Home Lifestyle Health Ayurvedic remedies to balance Vaat: वात दोष संतुलन के आयुर्वेदिक उपाय

Ayurvedic remedies to balance Vaat: वात दोष संतुलन के आयुर्वेदिक उपाय

0
0


Last Updated:

वात दोष शरीर में ऊर्जा के लिए जिम्मेदार है, इसका असंतुलन त्वचा, बाल और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है. आयुर्वेद में वात दोष को संतुलित करने के लिए स्नेहपान, अभ्यंग, स्वेदन, अच्छा आहार, वेष्टन की सलाह दी जाती है. यहां आप इन्हें आसान भाषा में समझ सकते हैं.

वात दोष बिगड़ने से क्या होता है? राहत के लिए आजमाएं आयुर्वेद के ये 5 आसान उपाय
Generated image
शरीर में तीन दोष होते हैं – वात, पित्त और कफ, जिनका संतुलन जरूरी है. ये दोष शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए जिम्मेदार होते हैं. वात दोष वायु और आकाश से जुड़ा होता है, जिसका संतुलन शरीर में बिगड़ने से कई तरह की परेशानियां होने लगती है.  
Generated image
वात दोष शरीर में ऊर्जा के लिए जिम्मेदार है. इसका असंतुलन गति, संचार, सांस, दिल की धड़कन, त्वचा, बालों और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है. इसलिए इसका संतुलन बहुत बहुत जरूरी है. इसे संतुलित करने के लिए आयुर्वेद में कई तरीके बताए गए हैं.
Generated image
वात दोष को संतुलित करने का पहला तरीका- स्नेहपान: यदि शरीर में वात दोष बढ़ा हो तो इसे संतुलित करने के लिए आयुर्वेद में तेल का सेवन करने की सलाह दी जाती है. ऐसे में आप तिल के तेल का सेवन कर सकते हैं. तिल का तेल गर्म होता है और वात को संतुलित करता है. इसे खाने में मिलाकर लिया जा सकता है.
Generated image
वात दोष संतुलित रखने का दूसरा तरीका- अभ्यंग: वात दोष बिगड़ने पर शरीर में रुखेपन की समस्या बढ़ जाती है. यह साइड इफेक्ट आपको बालों और त्वचा पर महसूस हो सकता है. ऐसे में तेल से अभ्यंग करना फायदेमंदा होता है. इससे त्वचा को पोषण मिलता है. सिर, पैर और कानों के पीछे तेल लगाएं. यह तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करता है.
Generated image
वात दोष संतुलित रखने का तीसरा उपाय- स्वेदन: पसीना निकालें. एक्सरसाइज या योग से पसीना निकालने की कोशिश करें. इससे शरीर की ऊर्जा का प्रवाह बेहतर होता है.
Generated image
वात दोष संतुलित करने का चौथा उपाय- अच्छा आहार:  इसका मतलब है ऐसी डाइट जिसमें तीन रस खट्टा, मीठा और नमकीन शामिल हो. लेकिन ध्यान रखें ये रस हेल्दी फूड्स के रूप में शामिल होने चाहिए. साथ ही इन्हें गरम खाना जरूरी है. यदि आपका वात दोष बिगड़ा हुआ है तो कोशिश करें कि आप रोजाना गरम खाना खाएं और इन रसों का ध्यान रखें. ये वात को संतुलित करने में मदद करते हैं.
Generated image
वात दोष संतुलित करने का पांचवां उपाय- वेष्टन: वात दोष के कम या ज्यादा होने पर शरीर में हड्डियों और जोड़ से जुड़ी दिक्कतें होने लगती है. ऐसे में जिस हिस्से में दर्द हो वहां गर्म पट्टी बांधें. इससे दर्द में आराम मिलेगा और वात शांत होगा.

About the Author

authorimg

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर Bharat.one Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

homelifestyle

वात दोष बिगड़ने से क्या होता है? राहत के लिए आजमाएं आयुर्वेद के ये 5 आसान उपाय

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Bharat.one किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-ayurvedic-remedies-to-balance-vaat-dosha-revealed-effective-methods-ws-el-10127363.html

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here