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5 Foods Reduces Cholesterol: कोलेस्ट्रॉल है तो काम की चीज लेकिन अगर इसकी मात्रा थोड़ी सी भी बढ़ जाए तो यह हमारे जान का दुश्मन बन जाता है. आज दुनिया में हार्ट संबंधी जितनी परेशानियां हो रही हैं उनमें अधिकांश का कारण हाई कोलेस्ट्रॉल है. कोलेस्ट्रॉल एक चिपचिपा पदार्थ है जो खून में अगर बढ़ जाए तो खून की नलियों को जाम करने लगता है. इससे खून का प्रवाह कम या रुक जाता है. इससे हार्ट अटैक होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.हाई कोलेस्ट्रॉल को मुख्य कारण हमारा गलत लाइफस्टाइल और गलत खान-पान है.अगर हमारा खान-पान सही और हम रेगुलर एक्सरसाइज करें तो इस कोलेस्ट्रॉल को शरीर में बढ़ने से रोक सकते हैं. इसलिए हम यहां विज्ञान के हिसाब से प्रमाणित ऐसे 5 फूड के बारे में बता रहे हैं जिनका सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोका जा सकता है.

आपने अक्सर सुना होगा कि फलां व्यक्ति डांस करते-करते हार्ट अटैक का शिकार हो गया. ऐसी बातें चलने लगती है कि उसे कुछ नहीं हो रहा था लेकिन हार्ट अटैक हो गया. दरअसल, अगर किसी को हार्ट अटैक आता है तो इसका लक्षण पहले से नहीं दिखता. यह अंदर ही अंदर शरीर में घटने वाली प्रक्रिया है. हार्ट अटैक के अधिकांश मामलों में हाई कोलेस्ट्रॉल कारण होता है. जब खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है तब यह धमनियों की दीवार से चिपकने लगता है और इस तरह यह हार्ट तक खून पहुंचने में बाधा पहुंचाता है. जब हार्ट तक खून नहीं पहुंचेगा तो हार्ट अटैक हो जाएगा.

अब यह जान लीजिए कि खून में कोलेस्ट्रॉल न बढ़े या लिवर में कोलेस्ट्रॉल ज्यादा न बने इसके लिए विज्ञान प्रमाणित कौन-कौन से फूड हैं. इसमें ओट्स का पहले नंबर पर नाम आता है.हार्वर्ड हेल्थ के मुताबिक कोलेस्ट्रॉल स्तर को कम करने के सबसे आसान तरीकों में से एक ओट्स का सेवन है. नाश्ते में ओटमील या ठंडा ओट-आधारित सीरियल खाने से 1 से 2 ग्राम तक घुलनशील फाइबर मिलता है. ओट्स का कोलेस्ट्रॉल कम करने वाला प्रभाव इसमें मौजूद β-glucan से जुड़ा होता है. यह β-glucan आंतों की दीवार में चिपचिपाहट बढ़ाता है,जिससे कोलेस्ट्रॉल यहां चिपक नहीं पाता है. साथ ही इससे पोषक तत्वों के अवशोषण में देरी होता है जिससे बाइल एसिड के दोबारा अवशोषण को रोकता है. इस तरह बाइल एसिड शरीर से बाहर निकलता है और खून में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है.

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार भिंडी कम कैलोरी वाली सब्जी है जो घुलनशील फाइबर का अच्छा स्रोत है. अध्ययन के मुताबिक भिंडी का सेवन लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को काफी हद तक कम करता है. भिंडी टोटल कोलेस्ट्रॉल,फास्टिंग ब्लड शुगर और हीमोग्लोबिन में A1C स्तर को भी घटाती है.इसके अलावा, भिंडी लिपिड मेटाबॉलिज्म जीन और आंतों की माइक्रोबायोटा को प्रभावित करती है, जिससे लिपिड प्रोफाइल में सुधार होता है और हार्ट हेल्थ को फायदा मिलता है. भिंडी में फ्लेवोनॉयड्स और पॉलीफेनॉल जैसे प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट भी होते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके हार्ट को सुरक्षित रखते हैं. भिंडी में मौजूद घुलनशील फाइबर बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर बेहतर हृदय कार्यप्रणाली में मदद करता है.
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हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने में बैरीज भी बहुत फायदेमंद है. बेरीज़ बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए बेहतरीन मानी जाती हैं. ये छोटे, रंग-बिरंगे फल घुलनशील फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट्स और पॉलीफेनॉल से भरपूर होते हैं जो LDL स्तर को कम करते हैं. ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और रास्पबेरी जैसी बेरीज़ में एंथोसाइनिन की मात्रा अधिक होती है, जो एलडीएल को ऑक्सीडेशन से बचाती है और रक्त वाहिकाओं में सूजन को कम करती है. द अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार रोजाना बेरीज़ का सेवन बैड कोलेस्ट्रॉल को काफी कम करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है.

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के मुताबिक जौ हृदय रोग का जोखिम कम करने में मदद करता है. जौ में घुलनशील फाइबर की मात्रा अधिक होती है. अध्ययन के अनुसार जौ से प्राप्त β-glucan (घुलनशील फाइबर) बैड कोलेस्ट्रॉल को लगभग 10 mg/dL तक कम कर सकता है. एलडीएल को कम करने के अलावा जौ कुल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को भी प्रभावी रूप से घटाता है.जौ हाई ब्लड शुगर को घटाने में भी मदद करता है.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/health-5-foods-that-scientifically-proven-bring-down-cholesterol-levels-and-blood-sugar-9892652.html







