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शादी के बाद पहली बार शारीरिक संबंध बनाने पर महिलाओं को हनीमून सिस्टाइटिस (UTI) हो सकता है. हाइजीन का ध्यान रखें और लक्षणों पर डॉक्टर से संपर्क करें.
न्यू मैरिड गर्ल्स के लिए दर्दनाक है हनीमून सिस्टाइटिस, जानें कैसे करें बचाव.
हाइलाइट्स
- हनीमून सिस्टाइटिस से बचने के लिए हाइजीन का ध्यान रखें.
- शारीरिक संबंधों के बाद पेशाब करें और पानी अधिक पिएं.
- लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
Honeymoon Cystitis: शादी के बाद कपल्स की सबसे खास मोमेंट सुहागरात होती है. कपल्स इसे यादगार बनाने के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन्स का चयन करते हैं. इसके बाद खुलकर एंज्वाय करते हैं. लेकिन, आपको बता दूं कि, शादी के बाद पहली बार शारीरिक संबंध बनाने से पहले गर्ल्स को कुछ बातों का जरूर ध्यान रखना चाहिए. खासतौर पर नई नवेली दुल्हनों या फिर लंबे समय बाद संबंध बनाने वाली महिलाओं को. इसमें सबसे पहले जरूरी है हाइजीन का पूरा ध्यान रखें. ऐसा न होने वे यूरिन इंफेक्शन का शिकार हो सकती हैं. इस स्थिति को हनीमून सिस्टाइटिस यानी मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI) कहा जाता है.
डॉक्टर की मानें तो, नई नवेली दुल्हनों को कई बार इंटीमेट हाईजीन से जुड़ी कुछ बातों की जानकारी नहीं होती. इसके चलते वे इंफेक्शन का शिकार हो जाती हैं. वैसे तो यह परेशानी कुछ दिनों को खुद ही ठीक हो सकती है, लेकिन समस्या बढ़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूरी है. अब सवाल है कि आखिर हनीमून सिस्टाइटिस क्या है? किन कारणों से होता है सिस्टाइटिस? बचने के लिए क्या करें उपाय? हनीमून सिस्टाइटिस का इलाज क्या है? इस बारे में Bharat.one को बता रही हैं राजकीय मेडिकल कॉलेज कन्नौज में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट एवं सर्जन डॉ. शशि शुक्ला-
डॉ. शशि शुक्ला बताती हैं कि, पहली बार या लंबे समय बाद संबंध बनाने पर हनीमून सिस्टाइटिस की समस्या बहुत कॉमन है. लेकिन इस बारे में महिलाएं अक्सर बात करने में संकोच करती हैं, जिससे उन्हें इलाज में देरी हो सकती है. यह स्थिति न केवल शारीरिक असहजता का कारण बनती है, बल्कि मानसिक तनाव भी पैदा कर सकती है. यही नहीं, इसकी अनदेखी से कई बार किडनी संक्रमण का भी जोखिम बढ़ सकता है.
हनीमून सिस्टाइटिस क्या है?
हनीमून सिस्टाइटिस एक प्रकार का यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन है जो शारीरिक संबंधों के बाद महिलाओं को प्रभावित करता है. यह इंफेक्शन तब होता है जब बैक्टीरिया यूरीनरी ट्रैक्ट में प्रवेश कर जाता है. ज्यादातर यह समस्या कुछ दिनों या हफ्ते तक रह सकती है.
सिस्टाइटिस का कारण क्या है?
एक्सपर्ट के मुताबिक, हनीमून सिस्टाइटिस का मुख्य कारण शारीरिक संबंधों के दौरान मूत्र मार्ग में बैक्टीरिया का प्रवेश होना है. इसके अलावा, हाइजीन का ध्यान न रखने से भी इसका जोखिम बढ़ता है.
हनीमून सिस्टाइटिस के लक्षण
सिस्टाइटिस होने पर पेशाब करते समय दर्द, जलन या चुभन तथा सामान्य से अधिक बार और तुरंत पेशाब आने जैसा महसूस होगा. वहीं, कुछ गर्ल्स के पेट के निचले हिस्से में दर्द, पेशाब से बदबू और हल्का बुखार भी आ सकता है. महिलाओं को सिस्टिटिस होने पर वैसे तो डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है, लेकिन, समस्या अधिक होने पर एक्सपर्ट की सलाह जरूरी है.
सिस्टाइटिस से बचने के उपाय?
हनीमून सिस्टाइटिस से बचाव के लिए शारीरिक संबंधों से पहले और बाद में पेशाब करें, हाइजीन का ध्यान रखें, वॉटर का अधिक सेवन करें, हल्के गर्म पानी से नहाएं, हर बार टॉयलेट यूज करने पर प्राइवेट पार्ट को धोएं और साफ अंडरगारमेंट पहनें साथ ही को हर 24 घंटे में चेंज करें.
सिस्टाइटिस का इलाज क्या है?
यदि हनीमून सिस्टाइटिस के लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. डॉक्टर एंटीबायोटिक का सेवन करने की सलाह दे सकते हैं, जिससे बैक्टीरिया का प्रभाव कम हो सके. सही समय पर इलाज से समस्या जल्द ठीक हो जाती है और संक्रमण से बचाव होता है.
March 19, 2025, 12:30 IST
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/women-special-newly-married-girls-tips-before-going-honeymoon-cystitis-is-painful-keep-these-things-in-mind-before-going-on-wedding-night-9112098.html

















