Tuesday, March 3, 2026
27 C
Surat
[tds_menu_login inline="yes" guest_tdicon="td-icon-profile" logout_tdicon="td-icon-log-out" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNiIsIm1hcmdpbi1ib3R0b20iOiIwIiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyNSIsImRpc3BsYXkiOiIifSwicG9ydHJhaXQiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiMiIsIm1hcmdpbi1sZWZ0IjoiMTYiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsImxhbmRzY2FwZSI6eyJtYXJnaW4tcmlnaHQiOiI1IiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyMCIsImRpc3BsYXkiOiIifSwibGFuZHNjYXBlX21heF93aWR0aCI6MTE0MCwibGFuZHNjYXBlX21pbl93aWR0aCI6MTAxOX0=" icon_color="#ffffff" icon_color_h="var(--dark-border)" toggle_txt_color="#ffffff" toggle_txt_color_h="var(--dark-border)" f_toggle_font_family="global-font-2_global" f_toggle_font_transform="uppercase" f_toggle_font_weight="500" f_toggle_font_size="13" f_toggle_font_line_height="1.2" f_toggle_font_spacing="0.2" ia_space="0" menu_offset_top="eyJhbGwiOiIxNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTIiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMyJ9" menu_shadow_shadow_size="16" menu_shadow_shadow_color="rgba(10,0,0,0.16)" f_uh_font_family="global-font-1_global" f_links_font_family="global-font-1_global" f_uf_font_family="global-font-1_global" f_gh_font_family="global-font-1_global" f_btn1_font_family="global-font-1_global" f_btn2_font_family="global-font-1_global" menu_uh_color="var(--base-color-1)" menu_uh_border_color="var(--dark-border)" menu_ul_link_color="var(--base-color-1)" menu_ul_link_color_h="var(--accent-color-1)" menu_ul_sep_color="#ffffff" menu_uf_txt_color="var(--base-color-1)" menu_uf_txt_color_h="var(--accent-color-1)" menu_uf_border_color="var(--dark-border)" show_version="" icon_size="eyJhbGwiOjIwLCJwb3J0cmFpdCI6IjE4In0=" menu_gh_color="var(--base-color-1)" menu_gh_border_color="var(--dark-border)" menu_gc_btn1_color="#ffffff" menu_gc_btn1_color_h="#ffffff" menu_gc_btn1_bg_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn1_bg_color_h="var(--accent-color-2)" menu_gc_btn2_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn2_color_h="var(--accent-color-2)" f_btn2_font_size="13" f_btn1_font_size="13" toggle_hide="yes" toggle_horiz_align="content-horiz-center" menu_horiz_align="content-horiz-center" f_uh_font_weight="eyJsYW5kc2NhcGUiOiI3MDAiLCJhbGwiOiI3MDAifQ==" f_gh_font_weight="700" show_menu="yes" avatar_size="eyJhbGwiOiIyMiIsImxhbmRzY2FwZSI6IjIxIiwicG9ydHJhaXQiOiIxOSJ9" page_0_title="My Articles" menu_ul_sep_space="0" page_0_url="#"]

सौ रोगों की एक दवा…ये महज फूल नहीं कई बीमारियों में है रामबाण इलाज, मोटापा-बीपी में भी कारगर


बलिया: लोग अक्सर पौधों की खूबसूरती देखकर उन्हें सजावट के रूप में घरों में लगा लेते हैं, लेकिन कई पौधों के फायदे हैरान करने वाले होते हैं. इन्हीं में से एक है मधुमालती, जिसकी सुगंध हर किसी को अपनी तरफ खींच लेती है. इसकी सुगंध दूर तक फैलती है और लोगों को सुकून देती है. यह पौधा घर के मुख्य द्वार या अन्य जगहों पर सजावट के रूप में भी प्रयोग किया जाता है. इसके फूल बेहद खूबसूरत और आकर्षक होते हैं.

मधुमालती सिर्फ एक सजावटी पौधा नहीं है, बल्कि इसका उल्लेख प्राचीन चिकित्सा ग्रंथ सुश्रुत संहिता में भी किया गया है. यह तमाम बीमारियों के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है. आइए जानते हैं, एक्सपर्ट इसके बारे में क्या कहते हैं.

राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की चिकित्साधिकारी डॉ. प्रियंका सिंह ने Bharat.one को बताया कि मधुमालती बहुत ही खूबसूरत पौधे की लता होती है. इसके औषधीय गुणों का सुश्रुत संहिता में विस्तार से वर्णन किया गया है. यह न केवल खूबसूरती के लिए लगाया जाता है, बल्कि इसकी सुगंध आसपास के घरों को भी सुगंधित बना देती है.

ये हैं हैरान करने वाले मधुमालती के फायदे और…

किडनी और सूजन – अगर किडनी खराब हो रही हो या पूरे शरीर में सूजन हो रही हो तो मधुमालती के छाल का काढ़ा पीने से बहुत लाभ मिलता है.

लड़कियों की समस्या- जो आजकल लड़कियों में पीसीओडी या कोई भी हार्मोनल समस्या असंतुलित हो रही है उसमें भी इसकी छाल का काढ़ा बेहद लाभकारी है. मोटापा दूर करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया सकता है

महिलाओं के लिए रामबाण- महिलाओं में लिकोरिया या श्वेत प्रदर की समस्या होती है उस स्थिति में इसके फूलों का ताजा रस निकालकर सेवन करें क्योंकि इसमें न्यूट्रीशनल वैल्यू बहुत ज्यादा होती है तो कमर दर्द और हड्डियों में दर्द जैसी समस्या से छुटकारा मिलता है.

चर्म रोग से बचाव- अगर किसी को त्वचा रोग है, खुजली या घाव हो रहा है तो इसकी पत्तियों का लेप करने से बनाकर लगाने से लाभ मिलता है.

खांसी में राहत- अगर किसी को खांसी की समस्या है. जैसे – कोई तुलसी के काढ़े का सेवन कर रहा हो तो उसमें मधुमालती की पत्तियां डालकर सेवन करें काफी आराम मिलता है. इस पर काफी रिसर्च भी हुए हैं.

मोटापा कम- इसके बीज के चूर्ण को गर्म पानी से मिलाकर या छाछ के साथ लेने से मोटापे में भी काफ़ी राहत मिलती है.

अपच में लाभ- अगर किसी को अपच की समस्या है तो इसकी पत्तियों का काढ़ा बनाकर पिए तो उसमें भी लाभ मिलता है. किसी को ग्रहणी, IBS या प्रवाही जैसी बीमारियां होती है तो वह भी इसके काढ़े से ठीक हो जाती है.

गर्मी से राहत- अगर किसी को बहुत ज्यादा गर्मी लग रही हो तो इसके छाल और पत्तियों को भीगा कर रख दें गर्म न करे और सुबह पानी उबालकर पीने से लाभ मिलता है.

बीपी और कफ बुखार – अगर किसी को बीपी, हिचकी और ड्राई कफ की समस्या है तो इसकी पत्तियों का ताजा रस निकाल शहद के साथ सेवन करें. किसी को बुखार आ रहा हो या पेशाब में इंफेक्शन हो तो फूल और छाल को भीगा कर बचे पानी के काढ़े का सेवन करने से पेशाब की जलन में लाभ मिलता है.

(NOTE- इस मधुमालती औषधि का साइड इफेक्ट्स तो नहीं है लेकिन उम्र और बीमारी के हिसाब से एक एक्सपर्ट से सलाह लेकर ही प्रयोग करें नहीं तो हानिकारक हो सकता है.)

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Bharat.one किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-madhumalatis-unique-style-gives-peace-also-cures-diseases-expert-told-the-anonymous-secret-8546273.html

Hot this week

Topics

Ravi Pradosh Vrat Katha in hindi | रवि प्रदोष व्रत कथा

होमताजा खबरधर्मआज रवि प्रदोष व्रत, शिव पूजन के...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img