
Neck Cancer Symptoms: कैंसर शरीर में कहीं भी हो सकता है. यदि मुंह, गला या सिर के आसपास कैंसर फैल जाए तो इसे गले का कैंसर या ओरल कैंसर या माउथ कैंसर कहते हैं. इसमें सिर्फ जगह का फर्क होता है. यानी गर्दन से लेकर सिर तक के कैंसर को आप सिर और गले का कैंसर कह सकते हैं. जितने भी तरह के कैंसर होते हैं, सबकी शुरुआत बहुत धीमी होती है और इसे पूरी तरह विकसित होने में कई साल लग सकते हैं. इसलिए कहा जाता है शरीर में छोटा सा भी बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. क्योंकि अगर शुरुआत में कैंसर की पकड़ हो गई तो इसका सौ फीसदी इलाज किया जा सकता है. ऐसे में हमारा मकसद यही है कि हर कोई इस खतरनाक बीमारी के प्रति जागरूक हो. यहां हम गले के कैंसर के कुछ प्रमुख संकेतों के बारे में बता रहे हैं जिसकी पहचान कर कोई भी अलर्ट हो सकता है.
गले के कैंसर की पहचान कैसे करें
1. गले में मस्सा या गांठ-गले के किसी भी हिस्से में यदि मस्सा या गांठ दिखे तो तुरंत चौकन्ना हो जाना चाहिए. यह गले के कैंसर का संकेत हो सकता है. हालांकि जरूरी नहीं कि यह कैंसर ही हो लेकिन इसका रिस्क ज्यादा रहता है. इसमें गले की स्किन में बेतरतीब उभार आने लगते हैं.
2. मुंह में घाव-मुंह में छाले, फोड़े, फुंसी होते रहते हैं. इसे लोग आसानी से ठीक भी कर लेते हैं लेकिन अगर मुंह में घाव हो और ठीक न हो तो इसे खतरे की घंटी समझना चाहिए. ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर के पास जाएं बल्कि कैंसर के डॉक्टर के पास जाएं.
3. कफ में खून-अगर कफ के साथ खून आने लगे तो इसके कई कारण हो सकते हैं लेकिन यह कैंसर का भी कारण हो सकता है. इसके लिए जांच कराने से ही पता चलेगा. ऐसे मामले में कोताही न बरतें और तुरंत डॉक्टर से दिखाएं.
4. दांतों में ढीलापन-अगर गले या मुंह में कैंसर होता है तो दांत ढीले होने लगते हैं. जब दांत ढीले होने लगे तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए.
5. आवाज में भारीपन-अगर बहुत ज्यादा सर्दी है तो थोड़ा बहुत आवाज में भारीपन आ जाता है लेकिन जब इसके बिना भारीपन आ जाए या भारीपन जाए ही नहीं तो इसका मतलब है कि गले के कैंसर की शुरुआत हो सकती है.
6. खाने में दर्द-जब आप खाना खा रहे हैं या निगल रहे हैं तो इसमें दिक्कत होती है या दर्द होता है तो यह भी कैंसर का संकेत हो सकता है. ऐसे मामलों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
गले के कैंसर का कारण
सर गंगाराम अस्पातल में कैंसर विभाग में कंसल्टेंट डॉ. आदित्य सरीन ने बताया कि मुंह या गले के कैंसर के अधिकांश मामलों में स्मोकिंग, तंबाकू और गुटखा ही जिम्मेदार होते हैं. बहुत कम मामलों में जीन जिम्मेदार होते हैं. इसके अलावा कुछ मामलों में पर्यावरणीय कारण हो सकते हैं. वहीं अल्कोहल और ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (HPV) यानी जननांगों में मस्सा के लिए जिम्मेदार वायरस भी इसकी वजह हो सकती है.
ओरल कैंसर से बचने के तरीके
डॉ. आदित्य सरीन ने बताया कि गले या मुंह के कैंसर से बचने के लिए किसी भी तरह से तंबाकू का सेवन न करें. गुटखा और सुपारी का सेवन भी कैंसर की वजह बन सकता है. इसलिए इन चीजों को हाथ न लगाए. इसके अलावा शराब न पीएं. डॉ. आदित्य सरीन ने बताया कि यौन संबंध के दौरान ओरल संबंध या मुख मैथून से ह्यूमन पेपिलोमा वायरस का संक्रमण हो सकता है जो गले या मुंह के कैंसर के लिए जिम्मेदार हो सकता है. इसलिए सुरक्षित यौन संबंध बनाएं.
FIRST PUBLISHED : December 16, 2024, 10:15 IST
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-5-early-sign-and-symptoms-of-neck-cancer-know-cause-and-prevention-of-oral-cancer-8890294.html






