी. इस डार्क माहौल की वजह से कई लोग सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर यानी SAD का शिकार हो जाते हैं. यह एक तरह का विंटर डिप्रेशन होता है जो मौसम बदलने के साथ ही ठीक हो जाता है. कुछ रिसर्च में यह सामने आया कि जिन लोगों को सर्दी में डिप्रेशन रहता है, उनके जॉइंट्स सेंसिटिव हो जाते हैं. ऐसे में उन्हें जकड़न और दर्द ज्यादा महसूस होता है.
गठिया भी हो सकता है
अक्सर उम्र बढ़ने के साथ कई बार लोग अर्थराइटिस यानी गठिया के शिकार हो जाते हैं. इस बीमारी में जॉइंट्स कमजोर हो जाते हैं जिससे उनमें दर्द और जकड़न रहती है. ऐसे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है. सर्दी के मौसम में दिक्कत और बढ़ जाती है. गठिया विटामिन डी, सी और कैल्शियम की कमी की वजह से हो सकता है. अक्सर महिलाओं को मेनोपॉज के बाद जॉइंट्स में दर्द या अकड़न की समस्या बढ़ जाती है क्योंकि उनके शरीर में एस्ट्रोजन नाम का हार्मोन बनना बंद हो जाता है. यह हार्मोन महिलाओं की हड्डी के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है.
वॉक और वर्कआउट को ना भूलें
हर मौसम में टहलना और एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है. इससे शरीर बीमारियों से दूर रहता है. सर्दियों में यह करना और जरूरी है. जैसे ही धूप निकले पार्क में वॉक करें या वर्कआउट. एक जगह बैठे ना रहें. एक्सरसाइज करने से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है और हर अंग में भरपूर ऑक्सिजन पहुंचती है जिससे जोड़ों में जकड़न या दर्द नहीं सताता. इसके अलावा शरीर को हमेशा गर्म कपड़ों से गर्म रहें. इसके लिए कई लेयर में कपड़े पहनें. जॉइंट को कभी खुल्ला ना छोड़े. उन्हें बॉडी वार्मर, ऊनी सॉक्स, ग्लव्स, स्वेटर से कवर करके रखें.
खूब सारा पानी पीएं
ठंड में अक्सर लोग पानी पीना कम कर देते हैं जिससे शरीर डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाता है. पानी की कमी से जॉइंट्स की मसल्स में तनाव आ जाता है क्योंकि शरीर का अंदरूनी तापमान भी नियंत्रित नहीं रह पाता. लगातार पानी पीने से शरीर को ऑक्सिजन मिलती रहती है जिससे एनर्जी बनी रहती है और मांसपेशियां थकती नहीं हैं. ठंड के मौसम में हल्का गुनगुना या नॉर्मल पानी ही पीना चाहिए.
ठंड में ज्यादा चाय-कॉफी पीने से बचें (Image-Canva)
बड़े काम की हीट थेरेपी
जोड़ों में जकड़न हो तो गर्म पानी की बोतल से सिकाई करें. आजकल कई इलेक्ट्रिक हॉट बैग आते हैं, उनसे भी सेक कर सकते हैं. हमेशा गर्म पानी से नहाएं, सोना बाथ ले सकते हैं. अगर हाथ और पैरों के जॉइंट्स में जकड़न है तो पैराफिन बाथ भी उपयोगी है. यह एक डिवाइस होता है जिसमें पैराफिन वैक्स होती है. इसे जॉइंट्स पर रखा जाता है और जब शरीर गर्म हो जाता है तो इस वैक्स को हटा दिया जाता है.
खाने में रंग बिरंगी सब्जी-फल शामिल करें
हमारा शरीर वैसा ही बनता है, जैसी हम डाइट लेते हैं. सर्दियों में अगर जोड़ों में जकड़न महसूस हो तो अपनी डाइट में एंटी इंफ्लामेशन से भरपूर फूड आइटम को शामिल करें. रंग बिरंगे फल और सब्जियां दवा का काम करती हैं. नट्स, सीड्स, फिश से भरपूर ओमेगा 3 लें. खट्टे फल, ब्रोकोली, शिमला मिर्च और टमाटर में विटामिन सी होता है, इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. प्लेट में राजमा, छोले, चने, मटर और दालें शामिल करें. इसके अलावा केसर, खजूर और ड्राई फ्रूट्स खाएं, इससे शरीर गर्म रहता है. डाइट से फास्ट फूड, फ्राइड फूड, वाइट रिफाइंड अनाज, तेल, चीनी और पैक्ड फूड को निकाल दें.
FIRST PUBLISHED : December 18, 2024, 17:14 IST
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-why-cold-weather-can-cause-joints-stiffness-how-to-take-care-of-them-8903906.html

















