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स्वास्थ्य के लिए रामबाण है यह पहाड़ी बीज, सर्दियों में जुकाम चुटकियों में हो जाएगा गायब, घरेलू नुस्खों में है सबसे ज्यादा कारगर

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बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर जैसे कई पहाड़ी इलाकों में आज भी घरेलू नुस्खे आजमाएं जाते हैं. इन्हीं में से एक नुस्खा तिमूर के बीजों का भी है. तिमूर के बीजों को पहाड़ की काली मिर्च भी कहा जाता है. यहां की महिलाएं तिमूर के बीजों को खरे मसाले के रूप में इस्तेमाल करती हैं.

वहीं, स्थानीय जानकर रमेश पर्वतीय ने Bharat.one से बातचीत करते हुए बताया कि तिमूर के बीज कई प्रकार के घरेलू नुस्खों में भी काम आते है. जैसे सालों पुराने दांत दर्द को ठीक करने, मुंह की बदबू को कम करने के साथ ही इसके बीजों को पीसकर चूर्ण बनाकर बच्चों को खिलाने से सर्दी-जुकाम गायब हो जाता है.

तिमूर के बीज की मसालों में खास जगह

तिमूर के बीजों को पहाड़ की महिलाएं पारंपरिक मसाले के रूप में इस्तेमाल करती हैं. यह मसाले की खुशबू और स्वाद को बढ़ाने में मददगार होता है. साथ ही औषधीय गुणों से भरपूर होता है. इनका उपयोग पहाड़ में खरे मसाले के रूप में किया जाता है, जो खाने को न केवल स्वादिष्ट बनाते हैं, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी बनाते हैं.

सर्दी-जुकाम का रामबाण इलाज

स्थानीय जानकार रमेश पर्वतीय बताते हैं कि तिमूर के बीज सर्दी-जुकाम जैसे सामान्य संक्रमणों के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. बीजों को पीसकर चूर्ण बनाकर बच्चों को खिलाने से जुकाम और खांसी तुरंत ठीक हो जाती है. यह प्राकृतिक औषधि ठंड के मौसम में विशेष रूप से कारगर साबित होती है.

दांत दर्द और मुंह की बदबू में असरदार

तिमूर के बीज पुराने दांत दर्द को ठीक करने के लिए भी फायदेमंद हैं. बीजों को चबाने या उनके चूर्ण का उपयोग करने से दांतों और मसूड़ों में दर्द कम हो जाता है. साथ ही यह मुंह की बदबू को भी दूर करता है, जिसका मात्र एक बीज खाने से मुंह दिनभर तरोताजा रहता है.

घाव और चोट के निशान को करता है कम

चोट लगने पर तिमूर के बीज का उपयोग पारंपरिक उपचार के रूप में किया जाता है. बीजों को पीसकर घाव या चोट के निशान पर लगाने से त्वचा की रिकवरी तेज होती है और निशान कम हो जाते हैं. यह प्राकृतिक उपचार बिना किसी साइड इफेक्ट के अपना असर दिखाता है.

तिमूर के बीजों का बढ़ता महत्व

आज भी बागेश्वर और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में तिमूर के बीजों का उपयोग जारी है, हालांकि इसे बड़े पैमाने पर भी प्रचार-प्रसार मिल चुका है, वर्तमान समय में उत्तराखंड के अलावा बाहर के लोग इसे ऑनलाइन मंगवाकर इसका लाभ ले रहे हैं. इस औषधीय मसाले से कई फायदे लिए जा सकते हैं. तिमूर के बीज पहाड़ी इलाकों के परंपरा मसालों का हिस्सा हैं. साथ ही आधुनिक जीवन में स्वास्थ्य और स्वाद का अनमोल खजाना है.


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/tips-and-tricks-timur-seed-panacea-for-health-in-bageshwar-home-remedies-for-cold-bad-breath-will-disappear-local18-8845524.html

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