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News18hindi के व्हाट्सएप ग्रुप पर सीने में होने वाले गैस्ट्रिक दर्द और कार्डियक दर्द को लेकर सवाल पूछा है. जिसका जवाब मेदांता अस्पताल नोएडा के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. परनीश अरोड़ा ने दिया है. आइए जानते हैं सीने में होने वाले दर्द से कैसे पहचानें कि यह हार्ट अटैक की चेतावनी है या सामान्य गैस का दर्द?
यह सवाल News18hindi के व्हाट्सएप ग्रुप पर मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाले एक शख्स ने भेजा है. जिसका जवाब मेदांता अस्पताल नोएडा में डायरेक्टर, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डॉ. परनीश अरोड़ा ने दिया है. अगर आपका भी कोई सवाल है तो आप इस व्हाट्सएप लिंक या इस नंबर https://wa.me/+918076349631 पर भेज सकते हैं, हम देश के एक्सपर्ट डॉक्टरों से जवाब लेकर आप तक पहुंचाएंगे. फिलहाल ऊपर दिए गए सवाल का जवाब जानते हैं..
डॉ. परनीश अरोड़ा बताते हैं, ‘ हां अक्सर ऐसा होता है कि हार्ट अटैक के वॉर्निंग साइन के रूप में होने वाले दर्द को लोग गैस्ट्रिक पेन समझते रहते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जिस जगह पर यह दर्द होता है, वह कॉमन है. यानि यह पेट के ऊपर भाग में होता है, जहां हार्ट का भी दर्द हो सकता है और गैस्ट्रिक दर्द भी हो सकता है. तो सामान्य तौर पर दर्द महसूस होने के बाद यह अंतर करना मुश्किल होता है कि यह गैस्ट्रिक पेन है या कार्डियक पेन है, लेकिन कुछ और लक्षण हैं, जिनसे यह पहचान की जा सकती है कि कहीं यह हार्ट अटैक का वॉर्निंग साइन तो नहीं है.’
‘अगर किसी व्यक्ति को पहले ऐसा दर्द नहीं हुआ और यह अचानक हुआ है, साथ ही अगर आपको दर्द के साथ बहुत ज्यादा बेचैनी है, पसीना आ रहा है, बहुत ज्यादा बीमार महसूस कर रहे हैं या बेहोशी आ रही है तो यह गैस्ट्रिक पेन नहीं बल्कि कार्डियक पेन हो सकता है. अगर दर्द कम होने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है तो भी खतरनाक हो सकता है. जिन लोगों को बार-बार ऐसा दर्द होता है तो उन्हें समझ में आ जाता है कि यह गैस्ट्रिक इश्यू है, लेकिन अचानक अगर दर्द के साथ ये लक्षण उभरने लगें तो मान लेना चाहिए कि हार्ट में कुछ समस्या आ रही है.’
वे आगे कहते हैं, अगर पहली बार आपको इस तरह की परेशानी और बेचैनी हो रही है और ये बढ़ती जा रही है तो इसके लिए जरूरी है कि आप कार्डियोलॉजिस्ट के पास या किसी अस्पताल की इमरजेंसी में जरूर जाएं. हो सकता है कि इसके बाद आपका ईसीजी किया जाए और वह नॉर्मल आए, लेकिन कभी भी कार्डियोलॉजिस्ट क्लीनिकली जांच करने के बाद एक ही ईसीजी करके यह नहीं तय करना चाहिए कि यह गैस्ट्रिक ही था. इसके लिए कम से कम 4 से 6 घंटे तक मल्टीपल या सीरियल ईसीजी और कार्डियक एंजाइम्स-ब्लड टेस्ट्स की जरूरत होती है, ताकि अगर कोई भी कार्डियक इश्यू हो तो इन घंटों में उसके बारे में पता चल सके, क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि पहली बार में मरीज का ईसीजी नॉर्मल आया और उसे लगा कि यह हार्ट का इश्यू नहीं था लेकिन कुछ देर बाद उसे फिर से कार्डियक पेन हो और अटैक आ जाए.
इसलिए सबसे जरूरी है कि दर्द के साथ बहुत ज्यादा पसीना आना, बेचैनी होना आदि अन्य लक्षणों को भी ध्यान में रखें और कोई परेशानी होने पर मेडिकल हेल्प जरूर लें. गैस्ट्रिक हो या कार्डियक किसी भी दर्द को इग्नोर न करें.
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अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.Bharat.one.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्…और पढ़ें
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