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Stroke Prevention: स्ट्रोक यानी दिमाग में ऑक्सीजन की आपूर्ति का कम होना या बंद होना है. समय से पहले मौत के जितने कारण होते हैं उनमें स्ट्रोक चौथा सबसे बड़ा कारण है. ऐसे में इस बीमारी का खतरा किसे जयादा है और कै…और पढ़ें
स्ट्रोक से बचाव का तरीका.
हाइलाइट्स
- देश में स्ट्रोक समय से पहले मौत का चौथा सबसे बड़ा कारण है.
- स्ट्रोक से बचाव के लिए वजन कम करें और नियमित व्यायाम करें.
- डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज वालों को स्ट्रोक का खतरा ज्यादा.
Stroke Prevention: स्ट्रोक ऐसी बीमारी है जिसमें दिमाग में खून पहुंचना कम हो जाता है या बंद हो जाता है. इससे दिमाग की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति नहीं हो पाती या कम हो पाती है. इसका नतीजा होता है कि दिमाग की कोशिकाओं की मौत. जब दिमाग की कोशिकाओं को एकदम से खून नहीं पहुंचता तो ये कोशिकाएं कुछ मिनट के अंदर मरना शुरू हो जाती है. ऐसे में मरीज की तत्काल भी मौत हो सकती है. यही कारण है कि समय से पहले अगर मौत होती है तो उसमें स्ट्रोक चौथा बड़ा कारण बन जाता है. इसलिए स्ट्रोक बीमारी के प्रति सतर्क रहना बहुत जरूरी है.
मेडट्रॉनिक के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. मनदीप सिंह कुमार ने बताया कि अक्सर हमलोग उन बीमारियों के बारे में नहीं सोचते जो अचानक आती है. स्ट्रोक इन्हीं में से एक है. भारत में स्ट्रोक बड़ी चुनौती बनती जा रही है क्योंकि स्ट्रोक चौथा सबसे बड़ा मौत का कारण है. इतना ही नहीं यह पांचवां सबसे बड़ा अपंगता का कारण भी है. सबसे ज्यादा मरीज में लकवा की बीमारी हो जाती है जिससे शारीरिक अपंगता हो जाती है. स्ट्रोक के बाद अधिकांश मामलों में व्यक्ति अपंग हो जाता है. इससे बचने के लिए बेहतर तकनीक और थेरेपी उपलब्ध है इसके बावजूद इसकी 1 प्रतिशत से भी कम लोगों तक पहुंच है. यही कारण है कि स्ट्रोक के बाद अधिकांश लोगों की मौत हो जाती है. ऐसे में लोगों में जागरुकता की जरूरत है जिससे स्ट्रोक के कारण होने वाली मौतों को रोका जा सके.
स्ट्रोक का कारण
डॉ. मनदीप सिंह ने बताया कि तीन तरह के स्ट्रोक लोगों को आते हैं. एक है इश्चेमिक स्ट्रोक. इसमें शरीर के अंदर गड़बड़ियों के कारण दिमाग को पहुंचने वाली खून की नलियां या तो ब्लॉक हो जाती है या बहुत संकरी हो जाती है जिससे खून बहुत मामूली पहुंच पाती है. इसके अलावा खून की नलियों में कभी-कभी खून का थक्का बनने के कारण ही जाम हो जाता है. इन सभी स्थितियों में दिमाग की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और अन्य पोषक तत्व पहुंचना बंद हो जाता है. इसके कई कारण हो सकते हैं. जैसे कि यदि आपका लाइफस्टाइल और खान पान सही नहीं रहेगा तो इससे खराब चर्बी खून की नलियों में चिपकने लगेगा और वह या तो इस रास्ते को संकरा कर देगी या नली को ही फाड़ देगी. दूसरा स्ट्रोक है हेमरेज स्ट्रोक. इसमें किसी एक्सीडेंट के कारण खून की नलियां फट जाती है या उसमें थक्का बन जाता है. इसके साथ यदि हाई ब्लड प्रेशर है तो अचानक खून की नलियों अंदर में फट जाएगी. कभी-कभी गलत इलाज के कारण खून को पतला करने वाली दवा ज्यादा दे दी जाती है, तब भी स्ट्रोक हो सकता है. अगर ब्लड वैसल्स में प्रोटीन का जमावड़ा हो तो भी स्ट्रोक हो सकता है. तीसरा कारण होता है ट्रांसिएंट इश्लेचेमिक अटैक. यह टेंपररी होता है और आमतौर पर यह कम खून की आपूर्ति के कारण होता है इसमें स्थायी डैमेज नहीं होता है.
किन लोगों को है ज्यादा खतरा
जो लोग ज्यादा वजन के हैं, बहुत ज्यादा शिथिल रहते हैं, एक्सरसाइज बिल्कुल भी नहीं करते, चलते-फिरते नहीं है, अवैध ड्रग लेते हैं उन्हें स्ट्रोक का खतरा ज्यादा है. इसके अलावा खराब लाइफ स्टाइल और ज्यादा फैटी चीजें खाने से भी स्ट्रोक का जोखिम रहता है. इसके साथ ही डायबिटीज, हार्ट डिजीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, स्लीप एप्निया की स्थिति वालों को भी स्ट्रोक का जोखिम ज्यादा रहता है.
स्ट्रोक के रिस्क को कैसे कम करें
सबसे पहले तो हर हाल में अपना वजन कम कर लें और नियमित रूप से एक्सरसाइज करें. इसके अलावा हर हाल में अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करें. अगर आप सिगरेट-शराब पीते हैं तो उसे छोड़ दें. हार्ट संबंधी कोई भी बीमारी है तो उसकी दवा करें. कार्डियोलॉजिस्ट से रेगुलर चेकअप कराएं. डायबिटीज है तो उसकी दवा करें और शुगर को मैनेज करें. तनाव न लें, हमेशा खुश रहें. योग मेडिटेशन से तनाव और एंग्जाइटी को भगाते रहें.
January 23, 2025, 17:11 IST
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-stroke-fourth-leading-cause-of-death-says-dr-mandeep-know-how-to-prevent-from-stroke-8981009.html







